
प्रयागराज । सोमवती अमावस्या के पावन पर्व पर (On the auspicious occasion of Somvati Amavasya) स्नान-दान करने जनसैलाब उमड़ पड़ा (Massive Crowd surged forth to perform ritual Bathing and Charity) । प्रयागराज, अयोध्या से लेकर उज्जैन और नर्मदापुरम तक श्रद्धालुओं का तांता लगा रहा ।
सोमवती अमावस्या के पावन अवसर पर प्रयागराज के संगम तट पर पवित्र डुबकी लगाने के लिए बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचे । एक श्रद्धालु ने कहा कि सोमवती अमावस्या का बहुत महत्व है। माना जाता है कि इस दिन पवित्र स्नान करने और दान-पुण्य करने से बहुत आध्यात्मिक पुण्य मिलता है और व्यक्ति को आशीर्वाद व सद्गुणों की प्राप्ति होती है। संगम तट पर एक संत ने कहा कि यह बहुत खास महीना और त्योहारों का अहम समय है। आज जो भी गंगा स्नान करके जिस कामना से पूजा करता है, उसकी सभी मनोकामनाएं पूरी होती हैं। जिन्होंने कभी कुछ नहीं किया है, उनको भी गंगा में डुबकी लगाने से विशेष फल मिलता है।
अयोध्या में सरयू नदी पर हजारों श्रद्धालुओं ने पवित्र डुबकी लगाई और धार्मिक अनुष्ठान किए। एक श्रद्धालु ने कहा कि अधिक मास का आज आखिरी दिन है। सरयू में स्नान करने से बहुत फल मिलता है। सरयू नदी में डुबकी लगाने आईं किरन तिवारी ने कहा कि सरयू नदी में स्नान का बड़ा महत्व माना गया है। कुसुम मिश्रा ने कहा कि अमावस्या पर स्नान करना काफी फलदायी होता है।
उज्जैन के राम घाट में बड़ी संख्या में डुबकी लगाने के लिए लोग पहुंचे हैं। पुजारी अजय जोशी ने कहा, “सोमवती अमावस्या को बहुत महत्वपूर्ण माना जाता है, लेकिन इस साल इसे खास तौर पर शुभ माना जा रहा है, क्योंकि यह अधिक मास और सोमवार के दिन पड़ रही है। माना जाता है कि इससे भक्तों को बहुत ज्यादा आध्यात्मिक पुण्य मिलता है।
मध्य प्रदेश के नर्मदापुरम में सोमवती अमावस्या के पावन अवसर पर विश्व प्रसिद्ध सेठानी घाट पर श्रद्धालुओं का जनसैलाब उमड़ पड़ा। सुबह 4 बजे से ही नर्मदा स्नान के लिए श्रद्धालुओं का पहुंचना शुरू हो गया। नर्मदापुरम सहित आसपास के कई जिलों से बड़ी संख्या में श्रद्धालु पर्व स्नान, दान-पुण्य और पूजा-अर्चना के लिए पहुंचे। प्रशासन की ओर से श्रद्धालुओं की सुविधा और सुरक्षा के लिए व्यापक इंतजाम किए गए । पुलिस और होमगार्ड की टीमें लगातार घाट क्षेत्र में तैनात रहकर व्यवस्था संभालती रही । पूरे घाट क्षेत्र में धार्मिक उल्लास और भक्ति का माहौल बना रहा ।
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