
नई दिल्ली: ग्लास्गो कॉमनवेल्थ गेम्स (Glasgow Commonwealth Games) के खत्म होते ही पाकिस्तानी बॉक्सर कुदरतुल्लाह (Pakistani boxer Qudratullah) के टीम होटल से गायब होने की खबर ने बड़ा झटका दिया है. कुदरतुल्लाह के गायब होने के बाद पाकिस्तान बॉक्सिंग फेडरेशन एक बार फिर जांच और सवालों के घेरे में है. यह मामला इसलिए भी अहम है, क्योंकि विदेशी दौरों पर पाकिस्तानी बॉक्सरों के इस तरह गायब होने की घटनाएं पहले भी सामने आती रही हैं.
पाकिस्तान ओलंपिक एसोसिएशन से जुड़े एक भरोसेमंद सूत्र ने मंगलवार को कहा कि कुदरतुल्लाह कॉमनवेल्थ गेम्स में अपने वेट डिवीजन में मुकाबला खेलने के बाद टीम होटल से गायब हो गया. सबसे दिलचस्प बात यह रही कि कुदरतुल्लाह तब भी गायब हो गया, जबकि उसका पासपोर्ट टीम मैनेजर के पास था. बाद में यह भी सामने आया कि वह तय उड़ान से करीब छह घंटे पहले लापता हुआ.
क्वेटा के किशोर बॉक्सर कुदरतुल्लाह के बारे में यह भी बताया गया कि उसे आखिरी बार रविवार को तड़के 2 बजे होटल के कमरे में देखा गया था. सुबह टीम की लॉबी में जुटान के समय वह नहीं पहुंचा. करीब 9 बजे उसके गायब होने का पता चला. कुदरतुल्लाह अपना सामान, निजी चीजें और लगेज कमरे में छोड़ गया था. उसका पासपोर्ट और वापसी का टिकट भी टीम मैनेजर की निगरानी में था. खेल सूत्रों के मुताबिक, उसने जानबूझकर टीम की फ्लाइट से बचने की कोशिश की ताकि वह ब्रिटेन में रुक सके.
पहले भी हो चुके हैं ऐसे मामले
यह पहली बार नहीं है जब पाकिस्तान बॉक्सिंग फेडरेशन गलत वजहों से सुर्खियों में आया हो. बीते समय में लगभग हर बड़े अंतरराष्ट्रीय इवेंट में ऐसे मामले सामने आए हैं, जब बॉक्सर विदेशी देशों में टीम से अलग होकर गायब हो गए. 2022 कॉमनवेल्थ गेम्स के दौरान भी दो राष्ट्रीय बॉक्सर, सुलेमान बलोच और नजीरुल्लाह खान, बर्मिंघम में गायब हो गए थे. उस समय भी खबर थी कि उनके पासपोर्ट कंटिंजेंट प्रमुख के पास थे.
2024 में इटली में हुए वर्ल्ड ओलंपिक क्वालिफायर्स के दौरान एक और गंभीर मामला सामने आया था. एशियन गोल्ड मेडलिस्ट बॉक्सर जोहेब रशीद पर अपने रूममेट की विदेशी मुद्रा और कीमती सामान चुराने का आरोप लगा, जिसके बाद वह बुस्टो अर्सिजियो शहर से गायब हो गया. इन लगातार घटनाओं ने टीम प्रबंधन और निगरानी व्यवस्था पर फिर से सवाल खड़े कर दिए हैं.
पाकिस्तान के अभियान पर भी पड़ा असर
ग्लास्गो से लौटा 36 सदस्यीय पाकिस्तान दल सिर्फ एक ब्रॉन्ज मेडल के साथ अपने घर पहुंचा. यह मेडल महिला बॉक्सर फातिमा ज़ेहरा ने जीता. इस कामयाबी के बीच कुदरतुल्लाह का गायब होना पूरी टीम के अभियान पर भारी पड़ता दिखा. एक तरफ फातिमा ज़ेहरा ने पदक जीतकर चर्चा बटोरी, दूसरी तरफ कुदरतुल्लाह का मामला फेडरेशन के लिए नई मुश्किल बन गया.
अब आगे की सबसे बड़ी कहानी यही है कि कुदरतुल्लाह का पता कैसे लगाया जाएगा और पाकिस्तान बॉक्सिंग फेडरेशन इस ताजा विवाद पर क्या जवाब देता है. खेल अधिकारियों पर दबाव बढ़ गया है कि विदेश दौरों के दौरान टीम की निगरानी और सुरक्षा व्यवस्था की फिर से समीक्षा की जाए, ताकि भविष्य में ऐसे मामले दोबारा सामने न आएं.
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