img-fluid

हिंद महासागर की रणनीतिक धुरी बना सेशेल्स, छोटा सा देश कैसे रोक सकता है चीन के बढ़ते प्रभाव का रास्ता?

June 28, 2026

विक्टोरिया। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (Prime Minister Narendra Modi) इस समय सेशेल्स (Seychelles) के तीन दिवसीय राजकीय दौरे पर हैं, जहां वे देश के राष्ट्रीय दिवस के गोल्डन जुबली समारोह (Golden Jubilee Celebration) में मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हो रहे हैं। भारत और सेशेल्स अपने राजनयिक संबंधों के 50 साल पूरे होने का भी जश्न मना रहे हैं। हालांकि यह यात्रा केवल औपचारिक या प्रतीकात्मक नहीं मानी जा रही, बल्कि इसे हिंद महासागर क्षेत्र में भारत की रणनीतिक स्थिति के लिहाज से बेहद अहम माना जा रहा है।

छोटा देश, बड़ा रणनीतिक महत्व
सेशेल्स भले ही आकार और जनसंख्या के लिहाज से एक छोटा द्वीपीय देश है, लेकिन हिंद महासागर में इसकी भौगोलिक स्थिति इसे असाधारण रणनीतिक महत्व देती है। यह देश पश्चिमी हिंद महासागर क्षेत्र में फैले 115 द्वीपों से मिलकर बना है, जो एक बड़े समुद्री क्षेत्र में बिखरे हुए हैं।

यह स्थान इसे दुनिया के सबसे व्यस्त समुद्री मार्गों के चौराहे पर खड़ा करता है। यहां से होकर पूर्वी अफ्रीका, पश्चिमी एशिया, दक्षिण एशिया और इंडो-पैसिफिक क्षेत्र को जोड़ने वाले महत्वपूर्ण समुद्री व्यापार मार्ग गुजरते हैं। इन मार्गों से हर दिन ऊर्जा संसाधन, कच्चा माल, तैयार उत्पाद और खाद्य सामग्री का विशाल व्यापार होता है।


  • 13 लाख वर्ग किलोमीटर का EEZ
    जमीनी रूप से छोटा होने के बावजूद सेशेल्स का 13 लाख वर्ग किलोमीटर से अधिक का एक्सक्लूसिव इकोनॉमिक जोन (EEZ) है। इस विशाल समुद्री क्षेत्र में प्राकृतिक संसाधन, मत्स्य संपदा और समुद्री गतिविधियों का बड़ा हिस्सा शामिल है, जिसकी निगरानी और सुरक्षा महत्वपूर्ण है।

    इसी कारण भारत और सेशेल्स के बीच साझेदारी का एक प्रमुख उद्देश्य इस समुद्री क्षेत्र की सुरक्षा क्षमता को मजबूत करना और पश्चिमी हिंद महासागर में स्थिरता बनाए रखना रहा है।

    हिंद महासागर में बढ़ती प्रतिस्पर्धा
    पिछले एक दशक में हिंद महासागर वैश्विक रणनीतिक प्रतिस्पर्धा का प्रमुख केंद्र बन गया है। प्रमुख शक्तियां यहां नौसैनिक उपस्थिति, बंदरगाह विकास और समुद्री प्रभाव बढ़ाने में सक्रिय हैं। इससे यह क्षेत्र कूटनीतिक और सुरक्षा दृष्टि से और अधिक संवेदनशील हो गया है।

    हालांकि भारत और सेशेल्स अपने संबंधों को किसी एक देश के खिलाफ परिभाषित नहीं करते, लेकिन क्षेत्रीय परिस्थितियां इस साझेदारी को रणनीतिक रूप से और अधिक महत्वपूर्ण बना देती हैं। चीन की बढ़ती आर्थिक गतिविधियां, बंदरगाह परियोजनाएं और नौसैनिक उपस्थिति इस समीकरण में एक अहम कारक मानी जाती हैं।

    भारत की रणनीति: भरोसेमंद साझेदारी
    भारत ने सेशेल्स में अपनी उपस्थिति को पारंपरिक प्रतिस्पर्धा के बजाय सहयोग और विकास मॉडल के रूप में आगे बढ़ाया है। भारत का फोकस बड़े इंफ्रास्ट्रक्चर दबाव के बजाय तकनीकी सहयोग, विकास सहायता और रक्षा साझेदारी पर रहा है।

    इस रणनीति के जरिए भारत ने खुद को एक भरोसेमंद विकास साझेदार के रूप में स्थापित करने की कोशिश की है, ताकि हिंद महासागर क्षेत्र में दीर्घकालिक स्थिरता और सहयोग सुनिश्चित किया जा सके।

    Share:

  • भूकंप के झटकों से उबर नहीं पा रहा बेनेजुएला... आज भी आया 5.6 तीव्रता का भूकंप, अब तक 1430 मौतें

    Sun Jun 28 , 2026
    कराकस। वेनेजुएला (Venezuela) भूकंप (Earthquake) के झटकों से उबरता नहीं दिख रहा. बीते बुधवार को आए दो विनाशकारी भूकंप (Two devastating Earthquakes) के झटकों के बाद अब भी वेनेजुएला में भूकंप के झटके आ रहे हैं. शनिवार के बाद अब आज रविवार को भी वेनेजुएला में भूकंप के झटके महसूस किए गए. इससे लोग दहशत […]
    सम्बंधित ख़बरें
    लेटेस्ट
    खरी-खरी
    का राशिफल
    जीवनशैली
    मनोरंजन
    अभी-अभी
  • Archives

  • ©2026 Agnibaan , All Rights Reserved