
जबलपुर। संस्कारधानी में नवरात्रि के दौरान मीठा कुआं, शाही नाका गढ़ स्थित शिवशक्ति दुर्गा उत्सव समिति की झांकी समसामयिक मुद्दों को लेकर चर्चा में है। समिति ने पेपर लीक की घटनाओं और दिल्ली व झारखंड के आंदोलनों को झांकी के माध्यम से प्रस्तुत कर युवाओं को जागरूक, संस्कारवान और राष्ट्रभक्त बनने का संदेश दिया है। झांकी में मां दुर्गा को मां सरस्वती के स्वरूप में दर्शाया गया है। उनके हाथ में पारंपरिक त्रिशूल की जगह पेन दिखाया गया है, जबकि लीक हुए प्रश्नपत्रों को आग की लपटों से घिरा दर्शाया गया है।
पेन रूपी त्रिशूल से प्रश्नपत्रों पर प्रहार के जरिए परीक्षा व्यवस्था में गड़बडिय़ों के खिलाफ आवाज उठाई गई है। समिति संचालक राजकिशोर श्रीवास्तव ने कहा कि पेपर लीक की घटनाएं मेहनती विद्यार्थियों के भविष्य के साथ अन्याय हैं। इससे विद्यार्थियों के साथ उनके अभिभावकों की मेहनत और आर्थिक संसाधन भी प्रभावित होते हैं। उन्होंने पेपर लीक के दोषियों पर सख्त कार्रवाई और कोचिंग संस्थानों, अधिकारियों व राजनीतिक स्तर पर संभावित मिलीभगत की निष्पक्ष जांच की मांग की। झांकी में झारखंड के विद्यार्थियों के शांतिपूर्ण विरोध और दिल्ली में हुए आंदोलन को अलग-अलग नजरिए से प्रस्तुत किया गया है। श्रीवास्तव ने दिल्ली के आंदोलन के संदर्भ में विदेशी फंडिंग, राजनीतिक हस्तक्षेप और कथित अभद्र व्यवहार को लेकर सवाल उठाए। ये आरोप समिति संचालक के हैं। झांकी के जरिए युवाओं से अपील की गई है कि वे किसी भी आंदोलन से जुडऩे से पहले उसके उद्देश्य, तथ्यों और परिस्थितियों को समझें।
20 वर्षों से समसामयिक मुद्दों पर झांकियां
समिति संचालक के अनुसार, शिवशक्ति दुर्गा उत्सव समिति पिछले 20 वर्षों से सामाजिक, राजनीतिक और समसामयिक विषयों पर आधारित झांकियां तैयार कर रही है। इससे पहले महिला के साथ दुष्कर्म की घटना, एच-1बी वीजा से जुड़े बदलाव और कोरोना काल में डॉक्टरों व सफाईकर्मियों के योगदान जैसे मुद्दों को भी झांकी के माध्यम से उठाया जा चुका है। समिति का कहना है कि दुर्गा उत्सव केवल धार्मिक आस्था का पर्व नहीं, बल्कि सामाजिक जागरूकता का माध्यम भी है। इस बार झांकी के जरिए पेपर लीक पर रोक, दोषियों के खिलाफ कार्रवाई और युवाओं में विवेक, संस्कार व राष्ट्रनिर्माण की भावना विकसित करने का संदेश दिया गया है।
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