
डेस्क: बीएसपी सुप्रीमो मायावती ने अपने भतीजे आकाश आनंद को एक बार फिर झटका दिया है. मायावती ने आज की महत्वपूर्ण बैठक में साफ कहा कि आकाश आनंद में अभी पर्याप्त परिपक्वता नहीं आई है. मायावती के अनुसार, जब तक वह और ज्यादा मैच्योर नहीं हो जाते, तब तक उन्हें पार्टी की कोई बड़ी जिम्मेदारी नहीं सौंपी जाएगी. गौरतलब है कि इस बैठक में आकाश आनंद को भी नहीं बुलाया गया था.
यह उनके लिए इस तरह का तीसरा बड़ा झटका है, जिसके बाद BSP में उनकी भूमिका और राजनीतिक भविष्य पर सवाल उठने लगे हैं. BSP की राष्ट्रीय अध्यक्ष मायावती ने गुरुवार को लखनऊ में पार्टी की राष्ट्रीय स्तर की बैठक बुलाई थी. इस बैठक में उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड, पंजाब, हिमाचल प्रदेश और गुजरात जैसे अहम राज्यों में 2027 में होने वाले विधानसभा चुनावों के लिए मुख्य रणनीतियों को अंतिम रूप देने पर ध्यान केंद्रित किया गया.
मायावती चुनाव वाले राज्यों के नेताओं से वहां के बदलते राजनीतिक हालात पर सीधे फीडबैक लेने और फिर उनके इनपुट के आधार पर राज्य-विशेष रणनीतियों पर चर्चा हुई. राज्य इकाइयां पार्टी प्रमुख को जिला और बूथ स्तर पर संगठन को मजबूत करने में आ रही दिक्कतों के बारे में भी जानकारी दी. नेताओं द्वारा कैडर विस्तार, आपसी तालमेल और लोगों तक पहुंच बनाने से जुड़ी चुनौतियों को पर चर्चा हुई. इसके बाद मायावती इन समस्याओं के समाधान के लिए निर्देश दिया.
आकाश आनंद ने 10 अगस्त को हाथरस के सादाबाद में जनसभा कर पार्टी के चुनावी अभियान की शुरुआत की. बीजेपी की प्रदेश और केंद्र सरकार पर तीखा हमला बोला. समाजवादी पार्टी और कांग्रेस पर भी निशाना साधा. सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव और कांग्रेस नेता राहुल गांधी को अंकल कहकर संबोधित किया. अपनी उम्र 30 साल बताते हुए कहा कि अखिलेश यादव करीब 50 साल के हैं, इसलिए उन्हें अंकल कहना अनादर नहीं है. ये कोई पहली बार नहीं है. 2024 में उनके एक बयान को लेकर विवाद हुआ था. इसके बाद मायावती ने उन्हें कुछ समय के लिए पार्टी की जिम्मेदारियों से हटा दिया था. बाद में उन्हें फिर से राष्ट्रीय संयोजक की जिम्मेदारी सौंपी गई.
©2026 Agnibaan , All Rights Reserved