
अमरावती। गिरते प्रजनन दर (Falling Rertility Rates) की समस्या को निपटने के लिए आंध्र प्रदेश सरकार (Andhra Pradesh Government) ने बड़ा ऐलान किया है। आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री एन. चंद्रबाबू नायडू (Chief Minister N. Chandrababu Naidu) ने गुरुवार को कहा है कि राज्य सरकार गिरती जन्म दर को बढ़ावा देने के लिए दूसरे बच्चे के जन्म पर दंपतियों को 25,000 रुपए की सौगात देने पर विचार कर रही है।
चंद्रबाबू नायडू ने विधानसभा को संबोधित करते हुए कहा कि सरकार का लक्ष्य आंध्र प्रदेश की कुल प्रजनन दर (टीएफआर) को वर्तमान 1.5 से बढ़ाकर 2.1 करना है। नायडू ने कहा, “हम एक नए तरीके पर विचार कर रहे हैं। हम दूसरे या उसके बाद होने वाले बच्चे के लिए माता-पिता को प्रसव के समय ही 25,000 रुपए देंगे। यह एक बड़ा बदलाव होगा। अगर हम ऐसा कर पाते हैं, तो यह बहुत उपयोगी होगा।”
मुख्यमंत्री ने आगे जनसंख्या प्रबंधन के महत्व पर जोर देते हुए कहा कि कई देश बढ़ती उम्र वाली आबादी के कारण चुनौतियों का सामना कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि सरकार मार्च के अंत तक जनसंख्या प्रबंधन नीति लाने और अप्रैल से इसे लागू करने की योजना बना रही है।
अमरावती में ‘क्वांटम वैली’ बनाने की योजना
इस दौरान चंद्रबाबू नायडू ने दावा किया है कि राज्य में 20 महीनों में 6.28 लाख नौकरियों का सृजन हुआ है। मुख्यमंत्री ने बताया कि सरकार संतुलित क्षेत्रीय विकास के लिए काम कर रही है और विशाखापत्तनम, अमरावती और तिरुपति को आर्थिक क्षेत्रों के रूप में विकसित किया जा रहा है। मुख्यमंत्री नायडू ने कहा, “आंध्र प्रदेश का लक्ष्य 2047 तक 2.4 ट्रिलियन अमेरिकी डॉलर की अर्थव्यवस्था बनना है।” उन्होंने बताया कि विशाखापत्तनम सूचना प्रौद्योगिकी और जीसीसी के लिए एक हब के रूप में उभरने को तैयार है। अमरावती में ‘क्वांटम वैली’ जैसा इकोसिस्टम बन रहा है। तिरुपति को अंतरिक्ष, इलेक्ट्रॉनिक्स और रक्षा उद्योग के हब के रूप में विकसित किया जाएगा। गूगल और टाटा-टीसीएस जैसी बड़ी कंपनियां विशाखापत्तनम आई हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि आर्सेलर मित्तल एक स्टील प्लांट लगा रहा है।
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