
नई दिल्ली: रक्षामंत्री राजनाथ सिंह 19 और 20 अक्टूबर 2026 को ताजिकिस्तान की राजधानी दुशांबे के दौरा पर हैं. जहां उन्होंने मंगलवार को SCO के शासनाध्यक्षों की परिषद की 25वीं बैठक में भारत का प्रतिनिधित्व किया. इस दौरान राजनाथ सिंह ने पाकिस्तान के विदेश मंत्री और उपप्रधानमंत्री इसहाक डार के सामने आतंकवाद को विकास के लिए सबसे बड़ा खतरा बताते हुए कड़ा रुख अपनाया.
राजनाथ सिंह ने कहा कि, आतंकवाद विकास के लिए सबसे गंभीर खतरों में से एक है. आतंकवाद के कारण न केवल निर्दोष लोगों की जान जाती है, बल्कि निवेश और व्यापार भी बाधित होते हैं. आतंकवाद समाज में कट्टरता फैलाता है और हमारे युवाओं को उन अवसरों से वंचित रखता है, जिनके वे हकदार हैं. इसलिए, आतंकवाद को किसी भी तरह से उचित नहीं ठहराया जा सकता.
उन्होंने आतंकवाद को आर्थिक मदद देने वालों के लिए कोई जगह न होने पर जोर दिया. रक्षा मंत्री ने कहा कि आतंक से निपटने में कोई डबल स्टैंडर्ड नहीं हो सकता. जो लोग आतंकवादियों को आर्थिक मदद देते हैं, उनका समर्थन करते हैं या उन्हें सुरक्षित पनाहगाह मुहैया कराते हैं, उनके लिए कोई जगह नहीं होनी चाहिए. इसके पूरे तंत्र को सामूहिक रूप से समाप्त करना होगा. जब राजनाथ सिंह ने यह बात कही, तो इसहाक डार उनके सामने बैठे थे.
सप्लाई चेन्स, ट्रेड पर मिलकर काम करना होगा
राजनाथ सिंह ने साथ ही, सुरक्षा, कनेक्टिविटी और आर्थिक अवसरों को बढ़ावा देने पर भारत के दृष्टिकोण को दोहराया, ताकि क्षेत्रीय समृद्धि सुनिश्चित हो सके. उन्होंने कहा कि आज हम एक ऐसे दौर में हैं जहां वैश्विक आर्थिक माहौल अनिश्चित है. संघर्षों और भू-राजनीतिक तनावों के कारण सप्लाई चेन बाधित हो रही हैं. ऊर्जा और खाद्य सुरक्षा हमारे लिए चिंता का विषय हैं.
नई तकनीक अर्थव्यवस्थाओं को बदल रही है और नए विभाजन पैदा कर रही है. इसलिए, SCO का मूल्यांकन इस आधार पर किया जाएगा कि क्या वह कोई साझा आधार खोज पाता है और उस पर काम कर पाता है या नहीं. बदलते ग्लोबल इकोनॉमिक एनवायरनमेंट में SCO देशों को रेजिलिएंट सप्लाई चेन्स, बेहतर ट्रेड और इन्वेस्टमेंट तथा टेक्नोलॉजी-ड्रिवन डेवलपमेंट पर मिलकर काम करना होगा.
भारत SCO पार्टनर्स के साथ काम करने के लिए तैयार
रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने कहा कि भारत डिजिटल पब्लिक इंफ्रास्ट्रक्चर से लेकर विमेन-लेड डेवलपमेंट और क्लीन एनर्जी तक, SCO पार्टनर्स के साथ अपना एक्सपीरियंस शेयर करने और मिलकर काम करने के लिए तैयार है. हमारी सफलता का मापदंड युवाओं के लिए बनाए गए मौके, एंटरप्रेन्योर्स के लिए खोले गए नए मार्केट और समाज के बीच बनाए गए कनेक्शन से होना चाहिए. शासनाध्यक्षों की परिषद की पिछली बैठक नवंबर 2025 में रूस की राजधानी मॉस्को में हुई थी. उस बैठक में भारत का प्रतिनिधित्व विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने किया था.
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