
इंदौर। 1 सितंबर से दूध की नई दरें लागू होनी हैं, लेकिन उपभोक्ताओं को कितना महंगा दूध मिलेगा, इसे लेकर अब भी स्थिति स्पष्ट नहीं है। बढ़ती पशु आहार लागत और दूध उत्पादन के बढ़ते खर्च का हवाला देते हुए दूध उत्पादक किसानों ने 70 रु प्रति लीटर न्यूनतम भाव तय करने की मांग उठाई है।
किसानों के रुख को देखते हुए दूध विक्रेता संघ भी फिलहाल खुलकर कोई निर्णय लेने से बच रहा है। बैठकों के बावजूद नई दरों को लेकर आधिकारिक घोषणा नहीं हुई है। ऐसे में उपभोक्ताओं में असमंजस बना हुआ है। किसानों ने सरकारी इंदौर दूध संघ (सांची) की कार्यप्रणाली और भुगतान दरों पर भी नाराजगी जताई है। उनका कहना है कि मौजूदा दरें बढ़ती उत्पादन लागत के अनुरूप नहीं हैं। इधर, मांग को लेकर आज देपालपुर विधानसभा क्षेत्र के ग्राम करजोदा में दूध उत्पादक किसानों की महापंचायत होगी। इसमें 70 रु प्रति लीटर की मांग पर रणनीति तय करने के साथ प्रशासन से दूध के दामों को लेकर हस्तक्षेप की मांग भी उठ सकती है। किसानों ने चार दिन पहले मुख्यमंत्री के नाम कलेक्टर और कमिश्नर को ज्ञापन सौंपा था। अब सब कि नजरें करजोदा की महापंचायत के फैसले और दूध विक्रेता संघ के अगले कदम पर हैं। माना जा रहा है कि अगले एक-दो दिन में 1 सितंबर से लागू होने वाली नई दरों को लेकर तस्वीर साफ हो जाएगी।
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