
भोपाल। राहुल गांधी के बालाघाट दौरे में कलेक्टर और एसपी की गैरमौजूदगी को लेकर कांग्रेस ने मध्य प्रदेश सरकार के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी ने दोनों अधिकारियों पर नेता प्रतिपक्ष के प्रोटोकॉल का उल्लंघन करने का आरोप लगाया है। उन्होंने कहा कि मुख्य सचिव से बात करने और अधिकारियों को सूचना देने के बावजूद वे दौरे में नहीं पहुंचे। कांग्रेस इस मामले को विधानसभा में उठाने के साथ राष्ट्रपति और केंद्रीय गृहमंत्री तक शिकायत पहुंचाएगी। शुक्रवार को प्रेस कॉन्फ्रेंस में पटवारी ने कहा कि राहुल गांधी बालाघाट में उन आदिवासी परिवारों से मिलने पहुंचे थे, जिनके बच्चों की मौत हुई है। ऐसे संवेदनशील दौरे में जिला प्रशासन के प्रमुख अधिकारियों की मौजूदगी जरूरी थी। पटवारी ने कहा कि कांग्रेस इस मामले में विशेषाधिकार हनन का नोटिस देने पर भी विचार करेगी।
पटवारी ने बालाघाट में बच्चों की मौत के मामलों का हवाला देते हुए आदिवासी क्षेत्रों में शिक्षा, स्वास्थ्य और विकास की स्थिति पर सवाल उठाए। उन्होंने आरोप लगाया कि करीब 25 साल से प्रदेश में भाजपा की सरकार होने के बावजूद आदिवासी बच्चों को पर्याप्त सुविधाएं और समान अवसर नहीं मिल रहे हैं। उन्होंने आदिवासी विकास योजनाओं के बजट के इस्तेमाल पर भी सवाल उठाए।
पटवारी ने भाजपा की कोर कमेटी की बैठक के बाद सामने आए बयानों का जिक्र करते हुए सरकार और प्रशासन के बीच तालमेल पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि जब मंत्री ही अधिकारियों की बात न सुनने की शिकायत कर रहे हैं, तो सरकार को बताना चाहिए कि प्रशासन कैसे चल रहा है। उन्होंने मुख्यमंत्री और अधिकारियों के बीच संवाद को लेकर भी सवाल खड़े किए। पटवारी ने प्रदेश सरकार की कार्यप्रणाली पर तंज कसते हुए अपने पुराने बयान को दोहराया कि मध्य प्रदेश में सरकार के बजाय ‘सर्कस’ चल रहा है।
कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष ने प्रदेश पर करीब छह लाख करोड़ रुपये का कर्ज होने और प्रति व्यक्ति कर्ज करीब 80 हजार रुपये तक पहुंचने का दावा किया। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार एक ओर कर्ज ले रही है, वहीं दूसरी ओर विमान, हेलीकॉप्टर और प्रचार पर खर्च कर रही है। उन्होंने राजनीतिक आयोजनों में दिखावे पर भी सवाल उठाए।
©2026 Agnibaan , All Rights Reserved