
इंदौर। देश भर में 35000 बच्चे ऐसे हैं जो कटे फटे होंठ लेकर हर साल पैदा हो रहे हैं और उनकी जन्मजात दुर्गति के कारण परिवार जन या तो उन्हें त्याग देते है या फिर मां सहित घर से बाहर निकाल दिया जाता है।इन्ही प्रकरणों को कम करने और बच्चो को समय पर इलाज दिलाने के किये कटे होंठ और तालु को लेकर अब सरकार घर घर जागरूकता अभियान चलाने जा रही है। शहर की संस्था द्वारा रक जागरूकता रथ रवाना किया गया है । जो 11 11 जिलों में जा घर-घर जाकर न केवल कटे फटे होंठ और तालू वाले बच्चों को चिन्हित करेगी बल्कि माता-पिता को इलाज के लिए प्रोत्साहित भी करेगी।
कटे फटे होंठ व तालु वाले बच्चों को चिन्हित करने व निशुल्क उपचार उपलब्ध कराने के लिए संस्था स्माइल ट्रेन इंडिया ने मध्य प्रदेश के वंचित और दूर-दराज़ इलाकों में क्लेफ्ट के इलाज को लेकर जागरूकता और पहुंच बढ़ाने के लिए एक विशेष क्लेफ्ट जागरूकता वैन अभियान की शुरुआत की है। इंदौर स्थित स्माइल ट्रेन के पार्टनर अस्पताल केयर सीएचएल हॉस्पिटल में इस पहल का उद्घाटन झंडी दिखाकर किया गया। । इस अवसर पर डॉक्टर, क्लेफ्ट से प्रभावित बच्चे और उनके परिवार जल्दी मौजूद थे जिन्होंने अपनी दर्द भरी दास्तां बयां की।सामाजिक कलंक, गलत धारणाओं और इलाज की जानकारी के अभाव में कई बच्चों का उपचार नहीं हो पाता है। मध्य प्रदेश में जमीनी स्तर पर लोगों में जागरूकता बढ़ाने और समय पर क्लेफ्ट उपचार करने को लेकर अब गली गली जागरूकता फैलाई जॉयगी। परिवारों तक समय रहते जानकारी पहुंचाकर इलाज में होने वाली देरी को कम करनेके साथ क्लेफ्ट से जन्मे बच्चों के स्वास्थ्य और सामाजिक जीवन को बेहतर बनाने में मदद करेगी। स्माइल ट्रेन इंडिया ने मध्य प्रदेश में आठ पार्टनर अस्पतालों के माध्यम से 40,000 से अधिक नि:शुल्क क्लेफ्ट सर्जरी कराकर बच्चो की मुस्कान को लौटाया है।
निशुल्क सर्जरी-इलाज मुफ्त, टोल फ्री नंबर जारी
दक्षिण एशिया की एरिया डायरेक्टर रेनू मेहता ने कहा, भारत में आज भी क्लेफ्ट के समय पर इलाज में सबसे बड़ी बाधा जागरूकता की कमी है। परिवार को जानकारी ही नही की कटेहोंठ और तालु पूरी तरह से ठीक किए जा सकते हैं, ओर इसका इलाज बिल्कुल मुफ्त है । इसलिए एक एलईडी स्क्रीन से लैस जागरूकता वैन को औपचारिक रूप से रवाना किया गया, जो मध्य प्रदेश के 11 जिलों में यात्रा करेगी। वैन में ऑडियो-विज़ुअल सामग्री और इंटरैक्टिव टूल्स हैं, जो लोगों को क्लेफ्ट के बारे में जानकारी देने और यह संदेश देने के लिए तैयार किए गए हैं कि समय पर इलाज और सर्जरी से क्लेफ्ट पूरी तरह ठीक हो सकता है। यह वैन परिवारों को नि:शुल्क इलाज से जोडऩे में भी मदद करेगी और उन्हें स्माइल ट्रेन इंडिया की टोल-फ्री हेल्पलाइन 1800 103 8301 के माध्यम से नजदीकी अस्पताल की जानकारी देगी।
10 हजार बच्चों की मुस्कान इंदौर ने लौटाई
केयर सीएचएल हॉस्पिटल, इंदौर के मैक्सिलोफेशियल सर्जन और स्माइल ट्रेन प्रोजेक्ट डायरेक्टर डॉ. जयदीप चौहान के अनुसार क्लेफ्ट के इलाज में जल्दी पहचान और समय पर उपचार बेहद जरूरी है। स्माइल ट्रेन के सहयोग से हमारे अस्पताल ने पिछले 20 वर्षों में 10,000 से अधिक नि:शुल्क क्लेफ्ट सर्जरी की हैं। सर्जरी के साथ-साथ स्पीच थेरेपी और ऑर्थोडॉन्टिक्स उपचार की सुविधाएं भी प्रदान करते हैं। अब ऐसे बच्चे स्वस्थ, आत्मविश्वासी बनकर सामान्य जीवन जी रहे है।
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