
नई दिल्ली। सूर्यकुमार यादव की कप्तानी में भारतीय क्रिकेट टीम ने इस वर्ष टी-20 विश्वकप जीता जरूर, लेकिन उनके भविष्य को लेकर पटकथा इस टूर्नामेंट से पहले ही लिख दी गई थी। टी-20 विश्वकप सात फरवरी से शुरू हुआ, लेकिन बीसीसीआई ने एशियाई खेलों के लिए भारतीय ओलंपिक संघ को संभावित खिलाड़ियों की लांग लिस्ट इसकी शुरुआत से पहले ही भेज दी थी। सूत्र बताते हैं कि इस लिस्ट में सूर्या का नाम नहीं था। इसका मतलब साफ है कि बीसीसीआई थिंक टैंक के मन में यह बात पहले से ही थी कि 2028 के टी-20 विश्वकप की योजना में सूर्यकुमार फिट नहीं बैठ रहे हैं।
क्रिकेट के ओलंपिक में शामिल होने और पाकिस्तान से कड़वाहट चरम पर होने के कारण बीसीसीआई के लिए एशियाई खेल महत्वपूर्ण हो गए हैं। एशियाई खेलों की लांग लिस्ट में बीसीसीआई ने कुछ परिवर्तन जरूर किए। एशियाड में मुख्य टीम भेजने का फैसला हुआ, लेकिन टी-20 विश्वकप जीतने के बावजूद 35 वर्षीय सूर्या को उससे बाहर रखा गया।
कोच गौतम गंभीर अपनी लंबी योजनाओं के लिए जाने जाते हैं। 2024 का विश्वकप जीतने के बाद रोहित शर्मा और विराट कोहली ने टी-20 से संन्यास की घोषणा की थी। इसके बाद सूर्यकुमार को कप्तान बनाते हुए कहा गया था कि उन्हें 2026 टी-20 विश्वकप को ध्यान में रखते हुए जिम्मेदारी मिली है। 2026 विश्वकप आते ही बोर्ड ने 2028 विश्वकप की योजना को अमलीजामा पहनाना शुरू कर दिया। इसमें सूर्य की खराब फॉर्म और उनकी बढ़ती उम्र ने अहम भूमिका निभाई, जिसके चलते विश्वकप से पहले ही वह भविष्य की योजनाओं से बाहर हो गए।
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