
सीहोर। मध्य प्रदेश (Madhya Pradesh) की हाई-प्रोफाइल बुधनी विधानसभा (Budhni Assembly ) इलाके के कोसमी गांव (Kosmi Village) में गरीब परिवारों के मकानों पर बुलडोजर चलाए जाने के मामले ने बड़ा राजनीतिक तूल पकड़ लिया है. घटना की जानकारी मिलते ही पूर्व मुख्यमंत्री और केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान (Shivraj Singh Chouhan) रविवार को खुद मौके पर पहुंचे. वहां उजाड़े गए गरीब परिवारों की आपबीती सुनकर और तबाही का मंजर देखकर शिवराज सिंह चौहान का गुस्सा फूट पड़ा।
केंद्रीय मंत्री ने प्रशासनिक कार्यप्रणाली पर कड़े सवाल उठाते हुए साफ कहा कि गरीब परिवारों को बेघर करने, उनकी फसलें चौपट करने और पीने के पानी के कुएं को मिट्टी से भरने वाले अधिकारियों को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा।
मुख्य सचिव और प्रदेशाध्यक्ष को लगाया फोन
घटनास्थल पर निरीक्षण के दौरान वन विभाग और जिला प्रशासन का कोई भी वरिष्ठ अधिकारी मौजूद नहीं था, जिस पर केंद्रीय मंत्री ने गहरा आक्रोश जताया. उन्होंने मौके से ही मध्य प्रदेश के मुख्य सचिव अशोक वर्णवाल को फोन कर पूरे मामले की जानकारी दी और कड़ी आपत्ति दर्ज कराई। इसके साथ ही शिवराज सिंह चौहान ने भारतीय जनता पार्टी के प्रदेशाध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल को भी फोन कर पूरी स्थिति से अवगत कराया. उन्होंने साफ किया कि वह इस संबंध में जल्द ही मुख्यमंत्री मोहन यादव से व्यक्तिगत रूप से बात कर दोषियों पर सख्त कार्रवाई की मांग करेंगे।
प्रशासनिक कार्रवाई के नाम पर हुई तबाही का जिक्र करते हुए शिवराज सिंह चौहान ने कहा, ”गरीबों के आशियाने उजाड़ने के साथ-साथ उनके खेतों में खड़ी मक्के और तुअर की फसलों को पूरी तरह नष्ट कर दिया गया. हद तो यह हो गई कि उनके सिंचाई और पीने के पानी के एकमात्र साधन कुएं को भी मिट्टी से भर दिया गया. यह बेहद शर्मनाक और अमानवीय कृत्य है.”
केंद्रीय मंत्री शिवराज ने प्रभावित परिवारों को ढांढस बंधाते हुए ऐलान किया कि जिन गरीब परिवारों के घर तोड़े गए हैं, उन्हें नया पक्का घर बनाकर दिया जाएगा. जब तक उनके रहने की स्थाई व्यवस्था नहीं हो जाती, तब तक उनके रहने और खाने-पीने का अस्थायी इंतजाम तुरंत किया जाएगा।
‘यह पार्टी को बदनाम करने की साजिश’
पीड़ितों से मुलाकात के बाद मीडिया से बातचीत करते हुए शिवराज सिंह चौहान ने अपनी ही सरकार के प्रशासनिक तंत्र और अधिकारियों की नीयत पर गंभीर सवाल खड़े किए। शिवराज सिंह चौहान ने कहा, ”ये जो अन्याय हुआ है, उसकी पूरी जानकारी मुझे मुख्यमंत्री महोदय को देनी है. सिसकती हुई इनकी सिसकियां, इनकी आंखों के आंसू, इनके कुचले हुए खेत और इनका चौपट किया हुआ भविष्य… यह सब मैं माननीय मुख्यमंत्री जी को बताऊंगा. मुझे तो यह मुख्यमंत्री जी को भी बदनाम करने की साजिश लगती है।
अच्छा, ये वो लोग हैं जो हमेशा बीजेपी को ही वोट देते हैं. इन्होंने लोकसभा में भी वोट दिए और विधानसभा में भी दिए. यह तो पार्टी को बदनाम करने की कुछ अधिकारियों की साजिश है. इन्हीं के वोट से हम लोग जीतते हैं और इन्हीं के वोट से मोहन जी मुख्यमंत्री बने. यह सचमुच में मेरे लिए बहुत दुखद है. मैंने पहले भी निवेदन किया था कि वर्षों से इनका जमीन पर कब्जा है, इसलिए इन्हें तंग न किया जाए.”
©2026 Agnibaan , All Rights Reserved