
नई दिल्ली। यूपी में अगले साल यानी 2027 में विधानसभा चुनाव (assembly elections) होने हैं। इसको लेकर राजनीतिक उठापटक शुरू हो गई है। बहुजन समाज पार्टी (Bahujan Samaj Party) की सरकार में कद्दावर मंत्री रहे नेता नसीमुद्दीन सिद्दीकी (Naseemuddin Siddiqui) ने आज सपा का दामन थाम लिया है। सपा प्रमुख अखिलेश यादव ने सिद्दीकी को औपचारिक रूप से पार्टी की सदस्यता दिलाई। साथ में तीन बार के विधायक अनीस अहमद खान समेत कई पूर्व विधायक सपा में शामिल हो गए।
इसके अलावा अपना दल (S) के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष राजकुमार पाल ने भी सपा में शामिल होकर राजनीतिक समीकरणों को नया मोड़ दे दिया है। नसीमुद्दीन सिद्दीकी का सपा में आना प्रदेश की सियासत में बड़ा संदेश माना जा रहा है। माना जा रहा है कि आगामी चुनावों को देखते हुए यह सपा के लिए महत्वपूर्ण रणनीतिक बढ़त साबित हो सकती है।
सपा में शामिल होने पर नसीमुद्दीन सिद्दीकी ने कहा कि 15718 लोग आज बसपा से इस्तीफा देकर यहां (सपा) आये हैं। अखिलेश यादव ने इस मौके पर कहा कि आज जब हम लोग एक साथ हैं तो कहना चाहता हूं कि बहुजन समाज का रिश्ता सपा से और गहरा होता जा रहा है। पीडीए परिवार मजबूत हो रहा है। कहा कि इस बार होली मिलन से पहले हमारा पीडीए का होली मिलन हो रहा है। कहा कि बाबा साहब और लोहिया जी ने कोशिश की थी कि एक साथ आकर समाज को आगे ले जाये वक्त ने उन्हें मौका नहीं दिया। फूल बाबू के आने से किसी का फूल मुरझा रहा है।
प्रयागराज प्रकरण पर बात करते हुए अखिलेश यादव ने कहा कि कुछ लोग तो पूजनीय शंकराचार्य को भी अपमानित कर रहे हैं, जो पीड़ित हैं वो पीडीए है। इसलिए हम उनके साथ हैं। बिना नाम लिए यूपी सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि जो दूसरों से सर्टिफिकेट मांग रहे हैं उनका सर्टिफिकेट कहां है। कहा कि कुछ लोग कह रहे हैं कि सीएम का मतलब करप्ट माउथ भी हो सकता है। तंज कसते हुए कहा कि लखनऊ वाले कह रहे हैं कि दिल्ली की हवा खराब है, असल में दोनों की हवा खराब है।
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