
नई दिल्ली। भारत India’s)के स्टार भाला फेंक खिलाड़ी नीरज चोपड़ा (Neeraj Chopra)ने लुसाने डायमंड लीग में शानदार वापसी करते हुए 88.05 मीटर का सीजन बेस्ट थ्रो (season-best throw)किया। नीरज ने अपने दूसरे प्रयास में यह दूरी हासिल की और कुछ समय के लिए प्रतियोगिता में शीर्ष स्थान पर पहुंच गए। हालांकि श्रीलंका के युवा स्टार रुमेश थरंगा पथिरागे ने तीसरे प्रयास में 88.14 मीटर का थ्रो कर नीरज को पीछे छोड़ दिया। इस तरह नीरज को रजत पदक से संतोष करना पड़ा और वह गोल्ड से सिर्फ 9 सेंटीमीटर दूर रह गए।
लुसाने में नीरज का प्रदर्शन इसलिए भी खास रहा क्योंकि यह इस सीजन में उनका सबसे लंबा थ्रो है। इससे पहले उनका प्रदर्शन उम्मीद के मुताबिक नहीं रहा था और वह 2026 में 88 मीटर के आंकड़े को पार नहीं कर पाए थे। लुसाने में 88.05 मीटर का प्रयास उनके लिए बड़ा आत्मविश्वास बढ़ाने वाला प्रदर्शन माना जा रहा है। यह जून 2025 में पेरिस डायमंड लीग में 88.16 मीटर फेंकने के बाद उनका एक साल से अधिक समय में सबसे लंबा थ्रो भी रहा।
मुकाबले में नीरज ने शुरुआत 83.54 मीटर के थ्रो से की थी। इसके बाद दूसरे प्रयास में उन्होंने अपना प्रदर्शन अचानक काफी बेहतर किया और 88.05 मीटर तक भाला पहुंचाकर शीर्ष स्थान हासिल कर लिया। इस थ्रो के बाद नीरज की जीत लगभग तय होती नजर आ रही थी लेकिन रुमेश पथिरागे ने कुछ ही देर बाद शानदार जवाब दिया। श्रीलंकाई खिलाड़ी ने तीसरे प्रयास में 88.14 मीटर का थ्रो किया और महज 9 सेंटीमीटर के अंतर से नीरज को दूसरे स्थान पर धकेल दिया।
रुमेश पथिरागे के लिए यह जीत बेहद खास रही। 23 वर्षीय श्रीलंकाई खिलाड़ी इस समय शानदार फॉर्म में चल रहे हैं और इस सीजन में नीरज के खिलाफ लगातार बेहतर प्रदर्शन कर रहे हैं। लुसाने की जीत से पहले भी पथिरागे ने नीरज को दो अहम मुकाबलों में पीछे छोड़ा था। दोनों की प्रतिद्वंद्विता अब जैवलिन थ्रो में एक नई कहानी बनती नजर आ रही है।
ग्रेनेडा के एंडरसन पीटर्स ने 86.69 मीटर के सर्वश्रेष्ठ प्रयास के साथ तीसरा स्थान हासिल किया। उन्होंने यह दूरी अपने छठे और आखिरी प्रयास में दर्ज की। त्रिनिदाद और टोबैगो के मौजूदा विश्व चैंपियन केशॉर्न वालकॉट 83.71 मीटर के साथ चौथे स्थान पर रहे। इस तरह नीरज और पथिरागे के बीच मुकाबला बाकी खिलाड़ियों की तुलना में काफी आगे रहा।
नीरज के लिए लुसाने का यह प्रदर्शन भले ही गोल्ड में नहीं बदल सका लेकिन 88 मीटर के पार पहुंचना उनके लिए बड़ी सकारात्मक खबर है। 2026 सीजन की शुरुआत में संघर्ष करने के बाद उन्होंने अब अपनी पुरानी लय की झलक दिखाई है। इससे आगे होने वाली बड़ी प्रतियोगिताओं के लिए उनकी तैयारी को लेकर उम्मीदें बढ़ी हैं। नीरज के सामने अब सबसे बड़ी चुनौती इस प्रदर्शन को लगातार बनाए रखना और आने वाले मुकाबलों में 90 मीटर के आंकड़े के करीब पहुंचना होगी।
लुसाने डायमंड लीग का नतीजा नीरज के लिए एक करीबी हार जरूर रहा लेकिन उनका 88.05 मीटर का थ्रो बताता है कि भारतीय स्टार अपनी सर्वश्रेष्ठ फॉर्म की ओर लौट रहे हैं। दूसरी तरफ पथिरागे की लगातार चुनौती ने पुरुष जैवलिन थ्रो में मुकाबले को और रोमांचक बना दिया है। नीरज अब इस प्रदर्शन से मिले आत्मविश्वास के साथ सीजन के अगले बड़े मुकाबलों में नजर आएंगे।
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