
नई दिल्ली। ऑपरेशन सिंदूर (Operation Sindoor) के दौरान भारत (India) के जवाबी हमलों से पाकिस्तान (Pakistan) बुरी तरह दबाव में आ गया था। 10 मई 2025 को पाकिस्तान के DGMO मेजर जनरल कासिफ अब्दुल्ला (Kasif Abdullah) ने भारतीय DGMO लेफ्टिनेंट जनरल राजीव घई (Rajiv Ghai) से संपर्क कर तत्काल सीजफायर की मांग की। बातचीत के दौरान उन्होंने कहा- ‘सर, आपने हम पर इतने ब्रह्मोस मिसाइल हिट किए, अब तो आपको शांत होना चाहिए।’ इसी बातचीत के बाद 88 घंटे चले ऑपरेशन सिंदूर के लिए सीजफायर का रास्ता साफ हुआ।
हॉटलाइन खराब थी, फिर भी पाकिस्तान लगातार कर रहा था संपर्क
डिस्कवरी चैनल पर 15 अगस्त को प्रसारित डॉक्युमेंट्री ‘डीक्लासिफाइड: ऑपरेशन सिंदूर’ में राजीव घई ने बताया कि 10 मई की सुबह करीब 9 बजे उन्हें पाकिस्तान के DGMO का संदेश मिला। इसमें भारतीय समकक्ष से बात करने की इच्छा जताई गई थी।
हालांकि, दोनों देशों के बीच बातचीत के लिए इस्तेमाल होने वाली हॉटलाइन में खराबी आ गई थी। इसे ठीक करने में करीब सवा घंटे का समय लगा। इस दौरान पाकिस्तान की ओर से लगातार संपर्क करने की कोशिश की जा रही थी। घई ने बताया कि दोपहर करीब 3.30 बजे उन्होंने पाकिस्तानी DGMO से बातचीत की।
‘सर, आपने बहुत ब्रह्मोस हिट किए…’
बातचीत शुरू होते ही पाकिस्तान के DGMO ने सीजफायर की जरूरत पर जोर दिया। घई के मुताबिक, कासिफ अब्दुल्ला ने कहा कि ‘सर, आपने हम पर इतने ब्रह्मोस मिसाइल हिट किए, अब तो आपको शांत होना चाहिए। क्यों न हम इसे रोक दें।’
भारत के राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजित डोभाल ने भी डॉक्युमेंट्री में बताया कि पाकिस्तान की ओर से बार-बार युद्ध रोकने की अपील की जा रही थी। उन्होंने कहा कि पाकिस्तान ने संदेश दिया कि बहुत हो गया, आपने बहुत नुकसान कर दिया, अब सीजफायर कर लीजिए।
अमेरिका के जरिए भी पाकिस्तान ने बनाया दबाव
सुरक्षा विशेषज्ञ निखिल गोखले के मुताबिक, पाकिस्तान के तत्कालीन सेना प्रमुख असीम मुनीर ने अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो से भी संपर्क किया था। रुबियो ने सुबह करीब 10 बजे विदेश मंत्री एस. जयशंकर को फोन कर बताया कि पाकिस्तान युद्ध रोकना चाहता है।
भारत ने स्पष्ट किया कि वह किसी तीसरे देश की मध्यस्थता नहीं चाहता। पाकिस्तान को सीधे अपने DGMO के जरिए भारतीय DGMO से बात करने को कहा गया।
5.30 बजे के बाद हमले रोकने पर बनी सहमति
राजीव घई के मुताबिक, करीब आधे घंटे की बातचीत के बाद दोनों पक्ष इस बात पर सहमत हुए कि शाम 5.30 बजे के बाद सैन्य कार्रवाई रोक दी जाएगी। इसी के साथ ऑपरेशन सिंदूर का 88 घंटे लंबा अभियान अपने मुकाम पर पहुंचा।
अजित डोभाल ने कहा कि भारत का संदेश स्पष्ट था कि उसकी शांति और सहनशीलता को कमजोरी नहीं समझा जाना चाहिए। भारत पर हमला होने की स्थिति में वह जवाब देने से पीछे नहीं हटेगा।
7 मई की रात 1.05 बजे शुरू हुआ था हमला
ऑपरेशन सिंदूर की शुरुआत 7 मई 2025 की रात 1 बजकर 5 मिनट पर हुई थी। भारत ने पाकिस्तान और पाकिस्तान अधिकृत जम्मू-कश्मीर में आतंकियों के 9 ठिकानों को निशाना बनाया था। इनमें बहावलपुर और मुरीदके प्रमुख थे।
ऑपरेशन के दौरान नॉर्दर्न कमांड के तत्कालीन GOC-in-C लेफ्टिनेंट जनरल प्रतीक शर्मा ने बताया कि वे DGMO को लगातार ‘फर्स्ट हिट, सेकंड हिट, थर्ड हिट, फोर्थ हिट’ कहते सुन रहे थे। इससे पुष्टि हो रही थी कि हमले तय योजना के मुताबिक हो रहे हैं।
बहावलपुर पर हमला करने वाले एक सैन्य अधिकारी ने बताया कि अंतिम अटैक मोड़ पर पहुंचने के बाद उन्होंने ट्रिगर दबाया। इसके बाद अपने साथ दूसरे विमानों से निकल रहे हथियारों को बहावलपुर की ओर बढ़ते देखा।
हमले के लिए सभी सैन्य अधिकारियों को अलग-अलग कोड वर्ड दिए गए थे। सफल हमले के बाद जब एक-एक कर ये कोड वर्ड सुनाई देने लगे, तो ऑपरेशन की सफलता की पुष्टि हो गई।
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