
नई दिल्ली। कश्मीर (Kashmir) की वादियों से इंसानियत और मासूमियत की एक ऐसी कहानी सामने आई है, जिसने हर किसी का दिल जीत लिया है। श्रीनगर के डल झील (Dal Lake, Srinagar) स्थित ‘मीर बहरी’ इलाके में युद्ध प्रभावित ईरान के लिए आयोजित एक डोनेशन अभियान (Donation Campaign) के दौरान 50 पैसे का एक पुराना सिक्का 17,000 में नीलाम हुआ। यह सिक्का एक 5 साल के बच्चे ने अपने गुल्लक से दान किया था।
युद्ध की विभीषिका झेल रहे लोगों की मदद के लिए इलाके में चंदा इकट्ठा किया जा रहा था। इसी दौरान एक पांच साल का बच्चा अपनी ‘पिगी बैंक’ (गुल्लक) लेकर पहुंचा। जब गुल्लक खोली गई, तो उसमें से अन्य पैसों के साथ 50 पैसे का एक सिक्का भी निकला, जो आजकल चलन में लगभग न के बराबर है। बच्चे की इस मासूम कोशिश ने वहां मौजूद लोगों को भावुक कर दिया।
17,000 की ऐतिहासिक नीलामी
बच्चे की भावना का सम्मान करने के लिए स्थानीय लोगों ने उस 50 पैसे के सिक्के की नीलामी करने का फैसला किया। देखते ही देखते बोली बढ़ती गई और अंत में यह दुर्लभ सिक्का 17,000 रुपये में नीलाम हुआ। सिक्के से प्राप्त यह पूरी राशि ईरान में राहत कार्यों के लिए भेजी जाएगी।
स्थानीय निवासी जावेद अहमद सूफी ने बच्चे के इस कदम की सराहना करते हुए कहा कि यह घटना दर्शाती है कि दान का महत्व उसकी कीमत से नहीं, बल्कि देने वाले की भावना से तय होता है। उन्होंने कहा, “एक बच्चे के लिए उसकी गुल्लक की जमापूंजी सबसे कीमती होती है। अपनी सबसे प्रिय चीज को दूसरों की मदद के लिए दे देना ही सच्ची दयालुता है।”
डाल झील के किनारे घटित इस वाकये की चर्चा पूरे श्रीनगर में हो रही है। लोग इस नन्हे फरिश्ते की तारीफ कर रहे हैं, जिसकी एक छोटी सी बचत ने युद्ध पीड़ितों की मदद के लिए एक बड़ी राशि जुटाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
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