
शिकागो । केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण (Union Finance Minister Nirmala Sitaraman) ने कहा कि अपनी क्षमताओं के बल पर (On the strength of its Capabilities) भारत ग्लोबल हब बन सकता है (India can become Global Hub) ।
केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने भारत के महावाणिज्य दूतावास के कार्यालय में अमेरिका में रहने वाले भारतीय समुदाय से बातचीत की और उन्हें संबोधित किया। रविवार को जारी एक आधिकारिक बयान के अनुसार, वित्त मंत्री सीतारमण ने विदेशों में बसे भारतीयों की भूमिका की सराहना करते हुए उन्हें एक ऐसी मजबूत ताकत बताया जो भारत की ‘सॉफ्ट पावर’, वैश्विक प्रतिष्ठा और द्विपक्षीय संबंधों को बढ़ाती है। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि भारत अपनी तकनीकी क्षमताओं, कुशल वर्कफोर्स और बढ़ते इनोवेशन इकोसिस्टम का इस्तेमाल करके न सिर्फ एक बड़ा बाजार बन सकता है, बल्कि ऑटोनॉमस डिफेंस सिस्टम (खुद से चलने वाले रक्षा सिस्टम) को डेवलप करने, टेस्ट करने और बनाने के लिए एक ग्लोबल हब भी बन सकता है।
उन्होंने शिकागो में हयात के प्रेसिडेंट और सीईओ मार्क एस. होपलामैजियन से मुलाकात की। वित्त मंत्रालय के एक बयान के मुताबिक, बातचीत में भारत के प्रति हयात की लगातार प्रतिबद्धता और देश के टूरिज्म और हॉस्पिटैलिटी सेक्टर के विकास के नए दौर में प्रवेश करने के साथ अपनी मौजूदगी को और बढ़ाने के मौकों पर चर्चा हुई। उन्होंने भारत की बेहतर होती कनेक्टिविटी और इंफ्रास्ट्रक्चर पर जोर दिया, जिससे टूरिज्म और कमर्शियल डेस्टिनेशन के नए रास्ते खुल रहे हैं और टियर-2 और टियर-3 शहर आर्थिक गतिविधियों और यात्रा के अहम केंद्र के तौर पर उभर रहे हैं।
वित्त मंत्री ने डेस्टिनेशन-बेस्ड टूरिज्म (किसी खास जगह पर केंद्रित पर्यटन) में बढ़ते मौकों पर भी जोर दिया, जिसमें आध्यात्मिक, सांस्कृतिक, वेलनेस, मेडिकल, नेचर और अनुभव-आधारित टूरिज्म शामिल हैं। साथ ही, उन्होंने हयात को अपनी ग्लोबल विशेषज्ञता और एसेट-लाइट मॉडल का इस्तेमाल करके भारतीय डेवलपर्स और निवेशकों के साथ साझेदारी को और मजबूत करने के लिए प्रोत्साहित किया। यह जानकारी वित्त मंत्रालय ने एक्स पर एक पोस्ट के जरिए दी।
वित्त मंत्री सीतारमण ने हयात के भारत में बढ़ते कामकाज के लिए ‘नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ़ हॉस्पिटैलिटी’ के जरिए टैलेंट डेवलपमेंट के मौकों और ‘गिफ्ट सिटी’ को संभावित फाइनेंसिंग और ट्रेजरी हब के तौर पर इस्तेमाल करने का सुझाव भी दिया। इससे पहले उन्होंने ‘शील्ड एआई’ के को-फाउंडर और प्रेसिडेंट ब्रैंडन त्सेंग से मुलाकात की। बातचीत में ‘शील्ड एआई’ के भारत के साथ जुड़ाव और एआई-इनेबल्ड ऑटोनॉमी, अनमैन्ड सिस्टम और अगली पीढ़ी की डिफेंस टेक्नोलॉजी (जिसमें आर एंड डी, टेक्नोलॉजी डेवलपमेंट, को-डेवलपमेंट और को-प्रोडक्शन शामिल हैं) के क्षेत्र में सहयोग बढ़ाने के मौकों पर चर्चा हुई।
वित्त मंत्री ने भारत में ‘शील्ड एआई’ की लगातार दिलचस्पी का स्वागत किया और देश के तेजी से बढ़ते डिफेंस टेक्नोलॉजी इकोसिस्टम, मजबूत इंजीनियरिंग और एआई टैलेंट और एडवांस्ड मैन्युफैक्चरिंग व इनोवेशन में बढ़ती क्षमताओं पर जोर दिया। एडीएम के ईवीपी और सीएफओ, मोनीश पटोलावाला के साथ हुई बैठक में भारत के प्रति एडीएम की लंबे समय से चली आ रही प्रतिबद्धता और कृषि, भोजन, पोषण, टेक्नोलॉजी और सस्टेनेबल वैल्यू चेन में अपनी भागीदारी को और गहरा करने के अहम मौकों पर चर्चा हुई।
वित्त मंत्री ने भारत में एडीएम के निवेश का स्वागत किया, जिसमें किसानों के साथ बढ़ती साझेदारी, एफपीओ के साथ जुड़ाव और बेंगलुरु में अपनी ग्लोबल टेक्नोलॉजी और एआई क्षमताओं की स्थापना शामिल है। उन्होंने भारतीय किसानों के साथ संबंधों को और मजबूत करने और रीजेनरेटिव व सस्टेनेबल खेती को बढ़ावा देने के मौकों पर जोर दिया, साथ ही फूड प्रोसेसिंग, इनोवेशन और उभरती टेक्नोलॉजी में भारत की क्षमताओं का लाभ उठाने की बात कही।
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