नई दिल्ली। कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा (Priyanka Gandhi Vadra) और रॉबर्ट वाड्रा (Robert Vadra) के बेटे कलाकार एवं फोटोग्राफर रेहान वाड्रा (Rehan Vadra) ने आरोप लगाया है कि दिल्ली के हालिया विरोध प्रदर्शनों की उनकी कई तस्वीरें बीकानेर हाउस प्रशासन ने एकल प्रदर्शनी शुरू होने से कुछ घंटे पहले हटा दीं। उनकी प्रदर्शनी ‘No Idea is Final’ का बुधवार को प्रीव्यू हुआ, जबकि यह गुरुवार से रविवार तक दर्शकों के लिए खुली रहेगी।
रेहान वाड्रा के मुताबिक, बुधवार दोपहर करीब 3:30 बजे उन्हें बताया गया कि यदि शाम पांच बजे तक तस्वीरें नहीं हटाई गईं, तो प्रदर्शनी रद्द कर दी जाएगी। उन्होंने कहा कि प्रदर्शनी का पूरा प्रस्ताव और लेआउट काफी पहले ही बीकानेर हाउस प्रबंधन के साथ साझा कर दिया गया था। इसके बावजूद प्रशासन ने विरोध प्रदर्शनों से जुड़ी तस्वीरों को हटाने का निर्देश दिया।
रेहान ने कहा कि इन तस्वीरों में कोई राजनीतिक संदेश नहीं था। उन्होंने पिछले छह महीनों के दौरान हुए विरोध प्रदर्शनों को केवल फोटोग्राफी के माध्यम से दर्ज किया था। उनका कहना था कि एक भारतीय कलाकार होने के नाते देश में हो रही घटनाओं को दर्ज करना उनकी जिम्मेदारी है। उन्होंने आरोप लगाया कि कलाकारों के काम को सेंसर किया जा रहा है और यहां तक कि भारतीय झंडे की तस्वीर भी हटा दी गई।
रेहान के अनुसार, बीकानेर हाउस प्रशासन ने मौजूदा राजनीतिक माहौल का हवाला देते हुए कहा कि भारत में इस समय इन तस्वीरों को प्रदर्शित करना उचित नहीं है। इस पर उन्होंने कहा कि कला को राजनीति से अलग करके नहीं देखा जा सकता।
रेहान की मां और कांग्रेस नेता प्रियंका गांधी वाड्रा ने तस्वीरें हटाए जाने की कार्रवाई को ‘बेतुका’ करार दिया। उन्होंने आरोप लगाया कि देशभर में युवाओं की आवाज दबाई जा रही है। प्रियंका ने कहा, ‘आज ये, कल कोई और कलाकार।’
उन्होंने यह भी कहा कि उनके बेटे की तस्वीरों में किसी के खिलाफ कोई टिप्पणी नहीं थी, बल्कि वे विरोध प्रदर्शनों का दृश्य रिकॉर्ड मात्र थीं। वहीं, बीकानेर हाउस के एक अधिकारी ने कहा कि वे इस मामले में टिप्पणी करने के लिए अधिकृत नहीं हैं।
74 तस्वीरें हटाने का आरोप, दीवारों पर रह गए निशान
रेहान के मुताबिक, बीकानेर हाउस की सीसीए बिल्डिंग की पहली मंजिल पर प्रदर्शनी के लिए दो बड़े कमरे निर्धारित किए गए थे। वहां से करीब 74 तस्वीरें हटा दी गईं। तस्वीरें हटाए जाने के बाद दीवारों पर उनके लगे होने के निशान और कीलें ही दिखाई दे रही थीं। इन खाली दीवारों पर संविधान की प्रस्तावना लिखी हुई थी।
रेहान ने बताया कि प्रदर्शनी में शुरुआत में 100 से अधिक तस्वीरें शामिल थीं। इनमें वन्यजीव, एब्स्ट्रैक्ट आर्ट और भारत में हालिया युवा आंदोलनों से जुड़ी स्ट्रीट फोटोग्राफी शामिल थी। उन्होंने आरोप लगाया कि बीकानेर हाउस प्रबंधन ने प्रदर्शनी से एक दिन पहले ही विरोध प्रदर्शनों की तस्वीरों पर आपत्ति जताई थी और उन्हें हटाने के लिए कहा था।
उन्होंने इसे प्रदर्शनी शुरू होने से 24 घंटे से भी कम समय पहले करीब 50 प्रतिशत कलाकृतियां हटाने की मांग बताया। रेहान के अनुसार, तस्वीरें हटाए जाने के बाद भी लगभग 40 तस्वीरें प्रदर्शनी में लगी हुई हैं। प्रदर्शनी गुरुवार से शुरू होकर रविवार तक चलेगी।
तस्वीरें हटाए जाने के मामले ने कला की स्वतंत्रता, अभिव्यक्ति की आजादी और राजनीतिक माहौल में कलाकारों की भूमिका को लेकर बहस छेड़ दी है। हालांकि, इस मामले में बीकानेर हाउस प्रशासन का विस्तृत पक्ष सामने नहीं आया है।
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