
नई दिल्ली। नासा (NASA) के अंतरिक्ष यात्री अनिल मेनन (Astronaut Anil Menon) ने अपने पहले स्पेसवॉक में अंतरराष्ट्रीय अंतरिक्ष स्टेशन (ISS) के लिए अहम तकनीकी काम पूरा किया। उन्होंने अंतरिक्ष यात्री जेसिका मेयर के साथ मिलकर स्टेशन के 3B पावर चैनल पर मॉडिफिकेशन किट स्थापित की। इस काम के बाद भविष्य में नए रोल-आउट सोलर एरे (IROSA) लगाने का रास्ता साफ होगा। यह ISS का 281वां स्पेसवॉक था, जबकि मेनन के करियर का पहला और जेसिका मेयर का छठा स्पेसवॉक रहा।
6 घंटे 27 मिनट तक चला स्पेसवॉक
स्पेसवॉक गुरुवार सुबह 8:33 बजे ईडीटी (भारतीय समयानुसार शाम 6:03 बजे) शुरू हुआ और 6 घंटे 27 मिनट बाद दोपहर 3 बजे ईडीटी (भारत में शुक्रवार तड़के 12:30 बजे) समाप्त हुआ। दोनों अंतरिक्ष यात्री क्वेस्ट एयरलॉक से बाहर निकले और ISS के बाहरी हिस्से में कई महत्वपूर्ण तकनीकी कार्य किए।
3B पावर चैनल पर हुआ अहम काम
स्पेसवॉक के दौरान स्टारबोर्ड-6 ट्रस पर मौजूद 3B पावर चैनल में माउंटिंग हार्डवेयर लगाया गया। नासा के मुताबिक, इस व्यवस्था से भविष्य में IROSA लगाए जा सकेंगे। ये सोलर एरे अंतरिक्ष स्टेशन को अतिरिक्त बिजली उपलब्ध कराएंगे, जिससे उसके महत्वपूर्ण सिस्टम बेहतर तरीके से काम कर सकेंगे। साथ ही, भविष्य में ISS को सुरक्षित तरीके से डीऑर्बिट करने की प्रक्रिया में भी इनकी भूमिका होगी।
IROSA की छह असेंबली पहले ही लग चुकी हैं
नासा के अनुसार, 2021 से अब तक अंतरिक्ष यात्रियों ने स्पेसवॉक के जरिए IROSA की छह असेंबली सफलतापूर्वक स्थापित की हैं। अब दो और सोलर एरे लगाए जाने बाकी हैं, जिन्हें इस साल के अंत तक स्टेशन तक पहुंचाने की योजना है।
अनिल मेनन ने संभाली अहम तकनीकी जिम्मेदारी
स्पेसवॉक के दौरान अनिल मेनन को आर्टिकुलेटिंग पोर्टेबल फुट रेस्ट्रेंट पर सुरक्षित किया गया, ताकि उन्हें ट्रस पर काम करने के लिए स्थिर आधार मिल सके। इसके बाद दोनों अंतरिक्ष यात्रियों ने भविष्य के IROSA से 3B पावर चैनल तक बिजली पहुंचाने वाली केबलें बिछाईं। उन्होंने ट्रस के हिस्से को मल्टी-लेयर इंसुलेशन से भी ढका, जिससे अंतरिक्ष के अत्यधिक तापमान से इसकी सुरक्षा हो सके।
चांद को देखकर मून बेस की बात
स्पेसवॉक के दौरान दोनों के बीच दिलचस्प बातचीत भी हुई। जेसिका मेयर ने अनिल मेनन से चांद दिखाई देने की बात कही। मेनन ने जवाब देते हुए बताया कि चांद उनकी दाईं ओर दिखाई दे रहा है और उन्होंने वहां भविष्य का एक चंद्र आधार देखने की बात कही।
13 और 25 अगस्त को भी होंगे स्पेसवॉक
यह एक्सपीडिशन-75 मिशन के तहत इस महीने होने वाले तीन स्पेसवॉक में पहला था। दूसरा स्पेसवॉक 13 अगस्त को प्रस्तावित है, जिसमें अंतरिक्ष स्टेशन के स्पेस-टू-ग्राउंड एंटीना को बदला जाएगा। यह एंटीना ह्यूस्टन स्थित मिशन कंट्रोल सेंटर और ISS के बीच तेज डेटा ट्रांसफर और संचार के लिए अहम है।
वहीं, 25 अगस्त के तीसरे स्पेसवॉक में पावर चैनल की केबलों और डेटा रिले सिस्टम को जोड़ा जाएगा। इसके अलावा हार्मनी मॉड्यूल के फॉरवर्ड पोर्ट पर लगे नेविगेशनल उपकरण को भी बदला जाएगा। ये सभी काम ISS के नियमित रखरखाव के साथ-साथ उसके भविष्य के सुरक्षित डीऑर्बिट मिशन की तैयारियों का हिस्सा हैं।
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