
भोपाल । मुख्यमंत्री मोहन यादव (Chief Minister Mohan Yadav) ने कहा कि मध्य प्रदेश में शिक्षक पात्रता परीक्षा (Teacher Eligibility Test in Madhya Pradesh) ऑफलाइन होगी (Will be held Offline) ।
मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव ने राज्य के शिक्षकों के लिए शिक्षक दिवस पर बड़ा ऐलान किया है और कहा है कि शिक्षकों को शिक्षक पात्रता परीक्षा (टीईटी) ऑफलाइन देनी होगी। दरअसल सर्वोच्च न्यायालय के निर्देश पर देश के सभी राज्यों में शिक्षकों के लिए पात्रता परीक्षा आयोजित की जा रही है। मध्य प्रदेश में यह परीक्षा ऑनलाइन प्रस्तावित थी। शिक्षक इस परीक्षा का ही विरोध कर रहे हैं।
शिक्षक दिवस पर राज्य स्तरीय शिक्षक सम्मान समारोह राजधानी स्थित आरसीवीपी नरोन्हा प्रशासन एवं प्रबंधकीय अकादमी में आयोजित किया गया। इसका राज्यपाल मंगुभाई पटेल एवं मुख्यमंत्री मोहन यादव ने दीप प्रज्वलित कर शुभारंभ किया। शिक्षक सम्मान समारोह में मुख्यमंत्री मोहन यादव ने कहा कि राज्य सरकार ने टीईटी के माध्यम से ऑफलाइन परीक्षा आयोजित करने का निर्णय लिया है। हमारा संकल्प है कि मध्य प्रदेश की शिक्षा व्यवस्था को और मजबूत बनाया जाए, हमारे शिक्षकों को सम्मान और बेहतर अवसर मिले तथा प्रदेश का हर विद्यार्थी गुणवत्तापूर्ण शिक्षा प्राप्त कर अपने सपनों को साकार कर सके।
मुख्यमंत्री यादव ने आगे कहा कि आज दुनिया भारत की ओर आशा भरी नजरों से देख रही है। दुनिया भर में मची उथल-पुथल के बीच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में हमारा देश तेजी से विकास के पथ पर आगे बढ़ रहा है। वहीं, आज शिक्षक दिवस के अवसर पर मैं देश और समाज के निर्माण में शिक्षकों की भूमिका को नमन करता हूं। गुरु की महिमा बताते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि कहा जाता है कि जहां “गुरुर” समाप्त होता है, वहीं “गुरु” की प्राप्ति होती है। गुरु केवल ज्ञान देने वाला व्यक्ति नहीं, बल्कि जीवन को दिशा देने वाला मार्गदर्शक होता है। हम सभी जानते हैं कि देश की किस्मत स्कूल की कक्षाओं में बनती है और उन कक्षाओं के अधिपति हमारे शिक्षक होते हैं। एक सच्चा शिक्षक उस समय सबसे अधिक आनंदित होता है, जब उसका शिष्य उससे भी आगे बढ़कर सफलता प्राप्त करता है।
मुख्यमंत्री ने आगे कहा कि मध्य प्रदेश में हमारे सरकारी विद्यालयों के शिक्षक अपने समर्पण और मेहनत से इस भावना को निरंतर साकार कर रहे हैं। जब मध्य प्रदेश बोर्ड परीक्षाओं के परिणाम सामने आते हैं, तो मेरिट सूची में शामिल होने वाले विद्यार्थियों में आधे से अधिक बच्चे सरकारी स्कूलों से होते हैं। यह उपलब्धि हमारे शिक्षकों की मेहनत, समर्पण और विद्यार्थियों के प्रति उनकी प्रतिबद्धता का प्रमाण है। शिक्षा की गुणवत्ता को और बेहतर बनाने तथा विद्यार्थियों और शिक्षकों के हित में हम निरंतर नए कदम उठा रहे हैं।
©2026 Agnibaan , All Rights Reserved