
तेहरान। पेट्रोल-डीजल (Petrol and Diesel) के सस्ता होने की उम्मीद कर रहे लोगों के लिए बुरी खबर है। ईरान और अमेरिका में जंग (Iran -America War) तेज हो गई है। मिसाइलों की बारिश ने क्रूड की कीमतों (Crude oil Prices) में आग लगा दी है। अब इंटरनेशन बेंचमार्क (International benchmark) ब्रेंट क्रूड तेजी से 100 डॉलर प्रति बैरल की ओर भाग रहा है। ऐसे में दुनिया भर में एक बार फिर ऊर्जा संकट के और बढ़ने के खतरे बढ़ गए हैं।
बुधवार सुबह कारोबार शुरू होते ही कच्चे तेल की कीमतों में करीब 1.5% से अधिक की बढ़ोतरी हुई। यह उछाल मंगलवार के तेज उछाल के बाद आया है, जब दोनों तरह के तेल 4 डॉलर से ज्यादा महंगे हो गए थे। ब्लूमबर्ग के अनुसार वेस्ट टेक्सास इंटरमीडिएट (WTI) क्रूड का दाम सुबह 7 बजे के 1.61 डॉलर प्रति बैरल चढ़कर 91.83 डॉलर पर कारोबार कर रहा था और अंतरराष्ट्रीय बेंचमार्क ब्रेंट क्रूड 1.91 डॉलर प्रति बैरल चढ़कर 96.56 डॉलर पर था।
अमेरिका-ईरान के बीच रातभर मिसाइलों की बारिश
अमेरिका ने ईरान के ठिकानों पर हवाई हमले किए, जिसके जवाब में ईरान ने पलटवार किया। दोनों देशों के बीच हफ्तों में यह सबसे गंभीर झड़प है। अमेरिकी सेंट्रल कमांड के मुताबिक, ये हमले ईरानी रिवोल्यूशनरी गार्ड्स (IRGC) की उन हालिया हरकतों के जवाब में किए गए, जिसमें उन्होंने होर्मुज स्ट्रेट में व्यापारिक जहाजों और अमेरिकी सैनिकों पर हमले की कोशिश की थी।
होर्मुज पर संकट गहरा
ईरानी रिवोल्यूशनरी गार्ड्स ने चेतावनी दी है कि अमेरिकी हमलों से होर्मुज के रास्ते और भी ज्यादा बंद हो जाएंगे। गौरतलब है कि इसी रास्ते से दुनिया की कुल पांचवीं तेल खपत गुजरती थी, लेकिन अब ईरान ने इसे व्यावसायिक जहाजों के लिए प्रभावी रूप से बंद कर दिया है।
ईरान की जवाबी कार्रवाई और नए हमले
IRGC ने जॉर्डन में अमेरिकी सैन्य अड्डे पर बैलिस्टिक मिसाइलें दागीं और दावा किया कि बड़ी संख्या में अमेरिकी सैनिक मारे गए। ईरानी मीडिया के मुताबिक, बहरीन में अमेरिकी बेस पर बड़े पैमाने पर ड्रोन हमला किया गया। जॉर्डन की सेना ने 13 में से 10 मिसाइलें हवा में ही नष्ट कर दीं। अमेरिकी अधिकारियों ने अभी तक किसी भी नुकसान की पुष्टि नहीं की है। कुवैत ने भी दुश्मन ड्रोन गतिविधि के खिलाफ अपनी सेना तैनात कर दी है।
टैंकरों पर हमले
पिछले सप्ताहांत (जुलाई के बाद पहली बार) झड़पें तेज हुईं। सोमवार को होर्मुज से निकलते दो टैंकरों पर भी हमले हुए, जिससे तेल आपूर्ति बुरी तरह प्रभावित हुई है और कारोबारी वैकल्पिक रास्ते तलाशने पर मजबूर हैं।
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