
नई दिल्ली । केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल (Union Minister Piyush Goyal) ने कहा कि दुनिया भर की कंपनियां (Companies from Across the World) तेजी से भारत की ओर आकर्षित हो रही हैं (Are rapidly being drawn to India) ।
उन्होंने सोमवार को कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत खुद को एक भरोसेमंद वैश्विक आर्थिक साझेदार के रूप में स्थापित कर रहा है। ‘रिपब्लिक समिट 2026’ को संबोधित करते हुए गोयल ने कहा कि वैश्विक आपूर्ति शृंखलाओं (ग्लोबल सप्लाई चेन) में भारत की बढ़ती भूमिका और देश-हित को प्राथमिकता देने वाली व्यापार नीतियों ने भारत को दुनिया भर के कारोबारों के लिए एक आकर्षक गंतव्य बना दिया है। उन्होंने कहा, “भारत वैश्विक आपूर्ति शृंखलाओं में लगातार अधिक महत्वपूर्ण भूमिका निभाने के लिए तैयार है, क्योंकि दुनिया भर की कंपनियां भरोसेमंद और विश्वसनीय साझेदारों की तलाश कर रही हैं।” गोयल ने कहा कि मजबूत आर्थिक आधार, स्थिर नीतिगत माहौल और मोदी सरकार द्वारा लागू किए गए विकासोन्मुख सुधारों के कारण दुनिया भर की कंपनियां तेजी से भारत की ओर आकर्षित हो रही हैं। उन्होंने कहा कि भारत की आर्थिक प्रगति ने निवेशकों, व्यापारियों, निर्यातकों और उद्योगों के लिए अभूतपूर्व अवसर पैदा किए हैं।
केंद्रीय मंत्री ने कहा कि हाल के वर्षों में भारत द्वारा किए गए सभी व्यापार समझौते राष्ट्रीय हितों को ध्यान में रखकर किए गए हैं। साथ ही इन समझौतों ने भारत और उसके वैश्विक साझेदारों के बीच व्यापारिक संबंधों को भी मजबूत किया है। उन्होंने कहा कि इन समझौतों का उद्देश्य भारतीय व्यापारियों, निर्यातकों, उद्योगों और नागरिकों के लिए अधिक अवसर पैदा करना है, जबकि भारत के हितों की पूरी सुरक्षा भी सुनिश्चित की गई है। अंतरराष्ट्रीय व्यापार वार्ताओं में सरकार के दृष्टिकोण का उल्लेख करते हुए गोयल ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व वाली सरकार ने हमेशा ‘नेशन फर्स्ट’ यानी राष्ट्र सर्वोपरि की नीति अपनाई है। उन्होंने कहा कि हर व्यापार समझौते को इस तरह तैयार किया गया है कि उससे देश में आर्थिक विकास और रोजगार के अवसर बढ़ें।
गोयल ने कहा, “मोदी सरकार किसानों के हितों की रक्षा के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है।” उन्होंने किसानों के हितों की रक्षा के लिए सरकार की प्रतिबद्धता को भी दोहराया और कहा कि कृषि संबंधी चिंताएं भारत की व्यापार नीतियों और वार्ताओं में एक प्रमुख विचारणीय विषय बनी हुई हैं। केंद्रीय मंत्री ने कहा कि भारत धीरे-धीरे वैश्विक आपूर्ति शृंखला का एक प्रमुख केंद्र बनकर उभर रहा है। साथ ही दुनिया भर में विनिर्माण और सोर्सिंग गतिविधियों के विविधीकरण से भारत को बड़ा लाभ मिलने की पूरी संभावना है। उन्होंने कहा कि आने वाले वर्षों में भारत वैश्विक व्यापार और निवेश के क्षेत्र में और अधिक महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।
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