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ओवैसी ने CEC ज्ञानेश कुमार के खिलाफ विपक्ष के प्रदर्शन से बनाई दूरी, बोले- मेरा क्या काम, बताईं 2 बड़ी मांगें

October 07, 2026

नई दिल्ली। मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) ज्ञानेश कुमार के खिलाफ मंगलवार को INDIA गठबंधन के सांसदों के प्रदर्शन से AIMIM प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी (Asaduddin Owaisi) दूर रहे। उन्होंने साफ किया कि AIMIM इस गठबंधन का हिस्सा नहीं है, इसलिए वह उसके प्रदर्शन में शामिल नहीं हुए। हालांकि, ओवैसी ने चुनाव आयुक्तों की नियुक्ति प्रक्रिया में बदलाव और SIR को लेकर अपनी अलग मांगें सामने रखीं।

ओवैसी ने प्रदर्शन में शामिल नहीं होने के सवाल पर कहा कि वह INDIA गठबंधन का हिस्सा नहीं हैं। उन्होंने तंज कसते हुए कहा, “मैं उसका हिस्सा नहीं हूं, तो किस्सा ही खत्म। बेगानी शादी में मेरा क्या काम।” उनका कहना था कि CEC के खिलाफ विपक्ष की मुहिम से अलग रहते हुए भी चुनाव प्रक्रिया से जुड़े मुद्दों पर उनकी अपनी स्पष्ट मांगें हैं।

CEC के चयन की प्रक्रिया बदलने की मांग
ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग पर ओवैसी ने कहा कि उनका मुख्य मुद्दा केवल किसी एक व्यक्ति का इस्तीफा नहीं, बल्कि मुख्य चुनाव आयुक्त के चयन की मौजूदा व्यवस्था में बदलाव है। उनके मुताबिक मौजूदा व्यवस्था में कार्यपालिका का प्रभाव अधिक है।

ओवैसी ने कहा कि प्रधानमंत्री की अध्यक्षता वाली चयन समिति में प्रधानमंत्री द्वारा नामित केंद्रीय मंत्री और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष शामिल होते हैं। उनका तर्क है कि इस प्रक्रिया में भारत के मुख्य न्यायाधीश (CJI) को भी शामिल किया जाना चाहिए, ताकि चुनाव आयुक्तों के चयन में अधिक संतुलन और स्वतंत्रता सुनिश्चित हो सके। मौजूदा चयन समिति की संरचना 2023 के कानून के तहत है।


  • उन्होंने कहा कि “सबसे बड़ी समस्या मुख्य चुनाव आयुक्त का चुनाव है। वो गलत है, उसे ठीक करना चाहिए।” यानी ओवैसी की पहली बड़ी मांग नियुक्ति प्रक्रिया में बदलाव की है।

    SIR को लेकर भी विरोध
    ओवैसी ने मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण यानी SIR को लेकर भी आपत्ति जताई। उन्होंने कहा कि बिहार में जब SIR की प्रक्रिया शुरू हुई थी, तब AIMIM ने इस मुद्दे को उठाया था और पार्टी की ओर से नामों से संबंधित जानकारी भी दी गई थी।

    उन्होंने SIR की तुलना NRC से करते हुए इसे लेकर गंभीर आशंका जताई। ओवैसी के मुताबिक उनकी पार्टी का मानना है कि SIR के जरिए ऐसी प्रक्रिया आगे बढ़ रही है, जो पीछे के दरवाजे से NRC जैसी व्यवस्था की ओर ले जा सकती है। ये ओवैसी और AIMIM की राजनीतिक आपत्तियां हैं; इन्हें स्वतंत्र रूप से प्रमाणित तथ्य के तौर पर नहीं देखा जाना चाहिए।

    AAP और DMK भी INDIA के प्रदर्शन से अलग
    मंगलवार के INDIA गठबंधन के प्रदर्शन से AIMIM के अलावा आम आदमी पार्टी और DMK भी अलग रहे। हालांकि, AAP ने साफ किया है कि वह चुनाव प्रक्रिया और SIR के खिलाफ अलग-अलग स्तर पर आंदोलन जारी रखेगी।

    AAP नेता और पूर्व विधायक सौरभ भारद्वाज ने कहा कि बुधवार को दिल्ली के कश्मीरी गेट स्थित मुख्य निर्वाचन अधिकारी के कार्यालय के बाहर होने वाले प्रदर्शन में कांग्रेस और वाम दलों के साथ AAP भी शामिल होगी। उन्होंने कहा कि पार्टी पहले ही स्पष्ट कर चुकी है कि जब भी सड़क पर विरोध प्रदर्शन होगा, उसके कार्यकर्ता उसमें भाग लेंगे।

    राहुल-प्रियंका समेत कई नेता हिरासत में लिए गए
    मंगलवार को INDIA गठबंधन के सांसदों ने संसद से चुनाव आयोग कार्यालय की ओर मार्च निकाला। पुलिस ने मार्च को आगे बढ़ने से रोक दिया। इसके बाद राहुल गांधी, प्रियंका गांधी और अन्य कांग्रेस नेताओं ने आकाशवाणी भवन परिसर के पास धरना शुरू कर दिया। राहुल गांधी और प्रियंका गांधी समेत कई नेताओं को बाद में पुलिस ने हिरासत में लिया और बसों से किंग्सवे कैंप स्थित पुलिस लाइंस ले जाया गया। रात में उन्हें रिहा कर दिया गया।

    विपक्षी दलों का मुख्य जोर CEC ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे और SIR को वापस लेने की मांग पर है। INDIA गठबंधन ने मतदाता सूची में कथित गड़बड़ियों और नाम हटाए जाने को लेकर चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए हैं।

    आयोग बोला- शाम 4 बजे तक औपचारिक मुलाकात का अनुरोध नहीं आया
    प्रदर्शन के बाद चुनाव आयोग ने मंगलवार शाम अपने पक्ष में कहा कि शाम 4 बजे तक किसी राजनीतिक दल ने अधिकृत प्रतिनिधि के माध्यम से आयोग से मुलाकात का औपचारिक समय नहीं मांगा था। आयोग के मुताबिक करीब 4 बजे दिल्ली पुलिस ने उसे बताया कि लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी के नेतृत्व में 240 सांसदों का प्रतिनिधिमंडल आयोग से मिलकर ज्ञापन सौंपना चाहता है।

    आयोग ने कहा कि उसे इस प्रस्ताव की जानकारी मीडिया और दिल्ली पुलिस के जरिए मिली। उसके मुताबिक राजनीतिक दलों के साथ बैठक के लिए 2025 में एक निर्धारित प्रक्रिया बनाई गई थी, जिसका पालन किया जाता है। आयोग ने यह भी कहा कि संसद भवन परिसर में बैठक आयोजित करने का प्रस्ताव उसके तय प्रोटोकॉल के अनुरूप नहीं था।

    इस तरह CEC ज्ञानेश कुमार के खिलाफ विपक्ष का आंदोलन तेज होता दिख रहा है, लेकिन ओवैसी ने इससे अलग रहते हुए चुनाव आयुक्तों की नियुक्ति प्रक्रिया में CJI को शामिल करने और SIR का विरोध करने को अपनी प्राथमिक मांग बताया है।

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