
नई दिल्ली । कांग्रेस सांसद राहुल गांधी और प्रियंका गांधी सहित कई नेताओ को (Several leaders including Congress MPs Rahul Gandhi and Priyanka Gandhi) पुलिस ने हिरासत में लिया (Police Detained) ।
ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर राहुल गांधी जंतर-मंतर पर प्रदर्शन करने की मांग पर अड़े रहे । पुलिस अफसर उन्हें समझाने की कोशिश करते रहे । उधर प्रियंका सड़क पर लेट गईं । उन्होंनें कहा कि सांसदों को पीटा गया। इस प्रदर्शन में राहुल-प्रियंका के साथ विपक्षी सांसद भी मौजूद हैं। राहुल ने कहा- ज्ञानेश कुमार वैध चुनाव आयुक्त नहीं है। उन्हें हटना होगा। जंतर-मंतर पर पुलिस की भारी बैरिकेडिंग और पाबंदियों के बीच जब बस रुकी, तो ड्रामा अपने चरम पर पहुंच गया। राहुल गांधी बस से उतरकर पैदल ही जंतर-मंतर की तरफ बढ़ने लगे। पुलिस के साथ तीखी धक्का-मुक्की हुई और आखिरकार पुलिस ने पूरे क्षेत्र को खाली कराने का कड़ा ऐलान कर दिया।
कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने कहा कि सीइसी ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे तक हमारी जंग जारी रहेगी । उन्होंने कहा कि विपक्षी सांसद बुधवार को दिल्ली के जंतर-मंतर पर धरना देंगे। उन्होंने कहा कि एक दिन पहले करीब 300 सांसद चुनाव आयुक्तों से मुलाकात करना चाहते थे, लेकिन उन्हें मिलने का मौका नहीं दिया गया। लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने सीइसी ज्ञानेश कुमार को लेकर जारी इंडिया गठबंधन के सांसदों के विरोध पर कहा, ” …कल चुनाव आयुक्त से मिलना चाहते थे। वो हमसे नहीं मिले। दिल्ली पुलिस ने हमें रोका और कहा कि आप यहां प्रदर्शन नहीं कर सकते हैं… जंतर-मतंर पर जाकर आज फिर से बैठें और देश को बताएं कि हमारे लिए ज्ञानेश कुमार जी देश के वैध चुनाव आयुक्त नहीं हैं। मोदी जी, अमित शाह जी, मोहन भागवत और ज्ञानेश कुमार जी ने देश के लोकतंत्र को खत्म किया है। मैंने कल भी कहा था कि जिन्होंने यह काम किया है वो देशद्रोही हैं। हम इन पर एक्शन लेंगे। ज्ञानेश कुमार को इस्तीफा देना पड़ेगा। मेरे पास 45 एफआईआर हैं और मेरा लक्ष्य है कि मुझे 100 एफआईआर चाहिए। हर एफआईआर मेरे लिए एक मेडल है।
आज के सियासी घटनाक्रम ने एक बार फिर साबित कर दिया कि जब विपक्ष आर-पार की लड़ाई के मूड में हो, तो सियासत किसी भी पटकथा से आगे निकल जाती है। जनपथ पर लंच डिप्लोमेसी : जंतर-मंतर पर होने वाले प्रदर्शन से ठीक पहले, सियासत के इस कुरुक्षेत्र में कुछ पल सुकून के भी आए। कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने जनपथ स्थित मशहूर ‘सागर रत्ना’ रेस्टोरेंट में इंडिया ब्लॉक के तमाम दिग्गज सांसदों को डेढ़ घंटे का लंबा लंच कराया। कैमरे की नजरों से दूर इस टेबल पर क्या पक रहा था, यह तो वे ही जानें, लेकिन इसके बाद के तेवर पूरी तरह तल्ख नजर आए। बस की सवारी और जंतर-मंतर का मार्च : लंच के बाद विपक्षी सांसद एक बस में सवार होकर जंतर-मंतर की ओर बढ़े। बस में राहुल गांधी, प्रियंका गांधी वाड्रा समेत कई बड़े चेहरे मौजूद थे। राहुल गांधी ने तड़का लगाते हुए दो टूक कह दिया, “ज्ञानेश कुमार वैध चुनाव आयुक्त नहीं हैं, उन्हें हटना ही होगा।”
याद कीजिए, महज एक दिन पहले ही इंडिया ब्लॉक के 200 से अधिक सांसदों ने संसद से लेकर निर्वाचन आयोग के दफ्तर तक मार्च निकाला था, जिसे पुलिस ने बीच रास्ते में ही रोक दिया था। उस रोक-टोक के विरोध में राहुल और प्रियंका ने आकाशवाणी परिसर में सीधे 8 घंटे तक धरना दिया था। हालाँकि, उस परिसरों में नियमों के उल्लंघन और जबरन घुसने के आरोप में दोनों नेताओं के खिलाफ एफआईआर भी दर्ज हो चुकी है, लेकिन इन कानूनी झंझटों और पुलिसिया पहरे के बावजूद विपक्ष पीछे हटने को तैयार नहीं है। संसद के गलियारों से शुरू हुआ यह संग्राम अब सड़कों पर एक बड़े जन-आंदोलन का रूप लेता जा रहा है। आने वाले दिनों में यह टकराव दिल्ली की सियासत को और किस मुकाम पर ले जाएगा, इस पर पूरे देश की नजरें टिकी हैं।
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