वाशिंगटन। ईरान और अमेरिका (Iran and the United States) के बीच युद्धविराम (Armistice) लागू होने के बावजूद पश्चिम एशिया में तनाव फिर बढ़ता दिखाई दे रहा है। होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) से गुजर रहे एक कार्गो जहाज पर ड्रोन हमले के बाद अमेरिका ने ईरान के सैन्य ठिकानों पर जवाबी कार्रवाई की। इसके बाद अमेरिकी उपराष्ट्रपति जेडी वेंस (JD Vance) ने कहा कि यदि हिंसा का रास्ता अपनाया गया तो अमेरिका भी उसी तरीके से जवाब देगा।
जेडी वेंस ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर कहा कि अमेरिका ने युद्धविराम समझौते का पूरी तरह सम्मान किया है। यदि समझौते या किसी अन्य मुद्दे को लेकर मतभेद हैं तो उनका समाधान बातचीत के जरिए किया जाना चाहिए, लेकिन हिंसक कार्रवाई का जवाब भी सख्ती से दिया जाएगा।
उन्होंने लिखा, “अगर किसी बात को लेकर समस्या है तो बातचीत का रास्ता खुला है, लेकिन यदि हिंसा होगी तो उसका जवाब भी हिंसा से ही दिया जाएगा।”
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने भी हालिया घटनाक्रम पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि हाल के सैन्य अभियानों के बाद ईरान की सैन्य क्षमता पहले की तुलना में काफी कमजोर हुई है, हालांकि उसके पास अभी भी कुछ ताकत मौजूद है।
ट्रंप ने दावा किया कि होर्मुज जलडमरूमध्य में एक मालवाहक जहाज पर चार ड्रोन से हमला किया गया था। उनके अनुसार अमेरिकी सेना ने तीन ड्रोन को मार गिराया, जबकि एक ड्रोन जहाज से टकरा गया, जिससे नुकसान हुआ। संभावित आगे की कार्रवाई के सवाल पर उन्होंने केवल इतना कहा, “इसका जवाब जल्द ही सामने आ जाएगा।”
अमेरिकी सेंट्रल कमांड (CENTCOM) के अनुसार, 25 जून को ओमान के तट के पास होर्मुज जलडमरूमध्य से गुजर रहे सिंगापुर के ध्वज वाले कार्गो जहाज एम/वी एवर लवली (M/V Ever Lovely) पर एक वन-वे अटैक ड्रोन से हमला किया गया। अमेरिका ने इस हमले के लिए ईरान को जिम्मेदार ठहराते हुए इसे युद्धविराम का उल्लंघन बताया है।
अमेरिका का कहना है कि जिस समुद्री मार्ग पर हमला हुआ, वह संयुक्त राष्ट्र और ओमान द्वारा सुरक्षित नौवहन के लिए चिन्हित कॉरिडोर का हिस्सा है। दूसरी ओर, ईरान पहले भी इस मार्ग पर अपनी आपत्तियां जताता रहा है और लारक द्वीप के समीप अपने निर्धारित शिपिंग मार्ग के उपयोग की वकालत करता रहा है।
ड्रोन हमले के अगले दिन अमेरिकी लड़ाकू विमानों ने ईरान के दक्षिणी तटीय क्षेत्रों में स्थित मिसाइल और ड्रोन भंडारण केंद्रों के साथ-साथ तटीय रडार प्रणालियों को निशाना बनाया। अमेरिकी अधिकारियों का कहना है कि अभियान का उद्देश्य केवल ईरान की सैन्य क्षमताओं को सीमित करना था और कार्रवाई पूरी हो चुकी है।
ईरान ने अमेरिकी आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि दक्षिणी शहर सीरिक के निकट एक बंदरगाह क्षेत्र पर हमला किया गया, जिसके बाद ईरानी नौसेना ने क्षेत्र में मौजूद अमेरिकी सैन्य ठिकानों पर जवाबी कार्रवाई की। हालांकि दोनों देशों ने अपने-अपने दावों में हुए नुकसान का विस्तृत ब्यौरा सार्वजनिक नहीं किया है।
ताजा घटनाक्रम के बाद दुनिया के सबसे व्यस्त समुद्री व्यापारिक मार्गों में शामिल होर्मुज जलडमरूमध्य की सुरक्षा को लेकर चिंता फिर बढ़ गई है। अंतरराष्ट्रीय समुद्री संगठन (IMO) ने सुरक्षा कारणों से नाविकों और जहाजों से जुड़े अपने कुछ अभियान अस्थायी रूप से रोक दिए हैं।
अमेरिका का कहना है कि उसकी नौसेना अब भी होर्मुज से गुजरने वाले व्यापारिक जहाजों को सुरक्षा और मार्गदर्शन उपलब्ध करा रही है ताकि वैश्विक समुद्री व्यापार प्रभावित न हो। हालांकि हालिया हमले ने यह संकेत दिया है कि युद्धविराम के बावजूद इस रणनीतिक समुद्री मार्ग में तनाव पूरी तरह समाप्त नहीं हुआ है।
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