
नई दिल्ली।उत्तर प्रदेश में दिल्ली-देहरादून नेशनल हाईवे (Delhi-Dehradun National Highway)पर कथित रूप से मुस्लिम विरोधी (anti-Muslim) आपत्तिजनक (objectionable) नारे लिखे जाने की घटना ने प्रशासन को सतर्क कर दिया है। सहारनपुर जिले(Saharanpur district) के बिहारीगढ़ थाना क्षेत्र के अंतर्गत बेहतीगढ़ के पास एनएच 72ए किनारे रेलिंग के लिए बनी दीवार पर यह नारे लिखे पाए गए। दीवार पर लिखा गया था कि यह सड़क मुसलमानों के लिए नहीं है।इस भड़काऊ (provocative) संदेश के सामने आने के बाद नेशनल हाईवे अथॉरिटी ऑफ इंडिया के एक कर्मचारी ने पुलिस में शिकायत (complaint) दर्ज कराई, जिसके आधार पर अज्ञात लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया है।
पुलिस के अनुसार मामला सामने आते ही संबंधित धाराओं में केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी गई है। शिकायत में हिंदू रक्षा दल नाम के संगठन के अज्ञात कार्यकर्ताओं पर आरोप लगाया गया है। पुलिस अधीक्षक ग्रामीण सागर जैन ने बताया कि भारतीय न्याय संहिता की धारा 353 दो के तहत मामला दर्ज किया गया है। यह धारा ऐसे बयानों और कृत्यों पर लागू होती है जो समाज में वैमनस्य या भ्रम की स्थिति पैदा कर सकते हैं। प्रशासन का कहना है कि किसी भी समुदाय के खिलाफ नफरत फैलाने वाली गतिविधियों को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और दोषियों की पहचान कर सख्त कार्रवाई की जाएगी।
इस घटना से जुड़ा एक वीडियो भी सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। वायरल फुटेज में कथित तौर पर दो युवतियां हाईवे के एक ऊंचे हिस्से पर रेलिंग के पास स्प्रे पेंट से नारे लिखती नजर आ रही हैं। पुलिस इस वीडियो की प्रामाणिकता की जांच कर रही है ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि वीडियो हालिया है और इसी स्थान का है। अधिकारियों के अनुसार वीडियो में एक कार भी दिखाई दे रही है जिसकी नंबर प्लेट उत्तराखंड में पंजीकृत बताई जा रही है। इस जानकारी के आधार पर संबंधित वाहन की पहचान करने का प्रयास किया जा रहा है।
प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि सार्वजनिक संपत्ति पर इस तरह के आपत्तिजनक संदेश लिखना न केवल कानूनन अपराध है बल्कि सामाजिक सौहार्द को भी प्रभावित करता है। हाईवे जैसे संवेदनशील और व्यस्त मार्ग पर इस प्रकार के संदेश लिखे जाने से क्षेत्र में तनाव की स्थिति बन सकती थी। पुलिस स्थानीय सीसीटीवी फुटेज खंगाल रही है और आसपास के लोगों से भी पूछताछ की जा रही है ताकि घटना की पूरी कड़ी जोड़ी जा सके।
सहारनपुर पुलिस ने लोगों से अपील की है कि वे किसी भी भड़काऊ या भ्रामक सामग्री को साझा करने से पहले उसकी सत्यता की पुष्टि करें। अधिकारियों का कहना है कि सोशल मीडिया पर वायरल सामग्री की भी गहन जांच की जाएगी और कानून व्यवस्था से खिलवाड़ करने वालों को किसी भी सूरत में बख्शा नहीं जाएगा। फिलहाल मामले की जांच जारी है और पुलिस का दावा है कि जल्द ही आरोपियों की पहचान कर आगे की विधिक कार्रवाई की जाएगी।
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