
नई दिल्ली । भारतीय क्रिकेट (Indian Cricket) में द्रविड़ परिवार की नई पीढ़ी ने राष्ट्रीय स्तर पर अपनी पहचान दर्ज करा दी है। पूर्व भारतीय कप्तान और दिग्गज बल्लेबाज राहुल द्रविड़ (Rahul Dravid) के छोटे बेटे अन्वय द्रविड़ (Anvay Dravid) को आगामी श्रीलंका दौरे (Sri Lanka Tour) के लिए भारत की अंडर-19 वनडे टीम में शामिल किया गया है। युवा विकेटकीपर-बल्लेबाज को घरेलू आयु वर्ग क्रिकेट में लगातार शानदार प्रदर्शन का पुरस्कार मिला है और इसे उनके क्रिकेट करियर (Cricket Career) का अब तक का सबसे महत्वपूर्ण पड़ाव माना जा रहा है।
भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड की जूनियर चयन समिति ने श्रीलंका दौरे के लिए अंडर-19 वनडे और मल्टी-डे टीमों की घोषणा की है। इस दौरे की शुरुआत जुलाई के पहले सप्ताह में होगी, जहां भारतीय टीम तीन वनडे और दो मल्टी-डे मुकाबले खेलेगी। चयनकर्ताओं ने भविष्य की राष्ट्रीय टीम तैयार करने की दिशा में कई युवा खिलाड़ियों पर भरोसा जताया है, जिनमें अन्वय द्रविड़ का नाम प्रमुख रूप से शामिल है।
17 वर्षीय अन्वय द्रविड़ ने पिछले कुछ समय में आयु वर्ग क्रिकेट में अपनी प्रतिभा का प्रभावशाली प्रदर्शन किया है। उनकी बल्लेबाजी के साथ-साथ विकेटकीपिंग क्षमता ने चयनकर्ताओं का ध्यान आकर्षित किया। उन्हें वनडे टीम में दो विकेटकीपरों में शामिल किया गया है, जो टीम प्रबंधन के उनके प्रति बढ़ते विश्वास को दर्शाता है। युवा खिलाड़ी के रूप में यह अवसर उनके विकास और अंतरराष्ट्रीय स्तर के अनुभव के लिए बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
अन्वय हाल के महीनों में वीनू मांकड़ ट्रॉफी में अपने प्रदर्शन के कारण चर्चा में रहे थे। कर्नाटक अंडर-19 टीम की कप्तानी करते हुए उन्होंने टीम को नॉकआउट चरण तक पहुंचाने में अहम भूमिका निभाई थी। टूर्नामेंट के दौरान उन्होंने लगातार उपयोगी पारियां खेलीं और दबाव की परिस्थितियों में भी संयम दिखाया। एक महत्वपूर्ण मुकाबले में उनकी नाबाद अर्धशतकीय पारी ने टीम को यादगार जीत दिलाई थी, जिसके बाद चयनकर्ताओं की नजर उन पर और मजबूत हुई।
इससे पहले भी अन्वय ने अंडर-16 स्तर पर शानदार प्रदर्शन करते हुए शतक जड़ा था। उनकी तकनीक, धैर्य और मैच परिस्थितियों के अनुसार खेलने की क्षमता को क्रिकेट विशेषज्ञों ने सराहा है। यही कारण है कि उन्हें भारतीय क्रिकेट की उभरती प्रतिभाओं में गिना जा रहा है। क्रिकेट जानकारों का मानना है कि द्रविड़ परिवार की क्रिकेट विरासत के साथ-साथ अन्वय ने अपनी मेहनत और प्रदर्शन के दम पर यह अवसर हासिल किया है।
यह चयन इसलिए भी विशेष माना जा रहा है क्योंकि अन्वय अभी आयु सीमा के अनुसार आगामी अंडर-19 विश्व कप चक्र के लिए पात्र रहेंगे। चयनकर्ता इस दौरे को वर्ष 2028 में होने वाले अंडर-19 विश्व कप की तैयारी की दिशा में शुरुआती कदम के रूप में देख रहे हैं। श्रीलंका की परिस्थितियों में खेलने का अनुभव युवा खिलाड़ियों को अंतरराष्ट्रीय चुनौतियों के लिए तैयार करने में मदद करेगा।
भारतीय टीम जून के अंत में श्रीलंका रवाना होगी और वहां सीमित ओवरों की श्रृंखला के बाद लंबे प्रारूप के मुकाबले खेले जाएंगे। इस दौरे पर सभी की निगाहें अन्वय द्रविड़ के प्रदर्शन पर रहेंगी। क्रिकेट प्रशंसक भी उत्सुक हैं कि क्या राहुल द्रविड़ की तरह उनका बेटा भी भारतीय क्रिकेट में लंबी और सफल पहचान बनाने की दिशा में मजबूत शुरुआत कर पाएगा।
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