
डेस्क। पश्चिम बंगाल की दो विधानसभा सीटों, नंदीग्राम और रेजिनगर में 6 अक्टूबर को उपचुनाव के लिए वोटिंग होने वाली है। इससे पहले सियासत चरम पर है। पहले तो टीएमसी में नाम और सिंबल का बंटवारा चुनाव आयोग ने कर दिया है। ममता बनर्जी की टीएमसी के सिंबल फूल और घास वाला सिंबल फ्रीज कर टीएमसी के दोनों गुटों को नया सिंबल दिया है। दोनों गुट इसी सिंबल पर उपचुनाव लड़ेंगे। लेकिन सबसे बड़ी सियासी खबर तब सामने आई जब ममता की टीएमसी की नंदीग्राम से उम्मीदवार ने मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी के साथ बैठक की और फिर ममता ऑल इंडिया तृणमूल कांग्रेस की उम्मीदवार संचिता प्रधान डे ने अपना नाम वापस ले लिया है।
इसके बाद ममता बनर्जी प्रेस कांफ्रेंस कर रही हैं। ममता ने कहा-डेमोक्रेसी के इतिहास में ये एक काला दिन है। ममता ने कहा, एसआईआर करके 92 लाख नाम डिलीट कर दिए गए थे। एआई के मदद से ये किया गया। बहुत दुःख का बात है। बिहार में लूटा है बंगाल में भी लूटा है। ये बीजेपी का ही किया धरा है। उद्भव ठाकरे जी का पार्टी को भी किया था। सिर्फ एक पार्टी के इगो के लिए ये काम किया जा रहा है।
ममता ने कहा, उद्धव ठाकरे की पार्टी को तोड़ा, फिर NCP को तोड़ा, फिर थ्रेट किया सपोर्ट करने के लिए। काउंटिंग तो CISF, CRPF ने किया। हाइजैक किया गया। टीएमसी 29 साल का पार्टी है। कैसे कर सकते हैं! फिर बैंक अकाउंट फ्रिज कर दिया। मैने डोला सेन से सुना 64 लोगों का खून किया गया। महिलाओं के साथ अत्याचार किया गया। 14 हजार वर्कर केस फेस करना पड़ा। ये वर्ल्ड रिकॉर्ड है, पुलिस ऐसा कर रही है।
नंदीग्राम में उपचुनाव इसलिए भी अहम है, क्योंकि यहीं से टीएमसी प्रमुख ममता बनर्जी ने विधानसभा चुनाव लड़ा था और वो चुनाव शुभेंदु अधिकारी से हार गई थीं। नंदीग्राम उपचुनाव भाजपा और ममता की टीएमसी दोनों के लिए इसलिए भी मायने रखता है, क्योंकि ये उपचुनाव दोनों के लिए प्रतिष्ठा का चुनाव है।
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