
नई दिल्ली । मिर्जापुर(Mirzapur) की गद्दी की लड़ाई एक बार फिर बड़े पर्दे पर पहुंच चुकी है और इस बार इस जंग में रवि किशन (Ravi Kishan)ने ऐसी एंट्री मारी है जिसने पूरी कहानी का रंग ही बदल दिया है। 4 सितंबर 2026 को सिनेमाघरोंCinemas) में रिलीज हुई मिर्जापुर द मूवी में रवि किशन बब्बन बबुआ के किरदार में नजर आ रहे हैं। फिल्म में उनका अंदाज इतना दमदार है कि कई मौकों पर गुड्डू पंडित और मुन्ना भैया जैसे पुराने और चर्चित किरदार भी उनके सामने कमजोर पड़ते दिखाई देते हैं। फिल्म की शुरुआती प्रतिक्रियाओं में भी रवि किशन के अभिनय को खास तौर पर सराहा जा रहा है।
मिर्जापुर की दुनिया में अब तक कालीन भैया गुड्डू पंडित और मुन्ना भैया के बीच सत्ता और वर्चस्व की लड़ाई देखने को मिली है लेकिन फिल्म इस कहानी में एक नया खिलाड़ी लेकर आती है। बब्बन बबुआ यानी रवि किशन की नजर मिर्जापुर की गद्दी पर है और वह कालीन भैया को रास्ते से हटाकर खुद इस सत्ता का मालिक बनना चाहता है। उसका किरदार शुरुआत से ही आक्रामक तेवर और दबदबे के साथ सामने आता है। कहानी में वह एक कारोबारी डील के बहाने कालीन भैया के करीब पहुंचता है लेकिन उसके इरादे कुछ और ही होते हैं।
रवि किशन की सबसे बड़ी खासियत यह है कि उन्होंने बब्बन बबुआ को सिर्फ एक आम विलेन की तरह पेश नहीं किया है। उनके हावभाव संवाद बोलने का अंदाज और पर्दे पर मौजूदगी किरदार को अलग पहचान देते हैं। एक्शन दृश्यों में उनका बाहुबल नजर आता है तो भावनात्मक दृश्यों में भी उन्होंने अपनी पकड़ बनाए रखी है। यही वजह है कि फिल्म में उन्हें अच्छा खासा स्क्रीन टाइम मिला है और कई दर्शकों के लिए वह फिल्म का सबसे बड़ा सरप्राइज पैकेज बनकर उभरे हैं।
फिल्म के क्लाइमैक्स में रवि किशन का किरदार और भी ज्यादा प्रभावशाली नजर आता है। बब्बन बबुआ जिस अंदाज में गुड्डू पंडित और मुन्ना भैया से भिड़ता है वह दृश्य फिल्म के चर्चित हिस्सों में शामिल हो गया है। पर्दे पर उनका रौब और आक्रामकता देखकर दर्शकों के बीच सीटी और तालियों का माहौल बनने की बात सामने आई है। इस तरह रवि किशन ने एक बार फिर साबित किया है कि मजबूत स्क्रीन प्रेजेंस वाला अभिनेता छोटे या बड़े किसी भी किरदार को यादगार बना सकता है।
हालांकि फिल्म में सिर्फ रवि किशन ही आकर्षण का केंद्र नहीं हैं। पंकज त्रिपाठी एक बार फिर कालीन भैया के रूप में अपने पुराने दबदबे के साथ लौटे हैं। अली फजल गुड्डू पंडित और दिव्येंदु शर्मा मुन्ना भैया के चर्चित किरदारों में फिर दिखाई दे रहे हैं। फिल्म की कहानी में पुराने चेहरों के साथ नए किरदारों का मेल देखने को मिलता है जिससे मिर्जापुर की दुनिया और ज्यादा विस्तृत होती नजर आती है।
फिल्म का निर्देशन गुरमीत सिंह ने किया है और कहानी व लेखन की जिम्मेदारी पुनीत कृष्णा ने संभाली है। फिल्म की कहानी मिर्जापुर सीरीज की टाइमलाइन से जुड़ी है और इसी वजह से दर्शकों को कई ऐसे किरदार फिर पर्दे पर नजर आते हैं जिन्हें आगे की कहानी में अलग परिस्थितियों में देखा गया था। मिर्जापुर द मूवी में रवि किशन की बब्बन बबुआ के रूप में एंट्री ने सत्ता की इस पुरानी लड़ाई में एक नया कोण जोड़ दिया है।
कुल मिलाकर मिर्जापुर द मूवी में रवि किशन ने बब्बन बबुआ के किरदार के जरिए अपना अलग भौकाल खड़ा किया है। फिल्म में जहां पुराने किरदारों की वापसी दर्शकों को रोमांचित करती है वहीं रवि किशन की दमदार मौजूदगी कहानी में नया तनाव और उत्साह पैदा करती है। बब्बन बबुआ का किरदार कितना ताकतवर है यह फिल्म देखने के बाद साफ महसूस होता है लेकिन इतना जरूर है कि इस बार मिर्जापुर की गद्दी की लड़ाई में रवि किशन ने अपनी जबरदस्त मौजूदगी दर्ज करा दी है।
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