वॉशिंगटन/फ्रैंकफर्ट। अमेरिका (America) इस समय भीषण प्राकृतिक आपदाओं की दोहरी मार झेल रहा है। एक ओर यूटा राज्य में जंगल की आग लगातार विकराल रूप लेती जा रही है, वहीं दूसरी ओर केंटकी में मूसलाधार बारिश (Torrential rain) और बाढ़ ने जनजीवन अस्त-व्यस्त कर दिया है। दोनों राज्यों में आपातकालीन हालात बने हुए हैं और प्रशासन राहत एवं बचाव कार्य में जुटा है।
यूटा में देश की सबसे बड़ी सक्रिय जंगल की आग
यूटा में लगी कॉटनवुड जंगल की आग अब अमेरिका की सबसे बड़ी सक्रिय वनाग्नि बन चुकी है। आग अब तक करीब 373 वर्ग किलोमीटर क्षेत्र को अपनी चपेट में ले चुकी है। इसके चलते पहाड़ी क्षेत्रों, घने जंगलों और स्की रिजॉर्ट को भारी नुकसान पहुंचा है।
प्रशासन ने कई कैंपग्राउंड और सार्वजनिक स्थलों को एहतियातन बंद कर दिया है। साथ ही आसपास रहने वाले लोगों को किसी भी समय सुरक्षित स्थानों पर जाने के लिए तैयार रहने की सलाह दी गई है।
गवर्नर ने घोषित किया आपातकाल
स्थिति की गंभीरता को देखते हुए यूटा के गवर्नर स्पेंसर कॉक्स ने राज्य में आपातकाल घोषित कर दिया है। उन्होंने कहा कि आग लगातार रिहायशी और वन क्षेत्रों को नुकसान पहुंचा रही है। गवर्नर ने दमकलकर्मियों की सुरक्षा की कामना करते हुए जल्द बारिश होने की उम्मीद भी जताई।
आग पर काबू पाने के लिए सैकड़ों दमकलकर्मी, हेलीकॉप्टर और एयर टैंकर तैनात किए गए हैं। हालांकि तेज हवाएं, कम आर्द्रता और अत्यधिक गर्म मौसम आग बुझाने के प्रयासों को लगातार चुनौती दे रहे हैं।
मौसम विभाग के मुताबिक, इस वर्ष यूटा में रिकॉर्ड स्तर पर कम बर्फबारी हुई और सर्दियों का मौसम सामान्य से अधिक गर्म रहा। इसके कारण जंगलों में सूखापन बढ़ गया, जिससे आग तेजी से फैलने की परिस्थितियां बन गईं।
राज्य सरकार ने आग के बढ़ते खतरे को देखते हुए आतिशबाजी पर भी प्रतिबंध लगा दिया है। अधिकारियों का कहना है कि इस साल अधिकांश जंगल की आग मानव लापरवाही के कारण लगी हैं, जबकि कुछ घटनाएं बिजली गिरने से भी हुई हैं।
अन्य इलाकों में भी बढ़ा खतरा
यूटा के अन्य हिस्सों में आयरन और चेरी नाम की दो अन्य जंगल की आग भी तेजी से फैल रही हैं। इनके चलते कई छोटे कस्बों को खाली कराया गया है और कई प्रमुख राजमार्गों को बंद करना पड़ा है।
पश्चिमी अमेरिका के कई राज्यों में तेज हवाओं और बेहद कम नमी के कारण ‘रेड फ्लैग वार्निंग’ जारी की गई है। संभावित हादसों से बचाव के लिए कुछ क्षेत्रों में एहतियातन बिजली आपूर्ति भी अस्थायी रूप से बंद कर दी गई है।
केंटकी में बाढ़ से तबाही
उधर, केंटकी राज्य में लगातार हो रही भारी बारिश के कारण आई बाढ़ ने व्यापक तबाही मचाई है। बाढ़ से अब तक चार लोगों की मौत की पुष्टि हुई है। कई इलाकों में जलभराव की स्थिति बनी हुई है और राहत एवं बचाव दल प्रभावित लोगों को सुरक्षित स्थानों तक पहुंचाने में जुटे हैं। प्रशासन ने लोगों से अनावश्यक यात्रा से बचने और मौसम विभाग के निर्देशों का पालन करने की अपील की है।
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