
जबलपुर। मध्यप्रदेश विद्युत मंडल पत्रोपाधि अभियंता संघ ने कनिष्ठ यंत्रियों एवं पदोन्नत सहायक यंत्रियों की लंबित सेवा संबंधी समस्याओं, पदोन्नति के अवसरों और वेतन विसंगतियों के निराकरण सहित 11 सूत्रीय मांगों को लेकर आंदोलन शुरू कर दिया है। मांगों पर शीघ्र निर्णय लेने के लिए संघ की जबलपुर इकाई ने गुरुवार, 15 अक्टूबर को कलेक्टर के माध्यम से मुख्यमंत्री, ऊर्जा मंत्री और ऊर्जा विभाग के प्रमुख सचिव के नाम ज्ञापन सौंपा। संघ के इंजीनियर अशोक जैन और नृपेंद्र प्रताप सिंह ने बताया कि अभियंता लंबे समय से विभिन्न सेवा संबंधी समस्याओं का सामना कर रहे हैं। इनका निराकरण नहीं होने से कर्मचारियों में असंतोष बढ़ रहा है। संघ ने शासन से मांगों पर गंभीरता से विचार कर शीघ्र नीतिगत निर्णय लेने का आग्रह किया है।
तीन चरणों में आंदोलन की तैयारी
संघ के अनुसार, आंदोलन के दूसरे चरण में 22 अक्टूबर को जबलपुर, भोपाल और इंदौर स्थित बिजली कंपनियों के मुख्यालयों में प्रबंध संचालकों के माध्यम से शासन को ज्ञापन भेजा जाएगा। कनिष्ठ यंत्री और पदोन्नत सहायक यंत्री भोपाल में एकत्रित होकर विशाल ध्यानाकर्षण सभा आयोजित करेंगे। इसके बाद भी मांगों का निराकरण नहीं हुआ तो संघ अनिश्चितकालीन हड़ताल पर जाने का निर्णय ले सकता है।
24 घंटे बिजली आपूर्ति की जिम्मेदारी निभाने वाले अभियंताओं की अनदेखी का आरोप
संघ ने कहा कि बिजली व्यवस्था का सुचारू संचालन और उपभोक्ताओं को 24 घंटे विद्युत आपूर्ति सुनिश्चित करने में अभियंताओं की महत्वपूर्ण भूमिका है। ऐसे में उनकी पदोन्नति, वेतनमान और सेवा संबंधी विसंगतियों का निराकरण आवश्यक है। संघ को उम्मीद है कि शासन 11 सूत्रीय मांगों पर सकारात्मक रुख अपनाते हुए जल्द निर्णय लेगा। ज्ञापन सौंपने के दौरान के.के. असाटी, स्वर्ण सिंह मनकोटिया, सी.के. लखेरा, मनीष चंद्र, उमंग राय, अभिषेक चौकसे, दीपक रजक, अभय पटेल और असलम अंसारी सहित बड़ी संख्या में अभियंता उपस्थित रहे।
©2026 Agnibaan , All Rights Reserved