नई दिल्ली। चीन (China) के चर्चित जियोपॉलिटिक्स विशेषज्ञ और प्रोफेसर जियांग ज्यूकिन (Professor Jiang Xueqin) ने परमाणु हथियारों (Nuclear weapons) के संभावित इस्तेमाल को लेकर बड़ा दावा किया है। यूट्यूबर राज शमानी (YouTuber Raj Shamani) के पॉडकास्ट में बातचीत के दौरान जियांग ने कहा कि अगर भविष्य में कभी किसी देश की ओर से परमाणु हथियार का इस्तेमाल किया जाता है, तो पाकिस्तान के ऐसा करने की आशंका से इनकार नहीं किया जा सकता। हालांकि, उन्होंने साथ ही कहा कि निकट भविष्य में परमाणु युद्ध की संभावना उन्हें बेहद कम नजर आती है।
जियांग ज्यूकिन ने कहा कि दुनिया में परमाणु हथियारों के इस्तेमाल के खिलाफ एक मजबूत वैश्विक मनाही है। यही वजह है कि उन्हें फिलहाल आने वाले कई दशकों में परमाणु हथियारों के इस्तेमाल की संभावना कम लगती है।
उन्होंने कहा कि अगर कभी ऐसी स्थिति पैदा होती है और कोई देश परमाणु हथियार इस्तेमाल करने का फैसला करता है, तो पाकिस्तान उन देशों में शामिल हो सकता है जिन पर विशेष नजर रहेगी।
जियांग ने पाकिस्तान को परमाणु हथियार रखने वाला अपेक्षाकृत कमजोर देश बताते हुए वहां की राजनीतिक और आर्थिक परिस्थितियों का हवाला दिया। उनके मुताबिक, लंबे समय से जारी राजनीतिक अस्थिरता, आर्थिक चुनौतियां और भ्रष्टाचार जैसी परिस्थितियां अगर और बिगड़ती हैं तो परमाणु हथियारों के इस्तेमाल का जोखिम बढ़ सकता है।
उनका तर्क था कि गंभीर संकट की स्थिति में किसी देश के पास हथियारों पर नियंत्रण बनाए रखने के लिए पर्याप्त संस्थागत व्यवस्था और नियंत्रण प्रणाली होना बेहद महत्वपूर्ण है। उन्होंने आशंका जताई कि पाकिस्तान में हालात अत्यधिक खराब होने पर ऐसी चुनौती पैदा हो सकती है।
चीनी प्रोफेसर के मुताबिक, अगर दुनिया में परमाणु हथियारों के इस्तेमाल की कोई स्थिति बनती है तो भारत और पाकिस्तान के बीच संभावित संघर्ष पर विशेष ध्यान देना होगा। उन्होंने पाकिस्तान के परमाणु हथियारों को भारत की बड़ी पारंपरिक सैन्य क्षमताओं के मुकाबले एक रणनीतिक संतुलन के रूप में देखने की बात कही।
हालांकि, उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि परमाणु हथियारों का इस्तेमाल करना किसी भी देश के लिए बेहद गंभीर फैसला होगा और इसके परिणाम विनाशकारी हो सकते हैं।
जियांग ने भारत की परमाणु नीति का जिक्र करते हुए कहा कि भारत की घोषित नीति परमाणु हथियारों का पहले इस्तेमाल नहीं करने की रही है। उन्होंने यह भी कहा कि भारत के पास परमाणु क्षमता के अलावा मजबूत पारंपरिक सैन्य क्षमताएं भी हैं।
उनके मुताबिक, पाकिस्तान की स्थिति भारत से अलग है और इसी अंतर को वह दोनों देशों के बीच संभावित परमाणु जोखिम को समझने में महत्वपूर्ण मानते हैं।
दिलचस्प बात यह है कि पाकिस्तान का नाम लेने के बावजूद जियांग ने कुल मिलाकर परमाणु युद्ध की संभावना को बेहद कम बताया। उनका कहना है कि परमाणु हमला करने वाले देश को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भारी दबाव और संभावित जवाबी कार्रवाई का सामना करना पड़ सकता है।
यही वजह है कि किसी भी सरकार के लिए परमाणु हथियार इस्तेमाल करने का फैसला बेहद कठिन होगा। जियांग के मुताबिक, परमाणु हथियारों के इस्तेमाल के खिलाफ वैश्विक स्तर पर बनी रोक और उसके संभावित विनाशकारी परिणाम फिलहाल ऐसे हमले की सबसे बड़ी बाधाओं में हैं।
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