
इंदौर। भागीरथपुरा में दूषित पानी से 21 लोगों की मौत होने के मामले ने कांग्रेस को एकता के सूत्र में पिरो दिया। न्याय यात्रा में उमड़ी भीड़ से कांग्रेस के नेताओं के चेहरे पर सुर्खी आ गई। इस स्थिति से उत्साहित कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी ने भागीरथपुरा की मौतों को चुनाव में भुनाने की कोशिश करते हुए जनता से 2027, 2028 और 2029 के चुनाव के लिए समर्थन मांग लिया।
कांग्रेस की न्याय यात्रा में वर्षों बाद भीड़ देखने को मिली। यात्रा के विशाल स्वरूप का अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि एक छोर जब बड़ा गणपति पर था तो दूसरा छोर गोराकुण्ड चौराहे पर जा पहुंचा था। यात्रा को देख लोग कह उठे कि भागीरथपुरा की मौतों ने कांग्रेसियों में जान फूंक दी और पहली बार देखने को मिला कि सभी बड़े नेता किसी मुद्दे पर एक साथ सडक़ पर उतर आए हों। संभवत: यह प्रदेश कांग्रेस की राजनीति में पहली बार हो। कांग्रेस के नेताओं ने गुटबाजी को एक तरफ रखते हुए एक-दूसरे का हाथ थाम लिया। इस यात्रा की तैयारी तो कांग्रेस ने शहर से लेकर वार्ड स्तर तक की थी और यात्रा को भी गैर राजनीतिक घोषित किया था, लेकिन भीड़ को देखकर सभी को अपनी-अपनी राजनीति याद आ गई।

नहीं ला सके अनुशासन
इस यात्रा के लिए यह तय किया गया था कि सबसे आगे महिलाएं चलेंगी, उसके बाद में पुरुष कार्यकर्ता चलेंगे। इस व्यवस्था को लाने की कोशिश यात्रा शुरू होने के पहले से की गई, लेकिन उत्साहित कांग्रेसियों ने महिलाओं को पीछे कर दिया। पूरी यात्रा में महिलाएं तीन हिस्सों में बंटकर चल रही थीं। इतनी महिलाओं को जुटाने में प्रदेश महिला कांग्रेस की अध्यक्ष रीना बौरासी सेतिया, सोनाली मिमरोट, रीता डांगरे और यशस्वी पटेल ने ताकत लगाई।
देपालपुर से आई भीड़
इस यात्रा में भाग लेने के लिए देपालपुर से बड़ी संख्या में ग्रामीण नागरिकों को लेकर कांग्रेस नेता सत्यनारायण पटेल और राधेश्याम पटेल यात्रा में पहुंचे। इस भीड़ से यात्रा की सफलता सुनिश्चित हो सकी। इसके अतिरिक्त सांवेर और राऊ क्षेत्र से भी नागरिकों की भीड़ आई थी।
पुलिस ने रोक दिए सारे रास्ते
यात्रा शुरू होने से पहले ही पुलिस ने यात्रा मार्ग के रास्तों को वाहनों के आने जाने के लिए बंद कर दिया था। इसके परिणामस्वरूप इन रास्ते की गलियों में जाम लग गया। यात्रा स्थल और यात्रा मार्ग पर पुलिस का जबरदस्त प्रबंध किया गया था।
दिग्गी जेवी के लिए रहा आकर्षण
इस यात्रा में भाग लेने के लिए वैसे तो प्रदेश के कई विधायक और बड़े नेता पहुंचे थे, लेकिन जितने नेता आए थे, उनमें पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह और उनके बेटे पूर्व मंत्री जयवर्धन सिंह के प्रति कांग्रेस के नेताओं में आकर्षण रहा। यात्रा निकालने से पहले और यात्रा के दौरान बड़ी संख्या में कार्यकर्ता इन नेताओं के साथ सेल्फी लेने में लग रहे।
पटवारी की जुबां से राऊ की हार का दर्द छलका
