
इंदौर। पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग के अंतर्गत आने वाले पंचायत सचिव (Panchayat Secretaries) व रोजगार सहायकों (Employment Assistants) से दिन-रात काम तो कराया जा रहा है, लेकिन उन्हें सरकार (Government) द्वारा डीए एग्रीमेंट ( DA Agreement) नहीं दिया जा रहा है। इसके अलावा उन्हें किसी प्रकार की सुरक्षा भी नहीं मुहैया कराई जा रही है, जिसको लेकर उनमें बेहद आक्रोश है। मध्यप्रदेश पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग संयुक्त मोर्चा के आह्वान पर पूरे प्रदेश में आंदोलन (Strike) का शंखनाद कर दिया गया है। इंदौर जिले में 325 पंचायत सचिव (Panchayat Secretaries) व 220 रोजगार सहायक (Employment Assistants) आंदोलन (Movement) पर उतर गए हैं। इंदौर में कल जिला स्तर पर जहां कलेक्टर को ज्ञापन सौंपा गया, वहीं तहसील स्तर पर सभी एसडीएम को ज्ञापन सौंपकर समस्याओं का जल्द से जल्द निराकरण करने की मांग की गई। ज्ञापन में चेतावनी दी गई कि अगर सरकार (Government) जल्द से जल्द समस्याओं का निराकरण नहीं करती है तो 22 जुलाई से कलमबंद हड़ताल की जाएगी। ज्ञापन में यह भी लिखा गया कि काम के दबाव के कारण ही पिछले दिनों खरगोन के जिला पंचायत सीईओ राजेश बाहेती और गंधवानी के उपयंत्री प्रवीण पवार द्वारा आत्महत्या की गई थी।
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