
टोटल विलेज डेवलपमेंट प्रोग्राम के तहत स्थापित केंद्र में फुटवियर निर्माण इकाई और कौशल प्रशिक्षण की सुविधा, महिलाओं और युवाओं को मिलेगा रोजगार का अवसर
लखीसराय: आत्मनिर्भर भारत (Self-Reliant India) के संकल्प को ग्रामीण स्तर (Village level) पर मजबूत बनाने की दिशा में सनातन सांस्कृतिक संघ (Sanatan Sanskritik Sangh) ने बिहार (Bihar) के लखीसराय में एक नए स्वरोजगार केंद्र का शुभारंभ किया है। संगठन की राष्ट्रीय अध्यक्षा श्रीमती हरिप्रिया भार्गव के मार्गदर्शन में समग्र ग्राम विकास कार्यक्रम (टोटल विलेज डेवलपमेंट प्रोग्राम-टीवीडीपी) के अंतर्गत स्थापित यह केंद्र ग्रामीण क्षेत्रों में स्वरोजगार, कौशल विकास और स्थानीय उद्यमिता को बढ़ावा देने के उद्देश्य से स्थापित किया गया है।
केंद्र में चप्पल एवं फुटवियर निर्माण की आधुनिक उत्पादन इकाई स्थापित की गई है, जहां स्थानीय युवाओं और महिलाओं को प्रशिक्षण के साथ रोजगार के अवसर उपलब्ध कराए जाएंगे। इस पहल से स्थानीय स्तर पर उत्पादन को बढ़ावा मिलेगा, कुटीर एवं लघु उद्योगों को नई गति मिलेगी तथा रोजगार के लिए होने वाले पलायन को कम करने में मदद मिलेगी।
श्रीमती हरिप्रिया भार्गव ने कहा, “आत्मनिर्भर भारत का सपना तभी साकार होगा, जब हर गांव में सम्मानजनक आजीविका के अवसर उपलब्ध होंगे। हमारा उद्देश्य केवल रोजगार उपलब्ध कराना नहीं, बल्कि लोगों को आत्मविश्वास, स्वाभिमान और अपने गांव में रहकर आगे बढ़ने का अवसर देना है।”
उन्होंने कहा कि गांवों की आर्थिक मजबूती ही देश के समग्र विकास का आधार है। “जब महिलाएं आर्थिक रूप से सशक्त होंगी और युवा कौशल के साथ आगे बढ़ेंगे, तभी मजबूत, समृद्ध और आत्मनिर्भर भारत का निर्माण होगा। स्थानीय उद्यमिता और स्वरोजगार ही ग्रामीण विकास की सबसे मजबूत नींव है।”
यह पहल संगठन की आशामा अवधारणा पर आधारित है, जिसे समग्र ग्राम विकास कार्यक्रम के तहत विकसित किया गया है। इसके अंतर्गत ‘आ' का अर्थ आर्थिक एवं आध्यात्मिक उन्नति, ‘शा’ का अर्थ शारीरिक सशक्तिकरण तथा ‘मा’ का अर्थ मानसिक संतुलन एवं समग्र विकास है। इस अवधारणा का उद्देश्य आर्थिक प्रगति के साथ सामाजिक मूल्यों, व्यक्तित्व विकास और आत्मविश्वास को भी समान महत्व देना है।
स्वरोजगार केंद्र में प्रशिक्षण प्राप्त करने वाले लोगों को फुटवियर निर्माण से जुड़ी व्यावहारिक जानकारी दी जाएगी, जिससे वे स्थानीय स्तर पर रोजगार प्राप्त करने के साथ भविष्य में अपना स्वयं का उद्यम भी शुरू कर सकें। संगठन के अनुसार, इस पहल के माध्यम से 500 से अधिक महिलाओं और युवाओं को स्वरोजगार से जोड़ने का लक्ष्य रखा गया है।
इस अवसर पर बिहार प्रभारी श्री नीतीश कुमार सिंह ने कहा कि लखीसराय में ऐसी उत्पादन इकाई की स्थापना स्थानीय अर्थव्यवस्था को नई दिशा देगी। उन्होंने कहा कि इससे युवाओं और महिलाओं को अपने क्षेत्र में ही रोजगार के अवसर मिलेंगे तथा यह मॉडल भविष्य में अन्य जिलों के लिए भी प्रेरणा बनेगा।
सनातन सांस्कृतिक संघ के अनुसार, लखीसराय में शुरू किया गया यह केंद्र ग्रामीण विकास की व्यापक योजना का हिस्सा है। संगठन आने वाले समय में देश के अन्य राज्यों में भी ऐसे स्वरोजगार केंद्र स्थापित करने की योजना पर कार्य कर रहा है। वर्तमान में बिहार के अलावा बुंदेलखंड, झारखंड और छत्तीसगढ़ सहित विभिन्न क्षेत्रों में भी संगठन कौशल विकास, स्वरोजगार और ग्रामीण आजीविका को बढ़ावा देने के लिए कार्य कर रहा है।
सनातन सांस्कृतिक संघ का मानना है कि आत्मनिर्भर भारत की मजबूत नींव गांवों में ही तैयार होगी। स्थानीय संसाधनों, कौशल और उद्यमिता को बढ़ावा देकर ग्रामीण परिवारों के लिए स्थायी आजीविका के अवसर सृजित किए जा सकते हैं। संगठन इसी उद्देश्य के साथ आशामा और समग्र ग्राम विकास कार्यक्रम के माध्यम से विभिन्न राज्यों में कार्य कर रहा है।
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