कल न्याय यात्रा में पटवारी का राऊ विधानसभा में हुई हार का दर्द भी छलक आया। पटवारी ने कहा, मुझे भी आप लोगों ने राऊ से हराया। मैं इकलौता विधायक था जो प्रतिदिन अपनी विधानसभा में साइकिल से घूमा करता था। लोगों की तकलीफ में उनके साथ हमेशा खड़ा रहा, मगर फिर भी मुझे हराया, मैंने कभी उफ नहीं किया।
मौन यात्रा
में सुर गूंजे
पहले दावा किया गया था कि यह यात्रा मौन रैली के रूप में रहेगी, लेकिन जब भीड़ आ गई तो फिर यात्रा में भी पूरे समय नारों की गूंज होने लगी। यह यात्रा जब राजबाड़ा पर पहुंची तो वहां पर यात्रा में शामिल ध्वनि विस्तारक यंत्र लगे वाहन से बड़े नेताओं ने संबोधित किया। इस संबोधन में जीतू पटवारी को चुनाव याद आ गए। उन्होंने 2027 में होने वाले नगर निगम चुनाव, 2028 में होने वाले विधानसभा चुनाव और 2029 में होने वाले लोकसभा चुनाव के लिए जनता से समर्थन मांग लिया और दावा कर दिया कि अब 2028 के चुनाव में प्रदेश में कांग्रेस की सरकार बनेगी।
सभा के दौरान मंच के रूप में यात्रा के आगे चल रही गाड़ी पर केवल चार लोगों के छत पर चढऩे की घोषणा माइक से हुई तो ऊपर मौजूद अजयसिंह तुरंत नीचे उतर आए जिसे देख वहां मौजूद चिन्टू चौकसे बड़े नेताओं के साथ उन्हें मनाया और दिग्विजयसिंह, हरीश चौधरी, जीतू पटवारी, उमंग सिंघार, कांतिलाल भूरिया के साथ उन्हें फिर से छत पर पहुंचाया।
राजू भदौरिया जहां यात्रा में क्रम से चलने के लिए सभी कांग्रेसियों को निर्देश दे रहे थे, वहीं बाकलीवाल हाथों में पार्टी का झंडा लेकर आने वाले सभी कांग्रेसियों को राष्ट्रीय ध्वज थमा रहे थे। शैलेष गर्ग यात्रा को आगे बढ़ा रहे थे। पटवारी ने बड़े नेताओं को भी लंबा इंतजार कराया। वे करीब 1.15 पर आयोजन स्थल पहुंचे। पटवारी खुद कांग्रेसियों से संघर्ष करते नजर आए। उनके भाई और युवा कांग्रेस अध्यक्ष अमित पटेल अपने साथियों के साथ फोटो खिंचाने आ रहे कांग्रेसियों को धकियाते रहे। बड़ा गणपति से टोरी कॉर्नर तक चले।
कांग्रेसियों ने पिया पानी गरीबों की चांदी हो गई। कांग्रेस नेताओं के लिए मंगवाई गई पानी की छोटी प्लास्टिक की बोतल खाली होने पर सडक़ पर ही फेंक दी गई, जिसे कचरा बीनने वाले पुरुष बोरे में भर रहे थे। बोतलें इतनी थी कि वह सोच रहे थे कि आज तो उनकी उड़ कर लग गई।
पटवारी ने कांग्रेसियों को आंखों से डराया। वाक्या इस प्रकार है कि कल जब पटवारी सम्बोधित कर रहे थे, तभी गाड़ी के पास खड़े कांग्रेसियों ने शोर मचाना शुरू कर दिया, जिस पर शोर मचा रहे कांग्रेसियों को आंखें दिखाई तो व चुप हुए। कल कांग्रेस की निकली न्याय यात्रा में कई कांग्रेस नेताओं की जेब कट गई। फिलहाल थाने पर एफआईआर सिर्फ तीन नम्बर विधानसभा के ब्लॉक अध्यक्ष प्रतीक मित्तल ने दर्ज करवाई, जिनकी जेब से कोई 17 हजार रुपए निकालकर ले गया। कांग्रेस नेताओं ने यात्रा में किया अनोखा प्रदर्शन। सेवादल कार्यकारी अध्यक्ष विवेक खण्डेलवाल और गिरीश जोशी आकर्षण का केन्द्र रहे। वह अपने गले में सांकेतिक नरमुण्डों की माला और हाथ में पोस्टर लेकर चल रहे थे।
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