
ओंकारेश्वर। तीर्थ नगरी ओंकारेश्वर (Omkareshwar) के ब्रह्मपुरी घाट पर मंगलवार सुबह एक दर्दनाक हादसा हो गया। गुजरात (Gujarat) के वापी निवासी दो युवक नर्मदा नदी में स्नान के दौरान गहरे पानी में चले गए और डूब गए। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस, होमगार्ड्स, प्रशासन और बचाव दल मौके पर पहुंचा, लेकिन समाचार लिखे जाने तक दोनों युवकों का कोई सुराग नहीं लग पाया था।
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, सुबह अंधेरा होने के कारण घाट पर सुरक्षा व्यवस्था और स्थानीय लोगों की मौजूदगी नहीं थी। इसी दौरान तीन युवक नर्मदा स्नान के लिए घाट पर पहुंचे। साथ आए युवक सूरज यादव ने बताया कि उसने अंधेरा होने के कारण नहाने से मना किया था और कपड़े लेकर घाट किनारे बैठ गया, जबकि उसके दोनों साथी मनीष और विवेक नदी में उतर गए।
कुछ दूरी तक सामान्य रूप से स्नान करने के बाद दोनों युवक अचानक गहरे पानी में चले गए और डूबने लगे। घाट पर उस समय न तो नाव संचालन चालू था और न ही कोई स्थानीय व्यक्ति मौजूद था, जिससे तत्काल सहायता मिल पाती। बचाव का कोई साधन उपलब्ध न होने के कारण दोनों युवक नर्मदा की लहरों में समा गए।
डूबने वाले युवकों की पहचान
डूबने वाले युवकों की पहचान मनीष पिता डब्ल्यू. सिन्हा (22 वर्ष) एवं विवेक सिंह पिता सतीश सिंह (22 वर्ष), निवासी वापी, गुजरात के रूप में हुई है। दोनों युवक अपने मित्र सूरज यादव के साथ ओंकारेश्वर दर्शन के लिए आए थे। बताया गया है कि तीनों युवक राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) से जुड़े हुए थे।
आरएसएस ओंकारेश्वर के सदस्य एवं आचार्य पंडित पवन शर्मा ने घटना पर आक्रोश व्यक्त करते हुए कहा कि नर्मदा नदी में डूबने की घटनाएं लगातार बढ़ रही हैं, लेकिन प्रशासन सुरक्षा व्यवस्था को लेकर गंभीर नहीं है। घाटों पर चेतावनी बोर्ड, नदी की गहराई दर्शाने वाले संकेत और नियमित नाव संचालन की व्यवस्था नहीं होने के कारण ऐसे हादसे हो रहे हैं।
घटना की सूचना मिलते ही पुलिस, होमगार्ड्स और प्रशासनिक अमला मौके पर पहुंचा। गोताखोरों की मदद से नर्मदा नदी में रेस्क्यू अभियान चलाया जा रहा है। समाचार लिखे जाने तक दोनों युवकों की तलाश जारी थी। इस हादसे ने एक बार फिर तीर्थ स्थलों पर सुरक्षा व्यवस्था, घाट प्रबंधन और प्रशासनिक लापरवाही को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। श्रद्धालुओं और स्थानीय लोगों ने घाटों पर स्थायी सुरक्षा इंतजाम, चेतावनी बोर्ड और रेस्क्यू टीम की तैनाती की मांग की है, ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाओं को रोका जा सके।
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