वाशिंगटन। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप (Donald Trump) ने आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) को लेकर नई शब्दावली अपनाने का ऐलान किया है। ट्रंप प्रशासन अब सरकारी दस्तावेजों और आधिकारिक संवाद में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और एआई की जगह ‘सुपर इंटेलिजेंस’ (SI) शब्द का इस्तेमाल करने पर जोर देगा। ट्रंप का कहना है कि मौजूदा नाम इस तकनीक की वास्तविक क्षमता और तेजी से हो रही प्रगति को सही ढंग से नहीं दर्शाता।
ट्रंप ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ट्रुथ सोशल पर एक पोस्ट में इस बदलाव की बात कही। उन्होंने अमेरिकी अखबार वॉल स्ट्रीट जर्नल पर सवाल उठाते हुए पूछा कि वह आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) की जगह ‘एसआई यानी सुपर इंटेलिजेंस’ शब्द का इस्तेमाल कब शुरू करेगा। उन्होंने पुराने नाम को ‘बहुत खराब और गलत’ बताते हुए कहा कि सुपर इंटेलिजेंस शब्द का इस्तेमाल लगभग हर कोई कर रहा है या जल्द ही करने लगेगा। ट्रंप के मुताबिक, सरकार जरूरी दस्तावेजों और अन्य आधिकारिक सामग्री में एआई शब्द पर प्रतिबंध लगाएगी, क्योंकि यह तकनीक की क्षमताओं को लेकर गलत धारणा पैदा करता है।
यह घोषणा 30 सितंबर को ट्रंप की ओर से हस्ताक्षरित कार्यकारी आदेश ‘सुपर इंटेलिजेंस के युग की शुरुआत’ के बाद आई है। आदेश में संघीय कार्यकारी विभागों और एजेंसियों को निर्देश दिया गया है कि आधिकारिक पत्राचार, सार्वजनिक संदेशों, सरकारी वेबसाइटों, रिपोर्टों और प्रशासनिक नीति दस्तावेजों में ‘आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस’ और ‘एआई’ के स्थान पर ‘सुपर इंटेलिजेंस’ और ‘एसआई’ शब्दों का इस्तेमाल किया जाए।
यह बदलाव कानून के तहत उपलब्ध अधिकतम सीमा तक लागू किया जाएगा। हालांकि, आदेश में स्पष्ट किया गया है कि पहले से जारी नियमों, मौजूदा सरकारी ठेकों, अनुदानों और पुराने अभिलेखीय रिकॉर्ड में पिछली तारीख से बदलाव नहीं किया जाएगा। यानी पहले से मौजूद दस्तावेजों पर नई शब्दावली लागू नहीं होगी।
कार्यकारी आदेश में कहा गया है कि तकनीक की प्रगति अब आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस की पारंपरिक अवधारणा से काफी आगे बढ़ चुकी है। आधुनिक और उन्नत सिस्टम केवल मानवीय बुद्धिमत्ता के विभिन्न पहलुओं की नकल करने या काम को स्वचालित बनाने तक सीमित नहीं हैं। वे मानवीय समझ को बढ़ाने और रचनात्मकता के नए अवसर पैदा करने में भी सक्षम हैं।
आदेश के मुताबिक, इन तकनीकों की मदद से अमेरिकी नागरिक विज्ञान, चिकित्सा और दूसरे क्षेत्रों में ऐसी उपलब्धियां हासिल कर सकते हैं, जो पहले असंभव मानी जाती थीं। प्रशासन का मानना है कि तकनीक की मौजूदा क्षमताओं को देखते हुए इसके लिए नई शब्दावली की जरूरत है।
ट्रंप के आदेश में विज्ञान और प्रौद्योगिकी मामलों के राष्ट्रपति के सहायक को 60 दिनों के भीतर कांग्रेस के सामने प्रस्तावित कानूनी भाषा पेश करने की जिम्मेदारी दी गई है। इसमें ‘सुपर इंटेलिजेंस’ की अद्यतन संघीय कानूनी परिभाषा तय करने और मौजूदा कानूनों में जरूरी बदलावों की सिफारिश करने का प्रावधान है।
यह कदम ट्रंप की ओर से व्हाइट हाउस में प्रमुख प्रौद्योगिकी कंपनियों के अधिकारियों की मेजबानी के बाद आया है। इस बैठक में एलन मस्क, मार्क जुकरबर्ग, सुंदर पिचाई और जेनसेन हुआंग जैसे उद्योग जगत के प्रमुख शामिल हुए थे। बैठक में तकनीक की तेज प्रगति और उन्नत प्रणालियों के सुरक्षित विकास पर चर्चा हुई थी। ट्रंप ने इस क्षेत्र की वृद्धि को अभूतपूर्व बताया, जबकि उद्योग जगत के नेताओं ने नई तकनीक के विकास में सहयोग और सुरक्षा के महत्व पर जोर दिया।
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