
नई दिल्ली। बॉलीवुड (Bollywood) की लोलो यानी करिश्मा कपूर(Karisma Kapoor) ने अपने करियर में कई सुपरहिट और ब्लॉकबस्टर फिल्मों(superhit and blockbuster films ) के जरिए दर्शकों के दिलों पर राज किया। 25 जून को अपना जन्मदिन मना रहीं करिश्मा कपूर का नाम 90 के दशक की सबसे सफल अभिनेत्रियों में शुमार किया जाता है। उन्होंने सलमान खान, गोविंदा, (Govinda,) आमिर खान (Aamir Khan) और शाहरुख खान जैसे बड़े सितारों के साथ काम किया और कई यादगार फिल्में दीं। हालांकि उनके फिल्मी सफर में एक ऐसी फिल्म भी रही जो बड़े पर्दे तक कभी पहुंच ही नहीं पाई। यह फिल्म थी ‘काला पानी’ जिसमें उनके साथ अजय देवगन मुख्य भूमिका में नजर आने वाले थे।
90 के दशक में करिश्मा कपूर और अजय देवगन की जोड़ी दर्शकों की पसंदीदा जोड़ियों में शामिल थी। दोनों ने जिगर, सुहाग और शक्तिमान जैसी फिल्मों में साथ काम किया और उनकी केमिस्ट्री को खूब सराहा गया। ऑनस्क्रीन हिट जोड़ी बनने के साथ-साथ दोनों की नजदीकियां वास्तविक जीवन में भी बढ़ने लगी थीं। उस दौर में फिल्मी पत्रिकाओं और मनोरंजन जगत में दोनों के रिश्ते की चर्चा आम थी। माना जाता है कि दोनों एक-दूसरे के बेहद करीब थे और उनका रिश्ता काफी गंभीर हो चुका था।
इसी दौरान निर्देशक प्रकाश झा ने करिश्मा कपूर और अजय देवगन को लेकर एक बड़े बजट की फिल्म ‘काला पानी’ बनाने की योजना बनाई। फिल्म को लेकर इंडस्ट्री में काफी उत्साह था और इसे उस समय के बड़े प्रोजेक्ट्स में गिना जा रहा था। शूटिंग भी शुरू हो चुकी थी और फिल्म का कुछ हिस्सा पूरा कर लिया गया था। लेकिन इसी बीच दोनों कलाकारों के रिश्ते में दरार आने लगी।
रिपोर्ट्स के अनुसार फिल्म की शूटिंग के दौरान अजय देवगन और करिश्मा कपूर के संबंध खराब होने लगे। कहा जाता है कि इसी दौरान अजय देवगन की जिंदगी में काजोल की एंट्री हुई और इसके बाद करिश्मा और अजय के रिश्ते में तनाव बढ़ गया। धीरे-धीरे हालात इतने बिगड़ गए कि दोनों के बीच बातचीत तक बंद हो गई। निजी जीवन में पैदा हुई यह दूरी फिल्म के सेट तक पहुंच गई और इसका असर शूटिंग पर साफ दिखाई देने लगा।
जो कलाकार कभी एक-दूसरे के साथ घंटों समय बिताते थे वे अब साथ में सीन शूट करने से भी कतराने लगे। बताया जाता है कि दोनों ने एक-दूसरे के साथ काम करने में अनिच्छा जतानी शुरू कर दी थी। निर्देशक प्रकाश झा ने मामले को संभालने और दोनों के बीच सुलह कराने की कोशिश की लेकिन कोई समाधान नहीं निकल सका। फिल्म की शूटिंग बार-बार प्रभावित होने लगी और प्रोजेक्ट पर संकट गहराता गया।
आखिरकार स्थिति ऐसी बन गई कि मेकर्स को फिल्म का काम रोकना पड़ा। करोड़ों रुपये खर्च होने और शूटिंग का बड़ा हिस्सा पूरा होने के बावजूद ‘काला पानी’ को ठंडे बस्ते में डाल दिया गया। इस फैसले से निर्माताओं को भारी आर्थिक नुकसान उठाना पड़ा। साथ ही दर्शक भी उस फिल्म को देखने से वंचित रह गए जिसे उस समय एक संभावित ब्लॉकबस्टर माना जा रहा था।
फिल्म बंद होने के बाद करिश्मा कपूर और अजय देवगन की राहें हमेशा के लिए अलग हो गईं। करिश्मा ने आगे चलकर गोविंदा और सलमान खान के साथ कई हिट फिल्में दीं जबकि अजय देवगन ने काजोल के साथ अपना जीवन और करियर आगे बढ़ाया। आज भी जब बॉलीवुड की अधूरी और अनरिलीज्ड फिल्मों का जिक्र होता है तो ‘काला पानी’ का नाम सबसे पहले लिया जाता है। यह फिल्म इस बात का उदाहरण है कि कभी-कभी निजी रिश्तों की खटास एक बड़े सिनेमाई सपने को भी अधूरा छोड़ देती है।
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