
जयपुर। राजस्थान (Rajasthan) के श्रीगंगानगर जिले (Sri Ganganagar District) में भारत-पाकिस्तान सीमा (India-Pakistan Border) के पास सुरक्षा एजेंसियों (Security Agencies) ने ड्रोन के जरिए गिराई गई हथियारों और विस्फोटकों (Weapons and Explosives) की खेप बरामद की है। रावला क्षेत्र के एक खेत से बड़ी मात्रा में हथियार, कारतूस और संदिग्ध विस्फोटक सामग्री मिलने के बाद सुरक्षा एजेंसियां जांच में जुट गई हैं। मामले में पंजाब निवासी दो लोगों को गिरफ्तार किया गया है। अधिकारियों को आशंका है कि बरामद सामग्री में आईईडी बनाने में इस्तेमाल होने वाले उपकरण भी शामिल हैं।
राजस्थान एंटी नारकोटिक्स टास्क फोर्स (ANTF) और सीमा सुरक्षा बल (BSF) ने संयुक्त अभियान चलाकर यह कार्रवाई की। ANTF के आईजी विकास कुमार के मुताबिक, ड्रोन की तीन उड़ानों के जरिए राजस्थान के सीमावर्ती इलाके में हथियार, कारतूस और विस्फोटक गिराए गए थे। बरामद सामग्री की गिनती और जांच की जा रही है। मामले की गंभीरता को देखते हुए जयपुर से विशेष बम निरोधक दस्ते को बुलाया गया है। टीम के पहुंचने के बाद विस्फोटकों को निष्क्रिय करने की कार्रवाई की जाएगी।
खेत में मिले तीन पैकेट, विस्फोटक और कारतूस बरामद
जानकारी के मुताबिक, श्रीगंगानगर जिले के रावला क्षेत्र में सीमा के पास स्थित 12 केएनडी इलाके के एक खेत में ड्रोन के जरिए तीन पैकेट गिराए गए थे। तलाशी के दौरान इन पैकेटों से 7.7 किलोग्राम प्लास्टिक एक्सप्लोसिव, दो पिस्टल, करीब 600 कारतूस और चार मैगजीन बरामद हुई हैं।
इसके अलावा एक रिमोट, दो केपलर और चार बैटरियां भी मिली हैं। अधिकारियों के अनुसार, खेप में आईईडी बनाने में इस्तेमाल होने वाली सामग्री होने की आशंका है। विस्फोटकों की प्रकृति और उनकी स्थिति का पता लगाने के लिए जांच की जा रही है।
सुरक्षा एजेंसियां यह पता लगाने में जुटी हैं कि हथियारों और विस्फोटकों की खेप किसके लिए भेजी गई थी और इसे आगे कहां पहुंचाया जाना था। मामले के सभी पहलुओं की पड़ताल की जा रही है।
पंजाब के दो संदिग्ध गिरफ्तार
कार्रवाई के दौरान पंजाब निवासी लखविंद्र सिंह और सुखविंद्र सिंह को गिरफ्तार किया गया है। शुरुआती जानकारी के अनुसार, दोनों रावला मंडी क्षेत्र में मजदूर बनकर रह रहे थे। आरोप है कि वे ड्रोन से गिराए गए पैकेट लेने के लिए वहां पहुंचे थे।
जांच एजेंसियां उन बाइक सवार युवकों की भी तलाश कर रही हैं, जो कथित तौर पर दोनों संदिग्धों को रावला छोड़ने आए थे। एजेंसियां यह पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि खेप मंगाने के पीछे कौन लोग हैं, उन्हें किसके निर्देश मिले थे और बरामद सामग्री को आगे कहां पहुंचाया जाना था। जांच जारी होने के कारण अधिकारियों ने गिरफ्तार आरोपियों के बारे में फिलहाल अतिरिक्त जानकारी सार्वजनिक नहीं की है।
एक महीने से संदिग्धों की गतिविधियों पर थी नजर
ANTF के आईजी विकास कुमार ने बताया कि बरामदगी किसी अचानक की गई कार्रवाई का नतीजा नहीं थी। एजेंसी को करीब एक महीने पहले सूचना मिली थी कि पंजाब के दो संदिग्ध किसी खास मकसद से राजस्थान के सीमावर्ती इलाके में मौजूद हैं। इसके बाद टीम ने उनकी गतिविधियों पर नजर रखनी शुरू कर दी।
विकास कुमार के मुताबिक, टीम ने संदिग्धों की निगरानी करते हुए जांच आगे बढ़ाई। बाद में खुफिया जानकारी मिली कि हथियारों और विस्फोटकों की खेप अगले दिन पहुंचने वाली है। इसके बाद ANTF और BSF ने संयुक्त अभियान चलाया और कथित तौर पर खेप लेने पहुंचे दोनों संदिग्धों को गिरफ्तार कर लिया।
फिलहाल सुरक्षा एजेंसियां बरामद सामग्री के स्रोत, उसे भेजने वालों और संभावित नेटवर्क का पता लगाने में जुटी हैं। विस्फोटकों की जांच और आरोपियों से पूछताछ के बाद मामले में आगे की जानकारी सामने आने की उम्मीद है।
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