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नगर निकायों को फायर टैक्स वसूलने का अधिकार मिला

October 19, 2026

उज्जैन। अग्निशमन प्रणाली को आधुनिक बनाने, त्वरित राहत सुनिश्चित करने और आगजनी पर नियंत्रण पाने के उद्देश्य से नया फायर एक्ट लागू किया है। इसके तहत अब आपातकालीन स्थिति में फायर ब्रिगेड का रिस्पॉन्स टाइम अधिकतम 10 मिनट तय किया गया है। बुनियादी ढांचे को सुदृढ़ करने के लिए स्थानीय निकायों (नगर निगम, पालिका व परिषद) को संपत्ति कर के साथ ‘फायर टैक्सÓ वसूलने का अधिकार दिया गया है, जिसकी दरें राज्य शासन तय करेगा।



  • नया फायर एक्ट के तहत ड्यूटी के दौरान कार्य में लापरवाही बरतने या स्थल से अनुपस्थित रहने वाले दमकल कर्मचारियों के खिलाफ 3 माह की जेल, 3 महीने की वेतन कटौती अथवा दोनों की सजा का प्रावधान है। किसी व्यक्ति की असावधानी से आग लगने पर आसपास की संपत्तियों को पहुंचे नुकसान की पूरी भरपाई दोषी को करनी होगी। पीडि़त पक्ष 30 दिनों में आवेदन कर सकेगा, जिसका निस्तारण 90 दिनों के भीतर सिविल कोर्ट की डिग्री की तर्ज पर होगा। साथ ही दमकल विभाग को गुमराह करने या फर्जी कॉल (फॉल्स अलार्म) करने पर 20,000 रुपये तक का जुर्माना भुगतना होगा। व्यावसायिक परिसरों, अस्पतालों और ऊंची इमारतों में प्रशिक्षित फायर सुपरवाइजर रखना अनिवार्य किया गया है। 30 दिनों में नियुक्ति न होने पर 10 रुपये प्रति वर्ग मीटर की दर से पेनल्टी और तत्पश्चात 10,000 रुपये प्रतिदिन का दंड लागू होगा। सेफ्टी ऑडिट, फायर प्लान और सर्टिफिकेशन के कार्यों के लिए शासन स्वीकृत प्राइवेट एजेंसियों को लाइसेंस प्रदान करेगा। 15 मीटर से अधिक ऊंचाई वाले आवासीय भवनों, अस्पतालों, स्कूलों, मॉल्स और कारखानों के लिए फायर एनओसी अनिवार्य होगी। इसके बिना नगरीय निकाय ऑक्यूपेंसी सर्टिफिकेट जारी नहीं करेंगे। सघन आबादी और औद्योगिक क्षेत्रों की आवश्यकताओं को देखते हुए पुलिस थानों की तर्ज पर स्पष्ट सीमांकन व कमान वाले नए फायर स्टेशन बनाए जाएंगे। वैवाहिक, राजनीतिक व धार्मिक आयोजनों के पंडालों को ‘सेल्फ-रेगुलेटरीÓ श्रेणी में रखते हुए आयोजकों के लिए अग्निरोधी कपड़ों का प्रयोग और चौड़े निकास द्वार रखना अनिवार्य किया
    गया है।

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