
हालांकि नीरज की राह आसान नहीं होगी। इस बार उनके सामने पाकिस्तान के ओलंपिक चैंपियन अरशद नदीम नहीं होंगे, लेकिन श्रीलंका के उभरते हुए स्टार रूमेश थरंगा पाथिराजे सबसे बड़ी चुनौती बनकर सामने खड़े हैं। रूमेश ने इस सीजन रोम डायमंड लीग में 92.62 मीटर का शानदार थ्रो कर न केवल अपना नाम 90 मीटर क्लब में दर्ज कराया, बल्कि विश्व जैवलिन इतिहास में भी अपनी मजबूत उपस्थिति दर्ज कराई।
24 वर्षीय रूमेश इस समय दुनिया के सबसे बेहतरीन फॉर्म में चल रहे खिलाड़ियों में गिने जा रहे हैं। उनका 92.62 मीटर का थ्रो एशियाई एथलेटिक्स के लिए भी एक बड़ी उपलब्धि माना जा रहा है। उन्होंने इस सीजन कई प्रतियोगिताओं में लगातार 89 मीटर से अधिक दूरी तक भाला फेंका है और हाल ही में प्रतिष्ठित गोल्डन स्पाइक मीट का खिताब भी अपने नाम किया था।
दूसरी ओर नीरज चोपड़ा भी दोहा के मैदान पर अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन कर चुके हैं। मई 2025 में उन्होंने इसी ट्रैक पर पहली बार 90 मीटर की बाधा पार करते हुए 90.23 मीटर का थ्रो किया था। हालांकि उस प्रतियोगिता में जर्मनी के जूलियन वेबर ने 91.06 मीटर के साथ उन्हें पीछे छोड़ दिया था। इस बार नीरज की कोशिश न केवल शानदार वापसी करने की होगी, बल्कि अपने सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन के करीब पहुंचने की भी होगी।
मुकाबले से पहले आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में नीरज ने कहा कि उन्होंने वापसी को लेकर कोई जल्दबाजी नहीं की। करीब डेढ़ महीने पहले उन्होंने फिर से नियमित थ्रो करना शुरू किया और अंतिम ट्रेनिंग सत्र के बाद ही दोहा में खेलने का फैसला लिया। उन्होंने बताया कि वह खुद को पूरी तरह फिट महसूस कर रहे हैं और अपना सर्वश्रेष्ठ देने के लिए तैयार हैं।
भारतीय समयानुसार यह मुकाबला शुक्रवार रात 11 बजे के बाद शुरू होगा। चोट के बाद नीरज की यह वापसी केवल एक प्रतियोगिता नहीं, बल्कि आने वाले कॉमनवेल्थ गेम्स और बड़े अंतरराष्ट्रीय टूर्नामेंटों से पहले उनकी तैयारी और फिटनेस की भी बड़ी परीक्षा होगी।
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