img-fluid

दतिया उपचुनाव में अब घर-घर दस्तक, दोनों दलों के जातीय समीकरण और बूथ मैनेजमेंट की परीक्षा

July 29, 2026

भोपाल। दतिया विधानसभा उपचुनाव में मंगलवार शाम प्रचार थमने के साथ ही चुनावी मुकाबला अब घर-घर संपर्क और बूथ मैनेजमेंट पर आ गया है। भाजपा और कांग्रेस ने प्रचार के आखिरी दौर में पूरी ताकत झोंक दी। सोमवार को मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने रोड शो कर भाजपा प्रत्याशी आशुतोष तिवारी के पक्ष में माहौल बनाने की कोशिश की, वहीं मंगलवार को कांग्रेस प्रत्याशी घनश्याम सिंह ने अपने प्रभाव वाले इलाकों में पैदल जनसंपर्क किया। दोनों दलों की सक्रियता के बावजूद मतदाताओं ने अब तक चुप्पी साध रखी है। इस चुनाव में विकास, स्थानीय समस्याएं, सरकार के कामकाज और प्रत्याशियों की व्यक्तिगत छवि जैसे मुद्दे हैं, लेकिन जातीय समीकरण और बूथ मैनेजमेंट मुकाबले की दिशा तय करने वाले प्रमुख फैक्टर माने जा रहे हैं।

दतिया विधानसभा में करीब 2.20 लाख मतदाता हैं। इनमें करीब 40 हजार दलित, 35 हजार कुशवाहा, 28 हजार ब्राह्मण और 15 हजार यादव मतदाता बताए जाते हैं। इसके अलावा करीब 8 हजार राजपूत, 5 हजार दांगी, 8 हजार मुस्लिम, 8 हजार कायस्थ और करीब 10 हजार सिंधी मतदाता भी हैं। शहर के मतदाताओं में साहू, सोनी, नामदेव, चौरसिया, ताम्रकार समेत दूसरे कारोबारी और सामाजिक वर्ग भी चुनावी गणित में अहम हैं। खासतौर पर सिंधी और वैश्य समाज का रुख महत्वपूर्ण माना जा रहा है। दोनों प्रमुख दल इन वर्गों के बीच लगातार संपर्क बनाए हुए हैं।

दतिया में कुशवाहा और यादव समाज का समीकरण इस बार खास चर्चा में है। कुछ समय पहले क्षेत्र में कुशवाहा समाज के दो युवकों की अलग-अलग घटनाओं में हत्या हुई थी। दोनों मामलों में अलग-अलग समुदायों के लोगों के आरोपी होने से स्थानीय स्तर पर इसका असर भी चुनावी माहौल में दिखाई दे रहा है।


  • भाजपा ने इसी समीकरण को देखते हुए ग्वालियर सांसद भारत सिंह कुशवाह को चुनाव प्रभारी बनाया है। उनके साथ प्रदेश महामंत्री राहुल कोठारी उप प्रभारी के तौर पर चुनावी प्रबंधन संभाल रहे हैं। भाजपा के वरिष्ठ नेता और संगठन के पदाधिकारी बूथ स्तर तक गतिविधियों पर नजर रखे हुए हैं। दलित मतदाताओं के बीच पहुंच बनाने के लिए उपमुख्यमंत्री जगदीश देवड़ा और पूर्व मंत्री इमरती देवी को भी जिम्मेदारी दी गई है। वहीं भाजपा के रणनीतिकार डॉ. अरविंद भदौरिया भी लगातार दतिया में सक्रिय हैं। पार्टी की कोशिश जातीय समीकरण के साथ अपने मजबूत संगठन और बूथ नेटवर्क को निर्णायक बढ़त में बदलने की है।

    दतिया लंबे समय से भाजपा का मजबूत गढ़ रहा है, लेकिन 2023 के विधानसभा चुनाव में पार्टी को हार का सामना करना पड़ा था। इस बार भाजपा ने पूर्व संभागीय संगठन मंत्री आशुतोष तिवारी को उम्मीदवार बनाया है। पार्टी ने चुनाव में दतिया के विकास कार्यों, मेडिकल कॉलेज, सड़क, स्कूल और स्वास्थ्य सुविधाओं को प्रमुख मुद्दा बनाया है। इसके साथ ही संगठन, राष्ट्रवाद और केंद्र व राज्य सरकार की उपलब्धियों के जरिए भी मतदाताओं तक पहुंचने की कोशिश की गई। भाजपा के लिए चुनौती यह है कि पिछले चुनाव में मिली हार को दोहराने से कैसे रोका जाए और अपने पारंपरिक वोट बैंक को मतदान केंद्र तक कैसे पहुंचाया जाए।

    कांग्रेस प्रत्याशी घनश्याम सिंह की व्यक्तिगत छवि पार्टी के अभियान का प्रमुख आधार रही। कांग्रेस ने किसानों, युवाओं और स्थानीय समस्याओं को मुद्दा बनाया। कुछ इलाकों में भ्रष्टाचार के आरोपों को भी चुनावी मुद्दा बनाया गया। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी ने प्रचार अभियान में पूरी ताकत लगाई। घनश्याम सिंह के परिवार के सदस्य भी जमीनी स्तर पर सक्रिय रहे, जबकि पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह और पूर्व मंत्री जयवर्धन सिंह ने संगठनात्मक स्तर पर रणनीति को मजबूत किया।

    प्रचार थमने के बाद दोनों दलों के पास अब मतदाताओं से व्यक्तिगत संपर्क और बूथ स्तर पर प्रबंधन का समय है। ऐसे में जातीय समीकरण के साथ किस पार्टी का बूथ नेटवर्क ज्यादा प्रभावी रहता है और कौन अपने समर्थकों को मतदान केंद्र तक पहुंचा पाता है, यह काफी अहम होगा। दतिया में 30 जुलाई को मतदान होना है और 3 अगस्त को नतीजे आएंगे। फिलहाल मुकाबले में मतदाताओं की खामोशी ने दोनों दलों की चिंता बढ़ा रखी है।

    Share:

  • ई20 पेट्रोल से किन वाहनों के रबर पार्ट्स पर पड़ता है असर? नितिन गडकरी ने खुद संसद में बताया

    Wed Jul 29 , 2026
    तिरुवनंतपुरम। केंद्र सरकार ने बुधवार को कहा कि ई20 पेट्रोल के इस्तेमाल पर एक अप्रैल 2005 से लागू बीएस-3 मानक वाले और वर्ष 2016 से पहले निर्मित कुछ वाहनों में रबर के कुछ पुर्जे और गैस्केट बदलने की जरूरत पड़ सकती है। राज्यसभा में एक लिखित जवाब में सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी […]
    सम्बंधित ख़बरें
    लेटेस्ट
    खरी-खरी
    का राशिफल
    जीवनशैली
    मनोरंजन
    अभी-अभी
  • Archives

  • ©2026 Agnibaan , All Rights Reserved