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पदभार संभालते ही निगमायुक्त एक्शन मोड में , सुबह 6.30 बजे सड़कों पर उतरे

October 22, 2026

  • सफाई व्यवस्था को रेड, येलो और ग्रीन जोन में बांटने की तैयारी, लीकेज सुधार में लापरवाही पर उपयंत्री को नोटिस

जबलपुर। नगर निगम के नवनियुक्त निगमायुक्त अग्रिम कुमार ने पदभार संभालने के दूसरे ही दिन मैदानी निरीक्षण कर शहर की सफाई, पेयजल आपूर्ति और सीवेज व्यवस्था को दुरुस्त करने के लिए सख्त रुख अपनाया। गुरुवार सुबह 6.30 बजे से ही वे अधिकारियों और मैदानी अमले के साथ निरीक्षण पर निकल पड़े। इस दौरान उन्होंने रानीताल, सर्वोदय नगर, आगा चौक, गढ़ा फाटक, पोली पाथर और ललपुर स्थित सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट (एसटीपी) सहित विभिन्न क्षेत्रों का जायजा लिया। निगमायुक्त ने स्पष्ट किया कि शहर की बुनियादी सुविधाओं में लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। अधिकारियों को अपनी जिम्मेदारियों का निर्वहन गंभीरता और समयबद्धता के साथ करने के निर्देश देते हुए उन्होंने समस्याओं के त्वरित निराकरण पर जोर दिया।


  • लीकेज सुधार में देरी पर जताई नाराजगी
    निरीक्षण के दौरान गढ़ा फाटक क्षेत्र में पेयजल पाइपलाइन के लीकेज की समस्या को लेकर निगमायुक्त ने नाराजगी जताई। उन्होंने मामले में लापरवाही सामने आने पर संबंधित उपयंत्री को कारण बताओ नोटिस जारी करने के निर्देश दिए। साथ ही स्वच्छ पेयजल की निर्बाध आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए जल प्रदाय विभाग को समस्याओं पर तत्काल कार्रवाई करने को कहा। निगमायुक्त ने निर्देश दिए कि स्वच्छ भारत मिशन (एसबीएम) और जल प्रदाय विभाग की टीमें संयुक्त रूप से निरीक्षण करेंगी।

    तीन जोन में बंटेगी सफाई व्यवस्था
    शहर की सफाई व्यवस्था को अधिक प्रभावी बनाने के लिए निगमायुक्त ने रेड जोन, येलो जोन और ग्रीन जोन में विभाजित करने के निर्देश दिए। इस व्यवस्था का उद्देश्य सफाई की स्थिति के आधार पर क्षेत्रों की पहचान करना, कमियों पर निगरानी बढ़ाना और आवश्यक सुधार के लिए प्राथमिकता तय करना है। उन्होंने स्वास्थ्य विभाग के अमले को सुबह से ही फील्ड में सक्रिय रहने तथा सफाई व्यवस्था की नियमित निगरानी करने के निर्देश दिए।

    सीवर सफाई के लिए विकसित होगा मोबाइल एप
    सीवेज व्यवस्था को बेहतर बनाने के लिए निगमायुक्त ने अत्याधुनिक जीपीएस आधारित वॉश ऑन व्हील्स व्यवस्था की तर्ज पर सीवर सफाई के लिए मोबाइल एप्लिकेशन विकसित करने के निर्देश दिए। इसके माध्यम से सीवर संबंधी शिकायतों को सूचीबद्ध करने, उनकी निगरानी करने और निर्धारित समय-सीमा में निराकरण सुनिश्चित करने की व्यवस्था विकसित की जाएगी। इससे शिकायतों की स्थिति पर नजर रखने और संबंधित अमले की जवाबदेही तय करने में मदद मिलने की उम्मीद है। निगमायुक्त ने सफाई मित्रों की सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए सभी संबंधित अधिकारियों को उन्हें शत-प्रतिशत सुरक्षा उपकरण उपलब्ध कराने के निर्देश दिए।

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