img-fluid

विश्व समुदाय के लिए हमारी सांस्कृतिक धरोहर का अमूल्य उपहार है योग – राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु

June 21, 2026


जबलपुर । राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु (President Droupadi Murmu) ने कहा कि विश्व समुदाय के लिए (For Global Community) योग हमारी सांस्कृतिक धरोहर का अमूल्य उपहार है (Yoga is an invaluable gift of our Cultural Heritage) । मध्य प्रदेश के जबलपुर में आयोजित अंतरराष्ट्रीय योग दिवस समारोह में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने हिस्सा लिया और योगाभ्यास किया।


  • समारोह को संबोधित करते हुए राष्ट्रपति मुर्मु ने देशवासियों और विश्वभर के योग साधकों को अंतरराष्ट्रीय योग दिवस की शुभकामनाएं देते हुए कहा कि योग व्यक्ति को स्वयं और समाज से, समाज को प्रकृति से तथा संपूर्ण मानवता को विश्व चेतना से जोड़ने का सशक्त माध्यम है। उन्होंने कहा, “जबलपुर की पावन धरती पर उपस्थित होकर मुझे प्रसन्नता हो रही है। मैं देश-विदेश में सक्रिय सभी योग साधकों को अंतरराष्ट्रीय योग दिवस की शुभकामनाएं देती हूं। आज हम भारत की उस महान परंपरा का उत्सव मना रहे हैं, जिसने मानवता को स्वस्थ, संतुलित और सार्थक जीवन का मार्ग दिखाया है।

    योग विश्व समुदाय के लिए हमारी सांस्कृतिक धरोहर का अमूल्य उपहार है। यह हमारे ऋषियों-मुनियों की हजारों वर्षों की साधना का परिणाम है।” राष्ट्रपति ने कहा, “हमारे शास्त्रों में शरीर, मन और आत्मा के संतुलन को जीवन की सफलता का आधार माना गया है। योग उसी संतुलन को स्थापित करने का मार्ग है। योग का शाब्दिक अर्थ है ‘जोड़ना’। यह व्यक्ति को स्वयं और समाज से, समाज को प्रकृति से तथा संपूर्ण मानवता को विश्व चेतना से जोड़ने का सशक्त माध्यम है।”

    उन्होंने कहा, “आज जब विश्व अनेक चुनौतियों का सामना कर रहा है, तब योग मानवता को शांति, संतुलन, समरसता और सामूहिक कल्याण का मार्ग दिखाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है। वर्ष 2014 में भारत की पहल पर संयुक्त राष्ट्र महासभा ने प्रति वर्ष 21 जून को अंतरराष्ट्रीय योग दिवस मनाने की घोषणा की थी। इस पहल के बाद विश्व कल्याण के एक सशक्त माध्यम के रूप में योग की पहचान और अधिक मजबूत हुई है। आज दुनिया के अनेक देशों में करोड़ों लोग योग को अपने दैनिक जीवन का हिस्सा बना रहे हैं।”

    राष्ट्रपति ने कहा कि इस महीने अहमदाबाद में आयोजित प्रथम ‘वर्ल्ड योगासन एक्सपर्ट चैंपियनशिप’ भी योग की बढ़ती वैश्विक स्वीकार्यता का एक उदाहरण है, जिसमें कई देशों के प्रतिभागियों ने हिस्सा लिया। उन्होंने कहा, “जब मैं विदेश यात्राओं पर जाती हूं, तो वहां के लोग योग के बारे में पूछते हैं। कई देशों में नियमित रूप से योगाभ्यास किया जाता है। यह भारत की पहल और योग की वैश्विक लोकप्रियता का प्रमाण है। इस वर्ष की थीम ‘योग फॉर हेल्दी एजिंग’ है। यह थीम वरिष्ठ नागरिकों के स्वस्थ, सक्रिय, आत्मनिर्भर और गरिमापूर्ण जीवन के लिए योग की उपयोगिता को रेखांकित करती है। आज हम जो जीवनशैली अपनाते हैं, वही भविष्य में हमारे स्वास्थ्य और सुख का आधार बनती है। योग बढ़ती आयु में भी सक्रिय और आत्मनिर्भर बने रहने में सहायक है।”

    Share:

  • क्या वोट देने का अधिकार बनेगा मौलिक अधिकार? कांग्रेस ने उठाई मांग, चुनाव आयोग पर लगाए गंभीर आरोप

    Sun Jun 21 , 2026
    नई दिल्ली। कांग्रेस ने रविवार को वोट देने के अधिकार को मौलिक अधिकार बनाने की पुरजोर वकालत की। पार्टी का कहना है कि यह कदम मतदाताओं को वोटर दमन या मनमाने ढंग से अयोग्य ठहराए जाने जैसी स्थितियों से सुरक्षा प्रदान करेगा। कांग्रेस का दावा है कि विशेष गहन संशोधन (SIR) प्रक्रिया के तहत विभिन्न […]
    सम्बंधित ख़बरें
    लेटेस्ट
    खरी-खरी
    का राशिफल
    जीवनशैली
    मनोरंजन
    अभी-अभी
  • Archives

  • ©2026 Agnibaan , All Rights Reserved