
नई दिल्ली। दिल्ली के जामिया मिल्लिया इस्लामिया (Jamia Millia Islamia) में शनिवार को प्रदर्शन के दौरान छात्रों और गार्ड्स के बीच झड़प हो गई। कैंपस में स्टूडेंट यूनियन चुनाव फिर से शुरू करने की मांग कर रहे प्रदर्शनकारियों की गार्ड्स के साथ कहासुनी हो गई। इस दौरान छात्रों और गार्ड्स के बीच धक्का-मुक्की भी हुई।
AISA का आरोप
वहीं, छात्रों और गार्ड्स के बीच झड़प होने के बाद क्लास ऑनलाइन कर दी हैं। ऑल इंडिया स्टूडेंट्स एसोसिएशन (AISA) की ओर से बताया गया कि जामिया एडमिनिस्ट्रेशन ने बातचीत के बीच में ही स्टूडेंट्स पर हमला करना शुरू कर दिया है। AISA का आरोप है कि भूख हड़ताल करने वालों और प्रोटेस्ट साइट पर हमला किया जा रहा है। इससे जामिया एडमिनिस्ट्रेशन का सबसे क्रूर चेहरा सामने आता है। इसके अलावा, यूनिवर्सिटी को ऑनलाइन मोड पर शिफ्ट कर दिया गया है।
एडवोकेट कामरान हैदर (पुराछात्र जामिया) ने प्रशासन के रवैये को “पूरी तरह तानाशाही” करार दिया है। उन्होंने बताया कि रजिस्ट्रार, शिक्षण और गैर-शिक्षण कर्मचारियों की मौजूदगी में छात्रों से बात की गई और उनकी मांगों को पूरा करने का मौखिक आश्वासन दिया गया। बताया कि छात्र इस बात पर अड़े थे कि उन्हें लिखित रूप में समय सीमा (Timeline) दी जाए, जैसे चुनाव कराने और संविधान निर्माण से जुड़े मुद्दे। आरोप लगाया गया कि जब छात्रों ने लिखित आश्वासन की मांग की, तो प्रशासन के अधिकारियों और रजिस्ट्रार ने स्थिति को भड़काने की कोशिश की और छात्रों से “मुझे मारो” जैसे शब्द कहे। इसके बाद गार्ड्स और प्रशासन के अधिकारियों के साथ धक्का-मुक्की और झड़प की स्थिति बनी।
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