
नई दिल्ली। सावन (Sawan) का पवित्र महीना 30 जुलाई 2026 से 28 अगस्त 2026 तक रहेगा। इस दौरान कर्मफलदाता और न्याय के देवता शनिदेव (Shani Dev) मीन राशि (Pisces) में वक्री अवस्था में रहेंगे। शनि की यह वक्री चाल दिसंबर 2026 तक जारी रहने की बात कही गई है। ज्योतिष के अनुसार, आमतौर पर शनि की वक्री स्थिति को चुनौतीपूर्ण माना जाता है, लेकिन कुछ राशियों के लिए इसका प्रभाव बेहद शुभ रह सकता है। इन राशियों के जातकों को धन लाभ के साथ अटके हुए काम पूरे होने और करियर में आगे बढ़ने के अवसर मिल सकते हैं।
वृषभ राशि: आय बढ़ने के योग
वृषभ राशि वालों के लिए वक्री शनि का एकादश यानी लाभ भाव में होना आर्थिक दृष्टि से शुभ माना जा रहा है। आय के नए स्रोत और वित्तीय अवसर मिल सकते हैं। लंबे समय से रुके काम पूरे होने की संभावना है। पुराने निवेश से बड़ा लाभ मिलने के योग हैं। नौकरी और कारोबार में तरक्की के साथ नई व्यावसायिक योजनाएं भी सफल हो सकती हैं।
मिथुन राशि: नौकरी में मिल सकती है नई जिम्मेदारी
मिथुन राशि के जातकों के लिए शनि का दशम यानी कर्म भाव में गोचर कार्यक्षेत्र में सफलता के योग बनाएगा। नौकरी करने वालों को प्रमोशन, नई जिम्मेदारी या बेहतर नौकरी का अवसर मिल सकता है। पैतृक संपत्ति से जुड़े मामलों में भी सकारात्मक परिणाम आने की संभावना है।
मकर राशि: बढ़ेगा आत्मविश्वास, व्यापार में फायदा
मकर राशि के लिए तीसरे भाव में शनि की वक्री स्थिति पराक्रम, साहस और आत्मविश्वास को मजबूत कर सकती है। व्यापार के सिलसिले में होने वाली यात्राएं लाभदायक साबित हो सकती हैं। नए लोगों से संपर्क बनेंगे। विरोधियों पर जीत मिलने के साथ छोटी-मोटी परेशानियों का समाधान भी आसानी से होने की संभावना है।
कुंभ राशि: अचानक धन लाभ के संकेत
कुंभ राशि वालों के दूसरे यानी धन भाव में शनि का वक्री होना अप्रत्याशित या गुप्त स्रोतों से धन लाभ के रास्ते खोल सकता है। वाणी का प्रभाव बढ़ेगा और आर्थिक स्थिति मजबूत होने के योग हैं। अचल संपत्ति या वाहन खरीदने की संभावना भी बन सकती है।
सावन में शनिदेव को प्रसन्न करने के उपाय
– सावन के हर शनिवार शिवलिंग पर जल और काले तिल अर्पित करें।
– पीपल के पेड़ के नीचे सरसों के तेल का दीपक जलाएं।
– ‘ॐ शं शनैश्चराय नमः’ मंत्र का जाप करें।
– गरीब और जरूरतमंद लोगों को काले जूते, वस्त्र या अन्न का दान करें।
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