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होर्मुज जलडमरू मध्य में बढ़ते तनाव पर ईरान का अमेरिका पर आरोप, अराघची ने कूटनीति को बताया समाधान

October 20, 2026

नई दिल्ली । ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने होर्मुज जलडमरूमध्य में जारी तनाव और असुरक्षा के लिए अमेरिका को जिम्मेदार ठहराया है। उन्होंने कहा कि क्षेत्र में मौजूदा हालात सैन्य कार्रवाई और आर्थिक नाकेबंदी से जुड़े हैं। अराघची ने स्पष्ट किया कि क्षेत्रीय समस्याओं का समाधान सैन्य टकराव के बजाय कूटनीतिक और राजनीतिक माध्यमों से तलाशा जाना चाहिए। उन्होंने पड़ोसी देशों के बीच सहयोग बढ़ाने और क्षेत्र की सुरक्षा के लिए साझा व्यवस्था विकसित करने की आवश्यकता पर भी जोर दिया।

अराघची ने ये बातें 19 अक्टूबर को तेहरान में रूस के विदेश मंत्री सर्गेई लावरोव के साथ संयुक्त प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान कहीं। लावरोव ईरान के दौरे पर पहुंचे थे। दोनों नेताओं की बातचीत में क्षेत्रीय और अंतरराष्ट्रीय परिस्थितियों के साथ होर्मुज जलडमरूमध्य की सुरक्षा का मुद्दा भी प्रमुख रहा। अराघची के बयान से स्पष्ट हुआ कि ईरान मौजूदा संकट के लिए अमेरिका और इजरायल की कार्रवाई तथा आर्थिक प्रतिबंधों को जिम्मेदार मानता है।

ईरानी विदेश मंत्री ने कहा कि क्षेत्र में असुरक्षा की मौजूदा स्थिति अमेरिका और इजरायल की सैन्य कार्रवाई का सीधा परिणाम है। उनके अनुसार, युद्ध और आर्थिक नाकेबंदी ने खाड़ी क्षेत्र में तनाव बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। उन्होंने ऐसी पहल का समर्थन किया, जिसके जरिए क्षेत्रीय देश बाहरी सैन्य बलों की मौजूदगी के बिना अपनी सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए मिलकर काम कर सकें। अराघची ने क्षेत्र के भीतर से तैयार होने वाली सुरक्षा व्यवस्था को उचित दिशा बताया।

रूस का यह दौरा ऐसे समय हुआ है, जब तेहरान और वाशिंगटन के बीच बातचीत ठहरी हुई है और क्षेत्र में संघर्ष दोबारा बढ़ने की आशंकाएं बनी हुई हैं। रूस ने इस परिस्थिति में मध्यस्थता की भूमिका निभाने की इच्छा जताई है। रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने अक्टूबर की शुरुआत में ईरानी राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियान से बातचीत के दौरान मध्यस्थता के प्रयासों में योगदान देने की तत्परता व्यक्त की थी। लावरोव की तेहरान यात्रा को भी क्षेत्रीय संकट का समाधान तलाशने के प्रयासों से जोड़कर देखा जा रहा है।

होर्मुज जलडमरूमध्य वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति के लिहाज से बेहद महत्वपूर्ण समुद्री मार्ग है। सामान्य परिस्थितियों में दुनिया के कुल हाइड्रोकार्बन परिवहन का लगभग पांचवां हिस्सा इसी मार्ग से गुजरता है। इस क्षेत्र में तनाव बढ़ने से तेल और गैस की आपूर्ति तथा अंतरराष्ट्रीय समुद्री व्यापार प्रभावित होने की आशंका रहती है। ईरान इस रणनीतिक जलमार्ग पर अपना नियंत्रण होने का दावा करता है और उसकी अनुमति के बिना गुजरने वाले जहाजों को लेकर भी विवाद सामने आते रहे हैं।

क्षेत्रीय संघर्ष फरवरी में अमेरिका और इजरायल की ओर से ईरान पर किए गए हमलों के बाद शुरू हुआ था। अप्रैल में युद्धविराम और जून में अमेरिका तथा ईरान के बीच समझौता ज्ञापन होने के बावजूद होर्मुज जलडमरूमध्य के आसपास तनाव पूरी तरह समाप्त नहीं हुआ। दूसरी ओर, अमेरिका ईरानी बंदरगाहों पर नौसैनिक नाकेबंदी बनाए हुए है। इन परिस्थितियों ने समुद्री सुरक्षा और क्षेत्रीय स्थिरता से जुड़ी चिंताओं को बढ़ाया है।


  • रूस और ईरान के बीच राजनीतिक, आर्थिक और सैन्य सहयोग पहले से जारी है। दोनों देश अंतरराष्ट्रीय मुद्दों पर भी संपर्क बनाए हुए हैं। मौजूदा संकट के बीच अराघची का कूटनीति पर जोर और क्षेत्रीय सुरक्षा व्यवस्था बनाने का प्रस्ताव इस बात को रेखांकित करता है कि ईरान बाहरी सैन्य मौजूदगी के बजाय क्षेत्रीय देशों की भागीदारी से सुरक्षा का ढांचा तैयार करने की वकालत कर रहा है। हालांकि, अमेरिका और ईरान के बीच वार्ता की स्थिति तथा होर्मुज में जारी तनाव के कारण संकट के समाधान को लेकर अनिश्चितता बनी हुई है।

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