img-fluid

दिलजीत दोसांझ की फिल्म सतलुज पर नया विवाद गैरकानूनी स्क्रीनिंग्स के खिलाफ हाई कोर्ट पहुंचा मामला.

July 12, 2026


नई दिल्ली । दिलजीत दोसांझ(Diljit Dosanjh)की बहुचर्चित फिल्म सतलुज(Satluj) एक बार फिर विवादों के केंद्र में आ गई है। पहले ओटीटी प्लेटफॉर्म(OTT platform) से फिल्म हटाए जाने को लेकर चर्चा हुई और अब इसकी कथित गैरकानूनी सार्वजनिक स्क्रीनिंग्स का मामला पंजाब हरियाणा हाई कोर्ट (Punjab and Haryana High Court)तक पहुंच गया है। फिल्म को लेकर दायर नई याचिका ने पूरे घटनाक्रम को एक नया कानूनी मोड़ दे दिया है और अब सभी की नजर अदालत की अगली कार्रवाई पर टिकी हुई है।

फिल्म का नाम पहले पंजाब 95 था और लंबे समय तक विभिन्न कारणों से इसकी रिलीज टलती रही। आखिरकार यह फिल्म तीन जुलाई को ओटीटी प्लेटफॉर्म जी5 पर रिलीज हुई लेकिन महज दो दिन बाद ही इसे प्लेटफॉर्म से हटा लिया गया। इसके बाद भी फिल्म की चर्चा थमी नहीं बल्कि कई स्थानों पर लोगों ने अपने स्तर पर इसकी सार्वजनिक स्क्रीनिंग शुरू कर दी। पंजाब के कई गांवों और शहरों में बड़ी एलईडी स्क्रीन लगाकर सामूहिक रूप से फिल्म दिखाई जाने लगी। कुछ स्थानों पर गुरुद्वारों और खुले मैदानों में भी लोग एक साथ बैठकर फिल्म देखते नजर आए। राजस्थान से भी ऐसी स्क्रीनिंग्स की तस्वीरें सामने आईं जिनकी सोशल मीडिया पर काफी चर्चा हुई।

इसी बीच एडवोकेट विनीत जिंदल ने पंजाब हरियाणा हाई कोर्ट में याचिका दायर कर इन सार्वजनिक स्क्रीनिंग्स पर सवाल उठाए हैं। उन्होंने आरोप लगाया है कि बिना वैध अनुमति फिल्म की स्क्रीनिंग कराना कानून का उल्लंघन है और इससे सार्वजनिक व्यवस्था प्रभावित हो सकती है। उनका कहना है कि कुछ धार्मिक संगठनों और राजनीतिक समूहों की ओर से आयोजित की जा रही इन स्क्रीनिंग्स के कारण सामाजिक सौहार्द और कानून व्यवस्था पर प्रतिकूल असर पड़ने की आशंका है।

याचिका में अदालत से मांग की गई है कि ऐसी सभी कथित गैरकानूनी स्क्रीनिंग्स पर तत्काल रोक लगाई जाए और आयोजन करने वाले लोगों तथा संस्थाओं के खिलाफ कानून के अनुसार कार्रवाई की जाए। याचिकाकर्ता का तर्क है कि सार्वजनिक प्रदर्शन के लिए निर्धारित कानूनी प्रक्रिया का पालन किए बिना फिल्म दिखाना उचित नहीं है और इससे भविष्य में गंभीर स्थिति भी पैदा हो सकती है।


  • दूसरी ओर फिल्म के समर्थकों का कहना है कि ओटीटी से फिल्म हटाए जाने के बाद दर्शकों ने इसे देखने के लिए वैकल्पिक रास्ते तलाशे। कई जगह स्थानीय स्तर पर लोगों ने फिल्म डाउनलोड कर सामूहिक रूप से देखने की व्यवस्था की। इन आयोजनों की तस्वीरें सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हुईं और अभिनेता दिलजीत दोसांझ ने भी इनमें से कुछ तस्वीरों को साझा किया था।

    फिल्म हटाए जाने के बाद दिलजीत दोसांझ का एक वीडियो भी सामने आया था जिसमें उन्होंने कहा था कि उन्हें पहले से अंदेशा था कि फिल्म को ओटीटी प्लेटफॉर्म से हटा दिया जाएगा। उनके अनुसार उन्हें उम्मीद थी कि फिल्म कुछ दिनों बाद हटेगी लेकिन यह अपेक्षा से पहले ही हटा दी गई। उन्होंने दर्शकों से फिल्म देखने की अपील भी की थी जिससे यह मामला और अधिक चर्चा में आ गया।

    अब पूरा विवाद कानूनी दायरे में पहुंच चुका है। एक ओर फिल्म की सार्वजनिक स्क्रीनिंग्स को अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता और दर्शकों की पसंद से जोड़कर देखा जा रहा है तो दूसरी ओर बिना अनुमति सार्वजनिक प्रदर्शन को लेकर कानूनी सवाल उठाए जा रहे हैं। हाई कोर्ट में दायर इस याचिका पर आने वाला फैसला न केवल सतलुज बल्कि भविष्य में डिजिटल प्लेटफॉर्म से हटाई गई फिल्मों की सार्वजनिक स्क्रीनिंग्स को लेकर भी महत्वपूर्ण मिसाल साबित हो सकता है।

    Share:

  • बड़े सपनों ने बदली किस्मत आर माधवन बोले सड़क पर मिला ऑफर बना जिंदगी का सबसे बड़ा टर्निंग पॉइंट

    Sun Jul 12 , 2026
    नई दिल्ली । बॉलीवुड(Bollywood’s)के सबसे प्रतिभाशाली और बहुमुखी अभिनेताओं (versatile actors)में गिने जाने वाले आर माधवन (R. Madhavan)की सफलता की कहानी किसी फिल्मी पटकथा(film script) से कम नहीं है। आज करोड़ों दिलों पर राज करने वाले इस अभिनेता ने हाल ही में अपनी जिंदगी से जुड़ा ऐसा किस्सा साझा किया जिसने यह साबित कर दिया […]
    सम्बंधित ख़बरें
    लेटेस्ट
    खरी-खरी
    का राशिफल
    जीवनशैली
    मनोरंजन
    अभी-अभी
  • Archives

  • ©2026 Agnibaan , All Rights Reserved