
नई दिल्ली: अफगानिस्तान (Afghanistan) के रक्षा मंत्रालय (Ministry of Defence) ने कहा है कि उसने शुक्रवार को पाकिस्तान के सैन्य ठिकानों पर हवाई हमले किए. मंत्रालय के मुताबिक, यह कार्रवाई पाकिस्तान की ओर से किए गए हमलों के जवाब में की गई. सुबह करीब 11 बजे अफगान वायुसेना ने पाकिस्तान की राजधानी इस्लामाबाद के फैजाबाद में सैन्य कैंप को निशाना बनाया. इसके अलावा नौशेरा के आर्मी कैंटोनमेंट, जमरूद की सैन्य कॉलोनी और एबटाबाद में भी कई ठिकानों पर हमले किए गए. इस्लामाबाद में हुई एयरस्ट्राइक में पाकिस्तान के आर्मी चीफ आसिम मुनीर के एडवाइजर आशिक की मौत हुई है.
अफगान रक्षा मंत्रालय ने दावा किया कि इन ऑपरेशनों को सफलतापूर्वक अंजाम दिया गया और पाकिस्तानी सेना के अहम ठिकानों, केंद्रों और सैन्य ठिकानों को निशाना बनाया गया. मंत्रालय ने यह भी कहा कि ये हमले पाकिस्तान द्वारा एक रात पहले अफगान शहरों काबुल, कंधार और पक्तिका में की गई हवाई घुसपैठ के जवाब में किए गए हैं. हालांकि इन हमलों से हुए नुकसान या हताहतों के बारे में अभी तक कोई आधिकारिक जानकारी सामने नहीं आई है. तालिबान प्रवक्ता जबीहुल्लाह मुजाहिद ने कहा कि हमने जो हमले किए हैं, वह सिर्फ शुरुआत है. हम और बड़े शहरों पर हमले करेंगे.
पाकिस्तानी रक्षा मंत्री की धमकी
पाकिस्तान के रक्षा मंत्री ख्वाजा मोहम्मद आसिफ ने शुक्रवार सुबह कहा कि अब पाकिस्तान का सब्र खत्म हो गया है और अफगानिस्तान के साथ खुले युद्ध जैसे हालात हैं. उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा कि पाकिस्तान चाहता है कि नाटो सेना के जाने के बाद अफगानिस्तान में शांति हो, अब शांति भंग हो. अफगान सरकार की ओर से उनके बयान पर कोई जवाब नहीं आया.
कुछ महीने पहले कतर और तुर्की में दोनों देशों के बीच युद्धविराम की कोशिश हुई थी, लेकिन अब फिर से तनाव बढ़ गया है. अफगानिस्तान का दावा है कि 55 पाकिस्तानी सैनिक मारे गए और कुछ को कब्जे में ले लिया गया. उसने बताया कि उसके 8 सैनिक मारे गये और 11 घायल हो गये. पाकिस्तान के सलाहकार अताउल्लाह तरार ने कहा कि केवल 2 आतंकवादी मारे गए और 3 घायल हो गए. अफगानी हमलों के जवाब में पाकिस्तान ने अफगानिस्तान के खिलाफ ऑपरेशन गजब लिल हक शुरू किया है.
पाकिस्तान ने 133 लड़ाकों को मारने का दावा किया
पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ के प्रवक्ता मोशर्रफ अली जैदी ने कहा कि कोई भी सैनिक पकड़ा नहीं गया है. उन्होंने दावा किया कि तालिबान के 133 लड़ाके मारे गए और 200 से अधिक घायल हुए. सीमा पर झड़पों के बाद टोरखम बॉर्डर पर मौजूद कई अफगान शरणार्थियों को सुरक्षित जगह भेजा गया. संयुक्त राष्ट्र के मुताबिक, पिछले साल करीब 29 लाख लोग पाकिस्तान से अफगानिस्तान लौटे. इस साल अब तक लगभग 80 हजार लोग लौट चुके हैं.
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