
उज्जैन। शहर में मिलावटखोरी तेजी से बढ़ रही है। यहाँ दूध, मसाले, घी आदि में मिलावट के मामले लगातार सामने आते हैं। चिंताजनक स्थिति है कि कई महीनों पहले लिए गए अब तक के अधिकांश खाद्य पदार्थों के सैंपलों की जाँच रिपोर्ट भोपाल स्थित राज्य प्रयोगशाला से नहीं आ पाई है।
हर त्यौहार बीतने के बाद ही आती है रिपोर्ट
खाद्य पदार्थों की जाँच रिपोर्ट नियमानुसार 14 दिनों में मिल जाना चाहिए लेकिन वर्षों से यहीं व्यवस्था बनी हुई है कि महीनों तक जाँच रिपोर्ट नहीं आती है। रक्षाबंधन, दीपावली जैसे बड़े त्यौहारों पर जब मिठाइयाँ बिक जाती है, त्यौहार चले जाते हैं फिर रिपोर्ट आती है। जब तक मिलावटखोर मिलावटी खाद्य पदार्थ बेच देते हैं, आम जनता उसका सेवन कर लेती है। कुछ माह बाद रिपोर्ट भी आ जाती है तो जुर्माने तक कार्रवाई सीमित रहती है। मिलावट कर लाखों रूपये का मुनाफा कमाने वाले मिलावटखोर हजारों रूपये का जुर्माना भर देते हैं।
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